फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   farmers protest, meeting

सरकार ने नहीं भेजा ड्राफ्ट, गोली व डंडे से हटा सकती है सरकार, कृषि कानून रद्द कराकर ही हटेंगे

Wed, 09 Dec 2020 12:44 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2020 12:44 AM IST
विज्ञापन
farmers protest, meeting
सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए आंदोलन कर रहे किसानों के तेवर भारत बंद के बाद से ज्यादा तल्ख हो गए हैं। जहां किसान प्रतिनिधियों ने भारत बंद को ऐतिहासिक बताते हुए इस कारण ही गृहमंत्री के बुलावा भेजने की बात कही। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी पर भी सीधा हमला करते हुए नसीहत दी गई। जिसके बाद 13 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल गृहमंत्री अमित शाह से बात करने के लिए गया। वहीं सिंघु बॉर्डर पर कुछ किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह साफ कर दिया कि वह किसी भी हालत में खुद नहीं हटने वाले है और सरकार चाहे तो गोली व डंडे से हटा सकती है। वह कृषि कानून रद्द कराकर ही पीछे हटेंगे।
विज्ञापन

किसान मोर्चा के योगेंद्र यादव ने कहा कि भारत बंद ऐतिहासिक रहा और उन्होंने दावा किया कि 25 राज्यों में दस हजार जगहों पर बंद किया गया। इसको देखकर ही गृहमंत्री ने बैठक के लिए बुलावा भेजा। कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के साथ बातचीत के आधार पर तय किया जाएगा कि उनको बुधवार को बैठक में जाने की जरूरत है या आंदोलन को जारी रखना है। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी जड़ अहंकार है और जब तक पीएम मोदी अपने अहंकार से अधिक देश की जनता को तरजीह नहीं देंगे, यह आंदोलन समाप्त नहीं हो सकता है।
विज्ञापन

किसान नेताओं ने कहा कि आज सरकार को समझ आ गया होगा कि यह हरियाणा-पंजाब का आंदोलन नहीं है, बल्कि पूरे देश का आंदोलन है। बताया कि अन्ना हजारे ने एक दिन का सांकेतिक व्रत किसानों के लिए रखा है। किसान नेता शिवकुमार कक्का ने आरोप लगाया कि गुजरात में किसानों की आवाज को दबाया जा रहा है तो अन्य जगह यहां आने वाले किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं किसान नेता हरेंद्र सिंह लखोवाल ने बातचीत में कहा कि अब सरकार उनको गोली व लाठी से हटा सकती है, क्योंकि वह खुद कृषि कानून रद्द होने के बाद ही हटेंगे। इस तरह साफ कर दिया कि कानून वापसी व एमएसपी की गारंटी से कम पर वह मानने वाले नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान प्रतिनिधियों को नहीं भेजा गया ड्राफ्ट
किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की 5 दिसंबर को सरकार संग बातचीत के बाद एक ड्राफ्ट तैयार कराने के लिए कहा गया था और वह ड्राफ्ट 7 दिसंबर को किसान प्रतिनिधियों के पास भेजने के लिए कहा गया था। लेकिन वह ड्राफ्ट सोमवार व मंगलवार को नहीं भेजा गया। जबकि यह कहा जा रहा था कि उस ड्राफ्ट के मिलने पर वह आपस में चर्चा करेंगे और उसके बाद 9 दिसंबर की बैठक में बात होगी।

गृहमंत्री के साथ बैठक में यह गए
गृहमंत्री अमित शाह संग बैठक के लिए भाकियू नेता राकेश टिकैत, गुरनाम चढूनी, हनन मुला, शिवकुमार कक्का, बोध सिंह मानसा, बलबीर सिंह राजेवाल, रुलदू सिंह मानसा, मंजीत राय, बूटा सिंह, हरिंदर सिंह लखोवाल, दर्शन पाल, कुलवंत सिंह संधू, जगजीत सिंह दल्लेवाल गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed