{"_id":"6238cb43d03af55c3c69cb53","slug":"farmers-protested-against-government-accusing-them-of-disobedience-sonipat-news-rtk6416799100","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा किसानों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा किसानों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
सोनीपत में लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते किसान। संवाद
- फोटो : Sonipat
तीनों कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से आंदोलन को वापस लेने लिए किए गए समझौते को सरकार ने पूरा नहीं किया है। इसे लेकर सोमवार को एसकेएम व अन्य संगठनों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा लघु सचिवालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। युवा किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ के नेतृत्व में पहुंचे किसानों के समर्थन में कई मजदूर यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार ने आंदोलन वापस लेने के लिए किसानों से वादा किया था कि एमएसपी पर कानून बनाने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा, लेकिन अब तक कमेटी के गठन के लिए सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। यही नहीं आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने की बात सरकार की तरफ से कही गई थी, लेकिन अब तक नाममात्र किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए गए हैं। किसानों के पास अब भी समन आ रहे हैं। रेलवे की तरफ से दर्ज मुकदमे भी वापस नहीं लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने भी 54 में से सिर्फ 17 मुकदमे वापस लेने की बात कही है, जबकि सरकार के साथ हुए समझौते में सभी मुकदमे वापस लेने की बात कही गई थी। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार प्रदीप को ज्ञापन सौंपा।
किसान लखीमपुर खीरी घटना को लेकर भी रोषित नजर आए। किसानों ने आरोप लगाया कि घटना के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को हाईकोर्ट से जमानत दिलवा दी गई, जिसके बाद घटना के एक प्रमुख गवाह पर हमला किया गया, लेकिन सरकार द्वारा जमानत के ऑर्डर के विरुद्ध अपील नहीं की गई है। किसानों ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस निर्दोष किसानों को केसों में फंसाकर गिरफ्तार कर रही है। इन किसानों को जमानत नहीं मिली है।
विज्ञापन
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की कि वह सरकार को उनके किए गए वादों को याद दिलवाएं और किसानों को न्याय दिलवाएं। किसानों ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की कानूनी गारंटी सप्ताह आयोजित करने का फैसला किया है। किसानों की मांगों को लेकर सरकार अगर कोई गंभीर कदम नहीं उठाती है तो किसानों को फिर से मजबूरी में आंदोलन शुरू करना पड़ सकता है। इस दौरान ईश्वर सिंह राठी, श्रद्धानंद सोलंकी, ब्रह्म सिंह दहिया, भगत सिंह, दलबीर सिंह, ईश्वर सिंह दहिया, सुरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार ने आंदोलन वापस लेने के लिए किसानों से वादा किया था कि एमएसपी पर कानून बनाने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा, लेकिन अब तक कमेटी के गठन के लिए सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। यही नहीं आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे भी वापस लेने की बात सरकार की तरफ से कही गई थी, लेकिन अब तक नाममात्र किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए गए हैं। किसानों के पास अब भी समन आ रहे हैं। रेलवे की तरफ से दर्ज मुकदमे भी वापस नहीं लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने भी 54 में से सिर्फ 17 मुकदमे वापस लेने की बात कही है, जबकि सरकार के साथ हुए समझौते में सभी मुकदमे वापस लेने की बात कही गई थी। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार प्रदीप को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
किसान लखीमपुर खीरी घटना को लेकर भी रोषित नजर आए। किसानों ने आरोप लगाया कि घटना के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को हाईकोर्ट से जमानत दिलवा दी गई, जिसके बाद घटना के एक प्रमुख गवाह पर हमला किया गया, लेकिन सरकार द्वारा जमानत के ऑर्डर के विरुद्ध अपील नहीं की गई है। किसानों ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस निर्दोष किसानों को केसों में फंसाकर गिरफ्तार कर रही है। इन किसानों को जमानत नहीं मिली है।
विज्ञापन
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की कि वह सरकार को उनके किए गए वादों को याद दिलवाएं और किसानों को न्याय दिलवाएं। किसानों ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की कानूनी गारंटी सप्ताह आयोजित करने का फैसला किया है। किसानों की मांगों को लेकर सरकार अगर कोई गंभीर कदम नहीं उठाती है तो किसानों को फिर से मजबूरी में आंदोलन शुरू करना पड़ सकता है। इस दौरान ईश्वर सिंह राठी, श्रद्धानंद सोलंकी, ब्रह्म सिंह दहिया, भगत सिंह, दलबीर सिंह, ईश्वर सिंह दहिया, सुरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह लोग मौजूद थे।