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Sonipat News: नई मुआवजा संशोधन नीति रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन
Mon, 25 May 2026 09:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 25 May 2026 09:45 PM IST
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फोटो : सोनीपत की छोटूराम धर्मशाला में बैठक करते किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर 29 अप्रैल से लागू नई मुआवजा संशोधन नीति का विरोध किया। किसानों ने पहले गोहाना रोड स्थित छोटूराम धर्मशाला में बैठक की। इसके बाद एडीसी अजय चोपड़ा को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने नई मुआवजा संशोधन नीति रद्द करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नए प्रावधान वापस नहीं लिए तो जल्द आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदेश में गुजर रही सभी हाईटेंशन लाइनों का काम रुकवाया जाएगा।
भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले किसान सोनीपत शहर में एकत्रित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि नई मुआवजा संशोधन नीति के जरिए मार्केट रेट तय करने की प्रक्रिया को किसानों के खिलाफ मोड़ा जा रहा है।
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उनका कहना है कि रोहतक, भिवानी, हिसार और सोनीपत समेत कई जिलों में किसानों की जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य तय नहीं किया जा रहा। आधे से भी कम कीमत पर मुआवजा निर्धारित किया जा रहा है।
किसानों ने कहा कि हरियाणा के करीब 20 जिलों में हाईटेंशन लाइनों का काम चल रहा है। इन क्षेत्रों में मार्केट रेट कमेटियों के जरिए जमीनों का मूल्यांकन किया जा रहा है लेकिन नए संशोधन में लॉटरी सिस्टम लागू कर दिया गया है जिसे किसानों ने गैरकानूनी और किसान विरोधी बताया।
उनका आरोप है कि सबसे कम वैल्यूएशन रिपोर्ट में केवल 10 फीसदी बढ़ोतरी कर मार्केट रेट तय करने का प्रावधान पावर ग्रिड प्रबंधन और बिजली विभाग को मनमानी की खुली छूट देता है।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब ने कहा कि केंद्र सरकार ने 21 मार्च 2025 को ऐतिहासिक मुआवजा नीति बनाई थी जिसे हरियाणा सरकार ने 2 जून 2025 को लागू किया। इससे किसानों को खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों के कारण होने वाले नुकसान का उचित मुआवजा मिलने लगा था लेकिन अब 10 महीने बाद किए गए संशोधन ने पूरी व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।
दहिया चौबीसा खाप के प्रधान उमेश दहिया ने किसानों को समर्थन देते हुए कहा कि वास्तविक मार्केट मूल्य तय होने तक किसानों के अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और पावर ग्रिड प्रबंधन का काम भी नहीं चलने दिया जाएगा।
इस मौके पर सरपंच कवित, संदीप, सूरज, अरुण, मोनू, कुनाल, अजय लोहचब, प्रेम, महेंद्र, सतबीर, ओमप्रकाश, अजय सोहटी, जयभगवान, जगबीर, बिजेंद्र और सुमेर मौजूद रहे।
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सोनीपत। हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर 29 अप्रैल से लागू नई मुआवजा संशोधन नीति का विरोध किया। किसानों ने पहले गोहाना रोड स्थित छोटूराम धर्मशाला में बैठक की। इसके बाद एडीसी अजय चोपड़ा को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने नई मुआवजा संशोधन नीति रद्द करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नए प्रावधान वापस नहीं लिए तो जल्द आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदेश में गुजर रही सभी हाईटेंशन लाइनों का काम रुकवाया जाएगा।
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भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले किसान सोनीपत शहर में एकत्रित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि नई मुआवजा संशोधन नीति के जरिए मार्केट रेट तय करने की प्रक्रिया को किसानों के खिलाफ मोड़ा जा रहा है।
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उनका कहना है कि रोहतक, भिवानी, हिसार और सोनीपत समेत कई जिलों में किसानों की जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य तय नहीं किया जा रहा। आधे से भी कम कीमत पर मुआवजा निर्धारित किया जा रहा है।
किसानों ने कहा कि हरियाणा के करीब 20 जिलों में हाईटेंशन लाइनों का काम चल रहा है। इन क्षेत्रों में मार्केट रेट कमेटियों के जरिए जमीनों का मूल्यांकन किया जा रहा है लेकिन नए संशोधन में लॉटरी सिस्टम लागू कर दिया गया है जिसे किसानों ने गैरकानूनी और किसान विरोधी बताया।
उनका आरोप है कि सबसे कम वैल्यूएशन रिपोर्ट में केवल 10 फीसदी बढ़ोतरी कर मार्केट रेट तय करने का प्रावधान पावर ग्रिड प्रबंधन और बिजली विभाग को मनमानी की खुली छूट देता है।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब ने कहा कि केंद्र सरकार ने 21 मार्च 2025 को ऐतिहासिक मुआवजा नीति बनाई थी जिसे हरियाणा सरकार ने 2 जून 2025 को लागू किया। इससे किसानों को खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों के कारण होने वाले नुकसान का उचित मुआवजा मिलने लगा था लेकिन अब 10 महीने बाद किए गए संशोधन ने पूरी व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।
दहिया चौबीसा खाप के प्रधान उमेश दहिया ने किसानों को समर्थन देते हुए कहा कि वास्तविक मार्केट मूल्य तय होने तक किसानों के अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और पावर ग्रिड प्रबंधन का काम भी नहीं चलने दिया जाएगा।
इस मौके पर सरपंच कवित, संदीप, सूरज, अरुण, मोनू, कुनाल, अजय लोहचब, प्रेम, महेंद्र, सतबीर, ओमप्रकाश, अजय सोहटी, जयभगवान, जगबीर, बिजेंद्र और सुमेर मौजूद रहे।

फोटो : सोनीपत की छोटूराम धर्मशाला में बैठक करते किसान। संवाद