{"_id":"5fcfd09a8ebc3ecf715cb3ff","slug":"farmers-protest-meeting-sonipat-news-rtk585576732","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने नहीं भेजा ड्राफ्ट, गोली व डंडे से हटा सकती है सरकार, कृषि कानून रद्द कराकर ही हटेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार ने नहीं भेजा ड्राफ्ट, गोली व डंडे से हटा सकती है सरकार, कृषि कानून रद्द कराकर ही हटेंगे
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सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए आंदोलन कर रहे किसानों के तेवर भारत बंद के बाद से ज्यादा तल्ख हो गए हैं। जहां किसान प्रतिनिधियों ने भारत बंद को ऐतिहासिक बताते हुए इस कारण ही गृहमंत्री के बुलावा भेजने की बात कही। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी पर भी सीधा हमला करते हुए नसीहत दी गई। जिसके बाद 13 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल गृहमंत्री अमित शाह से बात करने के लिए गया। वहीं सिंघु बॉर्डर पर कुछ किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह साफ कर दिया कि वह किसी भी हालत में खुद नहीं हटने वाले है और सरकार चाहे तो गोली व डंडे से हटा सकती है। वह कृषि कानून रद्द कराकर ही पीछे हटेंगे।
किसान मोर्चा के योगेंद्र यादव ने कहा कि भारत बंद ऐतिहासिक रहा और उन्होंने दावा किया कि 25 राज्यों में दस हजार जगहों पर बंद किया गया। इसको देखकर ही गृहमंत्री ने बैठक के लिए बुलावा भेजा। कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के साथ बातचीत के आधार पर तय किया जाएगा कि उनको बुधवार को बैठक में जाने की जरूरत है या आंदोलन को जारी रखना है। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी जड़ अहंकार है और जब तक पीएम मोदी अपने अहंकार से अधिक देश की जनता को तरजीह नहीं देंगे, यह आंदोलन समाप्त नहीं हो सकता है।
किसान नेताओं ने कहा कि आज सरकार को समझ आ गया होगा कि यह हरियाणा-पंजाब का आंदोलन नहीं है, बल्कि पूरे देश का आंदोलन है। बताया कि अन्ना हजारे ने एक दिन का सांकेतिक व्रत किसानों के लिए रखा है। किसान नेता शिवकुमार कक्का ने आरोप लगाया कि गुजरात में किसानों की आवाज को दबाया जा रहा है तो अन्य जगह यहां आने वाले किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं किसान नेता हरेंद्र सिंह लखोवाल ने बातचीत में कहा कि अब सरकार उनको गोली व लाठी से हटा सकती है, क्योंकि वह खुद कृषि कानून रद्द होने के बाद ही हटेंगे। इस तरह साफ कर दिया कि कानून वापसी व एमएसपी की गारंटी से कम पर वह मानने वाले नहीं है।
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किसान प्रतिनिधियों को नहीं भेजा गया ड्राफ्ट
किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की 5 दिसंबर को सरकार संग बातचीत के बाद एक ड्राफ्ट तैयार कराने के लिए कहा गया था और वह ड्राफ्ट 7 दिसंबर को किसान प्रतिनिधियों के पास भेजने के लिए कहा गया था। लेकिन वह ड्राफ्ट सोमवार व मंगलवार को नहीं भेजा गया। जबकि यह कहा जा रहा था कि उस ड्राफ्ट के मिलने पर वह आपस में चर्चा करेंगे और उसके बाद 9 दिसंबर की बैठक में बात होगी।
गृहमंत्री के साथ बैठक में यह गए
गृहमंत्री अमित शाह संग बैठक के लिए भाकियू नेता राकेश टिकैत, गुरनाम चढूनी, हनन मुला, शिवकुमार कक्का, बोध सिंह मानसा, बलबीर सिंह राजेवाल, रुलदू सिंह मानसा, मंजीत राय, बूटा सिंह, हरिंदर सिंह लखोवाल, दर्शन पाल, कुलवंत सिंह संधू, जगजीत सिंह दल्लेवाल गए।
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किसान मोर्चा के योगेंद्र यादव ने कहा कि भारत बंद ऐतिहासिक रहा और उन्होंने दावा किया कि 25 राज्यों में दस हजार जगहों पर बंद किया गया। इसको देखकर ही गृहमंत्री ने बैठक के लिए बुलावा भेजा। कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के साथ बातचीत के आधार पर तय किया जाएगा कि उनको बुधवार को बैठक में जाने की जरूरत है या आंदोलन को जारी रखना है। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी जड़ अहंकार है और जब तक पीएम मोदी अपने अहंकार से अधिक देश की जनता को तरजीह नहीं देंगे, यह आंदोलन समाप्त नहीं हो सकता है।
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किसान नेताओं ने कहा कि आज सरकार को समझ आ गया होगा कि यह हरियाणा-पंजाब का आंदोलन नहीं है, बल्कि पूरे देश का आंदोलन है। बताया कि अन्ना हजारे ने एक दिन का सांकेतिक व्रत किसानों के लिए रखा है। किसान नेता शिवकुमार कक्का ने आरोप लगाया कि गुजरात में किसानों की आवाज को दबाया जा रहा है तो अन्य जगह यहां आने वाले किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं किसान नेता हरेंद्र सिंह लखोवाल ने बातचीत में कहा कि अब सरकार उनको गोली व लाठी से हटा सकती है, क्योंकि वह खुद कृषि कानून रद्द होने के बाद ही हटेंगे। इस तरह साफ कर दिया कि कानून वापसी व एमएसपी की गारंटी से कम पर वह मानने वाले नहीं है।
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किसान प्रतिनिधियों को नहीं भेजा गया ड्राफ्ट
किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की 5 दिसंबर को सरकार संग बातचीत के बाद एक ड्राफ्ट तैयार कराने के लिए कहा गया था और वह ड्राफ्ट 7 दिसंबर को किसान प्रतिनिधियों के पास भेजने के लिए कहा गया था। लेकिन वह ड्राफ्ट सोमवार व मंगलवार को नहीं भेजा गया। जबकि यह कहा जा रहा था कि उस ड्राफ्ट के मिलने पर वह आपस में चर्चा करेंगे और उसके बाद 9 दिसंबर की बैठक में बात होगी।
गृहमंत्री के साथ बैठक में यह गए
गृहमंत्री अमित शाह संग बैठक के लिए भाकियू नेता राकेश टिकैत, गुरनाम चढूनी, हनन मुला, शिवकुमार कक्का, बोध सिंह मानसा, बलबीर सिंह राजेवाल, रुलदू सिंह मानसा, मंजीत राय, बूटा सिंह, हरिंदर सिंह लखोवाल, दर्शन पाल, कुलवंत सिंह संधू, जगजीत सिंह दल्लेवाल गए।