फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Farmers should leave traditional farming and think about future farming: Vice Chancellor

परंपरागत छोड़ भविष्य की खेती के बारे में सोचें किसान : कुलपति

Tue, 08 Jul 2025 01:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 08 Jul 2025 01:19 AM IST
विज्ञापन
Farmers should leave traditional farming and think about future farming: Vice Chancellor
सोनीपत के क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र, मुरथल में शिविर के समापन पर स्टाल का निरीक्षण करते
सोनीपत। जय बजरंग प्रतिष्ठान संस्था का क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र, मुरथल में वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन विषय पर चल रहा सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न हो गया। इसमें मुख्य अतिथि के महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय (एमएचयू) करनाल के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा, विशिष्ट अतिथि रजिस्ट्रार डॉ. अजय यादव, कृषि विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक जगदीश सिंह गुलिया, राजेंद्र कौशिक, डॉ. जेके श्योराण, कैप्टन विनीत कुमार रहे।
विज्ञापन

कुलपति ने कहा कि किसानों को परंपरागत खेती को अलविदा कहकर भविष्य की खेती के बारे में सोचना चाहिए। समय की मांग है कि किसान जितनी तेजी से बागवानी की खेती करेगा, उसे उतना ही फायदा होगा। बागवानी खेती में न केवल फल, सब्जियां, फूलों की खेती आती है, बल्कि मधुमक्खी पालन, मशरूम, मसालों व औषधीय पौधों की खेती भी शामिल है।
विज्ञापन

कुलपति ने बताया कि किसान खेतीबाड़ी के साथ मधुमक्खी पालन कर अतिरिक्त आय कर सकते हैं। इसके लिए किसानों, युवाओं, महिलाओं को प्रशिक्षण लेना चाहिए। किसान मधुमक्खी पालन के विषय में हर जानकारी सीख सकते हैं, जो उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मधुमक्खी पालन को बागवानी में वैज्ञानिक रूप से अपनाने के लिए, मधुमक्खी पालन के आधुनिक तरीकों को समझना होगा। उन्हें अपनी बागवानी प्रथाओं में एकीकृत करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed