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तीन कृषि कानूनों को रद्द करने में हो रही देरी पर गरजे किसान, कहा नेशनल हाईवे जाम के साथ संसद भी घेर लेंगे

Mon, 07 Dec 2020 12:05 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 07 Dec 2020 12:05 AM IST
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farmers protest
सोनीपत। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर बैठे किसानों के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं। सरकार से पांच दौर की वार्ता के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं होने के चलते किसानों ने नेशनल हाईवे जाम के साथ ही संसद घेरने की चेतावनी देनी शुरू कर दी है।
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किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती तो वह पूरे देश को बंद करेंगे और बाद में संसद पर कूच करने से पीछे नहीं हटेंगे। किसानों का कहना है कि सोमवार को खिलाड़ी पुरस्कार व सम्मान लौटाएंगे और मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया है, जिसे पूरी तरह सफल बनाया जाएगा। किसानों का कहना है कि वह अपना हक लेकर ही अब वापस जाएंगे। सरकार को किसानों की बात माननी ही पड़ेगी।
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यह कहना है किसानों का
सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसानों को बार-बार बातचीत के लिए बुलाने के नाम पर तारीख पर तारीख दी जा रही है। सरकार इसे लेकर जानबूझकर देरी कर रही है। किसान अभी शांतिपूर्वक अपना धरना-प्रदर्शन कर रहा है। अगर सरकार इसे लेकर जल्द नहीं चेती तो आंदोलन लगातार बढ़ता जाएगा। बॉर्डर पर किसानों की तादाद लगातार बढ़ रही है। सरकार को चाहिए कि जल्द किसानों की समस्याओं को दूर करें। नहीं तो किसान संसद तक कूच करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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- अरविंद आर्य, करनाल
किसानों के आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास में किसानों को कभी पार्टी विशेष से समर्थित बताया जा रहा है तो कभी किसी अन्य देश से समर्थित बताकर तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। किसान आंदोलन लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है। सरकार को चाहिए कि वह किसानों से सार्थक बातचीत कर उनकी मांगों को पूरा करें। सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो सोमवार को प्रदेश भर के खिलाड़ी अपने पदक लौटा देंगे। मेरे गांव कथूरा से ही कई खिलाड़ी इसके लिए आगे आए हैं। उसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो संसद में जाने से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार को किसानों को बरगलाने के बजाय उनकी मांगों को हर हाल में पूरा कर देना चाहिए।
- सत्यवान नरवाल, प्रदेश प्रदेश उपाध्यक्ष, भाकियू, हरियाणा
किसान मिलकर केंद्र सरकार के तीनों कानूनों के खिलाफ खड़ा हो गए हैं। अब किसान पीछे नहीं हटेगा। किसानों का आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है। पंजाब के साथ ही हरियाणा और देशभर के अन्य प्रदेशों से किसान सड़क पर उतर आया है। किसान अपने दम पर यह लड़ाई लड़ रहा है। अपना राशन लेकर सड़क पर उतरे किसानों को बरगलाने की बजाय सरकार उनकी मांगों को पूरा करने की पहल करें। किसान जीतकर ही वापस जाऐंगे।

- जसप्रीत सिंह, सदस्य भाकियू, लुधियाना पंजाब
किसान अब मांगों को पूरा कराकर ही वापस जाएगा। किसानों की मांग पूरी कराने के लिए दिल्ली नहीं अगर पूरे देश को बंद करना पड़ा तो भी किसान पीछे नहीं हटेगा। समय रहते सरकार नहीं मानी तो मंगलवार को पूरे देश को बंद किया जाएगा। पूरे देश का किसान एकजुट हो चुका है। किसानों के साथ अन्य सामाजिक व कर्मचारी संगठन और आम आदमी भी खड़ा है। सरकार को चाहिए कि अब किसानों की मांगों को तत्काल प्रभाव से पूरा करे, अन्यथा किसानों का आंदोलन बढ़ता चला जाएगा।
भगत सिंह, चेयरमैन, भाकियू, हरियाणा
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