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किसानों का एलान : मई के पहले सप्ताह में संसद कूच, 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए केएमपी रखेंगे जाम
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कुंडली बॉर्डर पर पत्रकार वार्ता करते संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। कृषि कानूनों पर सरकार का रुख देखते हुए किसानों ने संसद कूच का एलान कर दिया है। किसान मई के पहले सप्ताह में संसद भवन तक पैदल मार्च करेंगे। इसकी अगुवाई महिलाएं करेगी। किसानों ने फैसला लिया है कि सभी बॉर्डर से एक साथ पैदल मार्च करते हुए संसद के लिए निकलेंगे। संसद जाने के लिए तारीख जल्द ही तय करके घोषणा की जाएगी। इसके अलावा 10 अप्रैल को केएमपी एक्सप्रेस-वे को 24 घंटे के लिए जाम किया जाएगा। इससे पहले पांच अप्रैल को देशभर में 736 जिलों में एफसीआई के कार्यालय के बाहर 11 बजे से शाम 6 बजे तक धरना प्रदर्शन होगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी, एडवोकेट प्रेम सिंह भंगू, बूटा सिंह बुर्जगिल, सतनाम सिंह अजनाला, रविंदर कौर, सरदार संतोख सिंह, जोगेंद्र नैन, प्रदीप धनखड़ ने बताया कि संसद कूच में महिलाएं, दलित, आदिवासी, बहुजन, बेरोजगार युवा समेत समाज का हर तबका शामिल होगा। इसमें शामिल होने के लिए बॉर्डर तक लोग ट्रैक्टर व अन्य वाहनों में पहुंचेंगे और बॉर्डर से आगे नेताओं की अगुवाई में पैदल दिल्ली कूच होगा। किसान नेताओं ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर जिस तरह से पुलिस ने किसानों को गुमराह किया था, ऐसा इस बार नहीं होगा।
चढूनी ने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है। पीएम कहते हैं कि एमएसपी था और वह आगे भी रहेगा। जबकि गृह मंत्री अमित शाह से जब किसानों की बात हुई तो उन्होंने साफ मना कर दिया था कि सरकार पूरी फसल नहीं खरीद सकती। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो पीएम संसद में सभी 23 फसल एमएसपी पर खरीदने की बात कह दें। उन्होंने कहा कि यह तीनों कानून पूरी तरह रद्द कराकर ही किसान घर लौटेंगे।
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यह फैसले लिए गए
- 5 अप्रैल को एफसीआई बचाओ दिवस मनाया जाएगा और देशभर में एफसीआई के कार्यालयों का घेराव करेंगे
- 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए केएमपी को जाम किया जाएगा
- 13 अप्रैल को वैशाखी का त्योहार और खालसा दिवस दिल्ली की सीमाओं पर मनाया जाएगा
- 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर की जयंती पर संविधान बचाओ दिवस मनाया जाएगा
- 1 मई को मजदूर दिवस दिल्ली के बॉर्डर पर मनाया जाएगा
- मई के पहले सप्ताह में संसद कूच किया जाएगा
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संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी, एडवोकेट प्रेम सिंह भंगू, बूटा सिंह बुर्जगिल, सतनाम सिंह अजनाला, रविंदर कौर, सरदार संतोख सिंह, जोगेंद्र नैन, प्रदीप धनखड़ ने बताया कि संसद कूच में महिलाएं, दलित, आदिवासी, बहुजन, बेरोजगार युवा समेत समाज का हर तबका शामिल होगा। इसमें शामिल होने के लिए बॉर्डर तक लोग ट्रैक्टर व अन्य वाहनों में पहुंचेंगे और बॉर्डर से आगे नेताओं की अगुवाई में पैदल दिल्ली कूच होगा। किसान नेताओं ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर जिस तरह से पुलिस ने किसानों को गुमराह किया था, ऐसा इस बार नहीं होगा।
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चढूनी ने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है। पीएम कहते हैं कि एमएसपी था और वह आगे भी रहेगा। जबकि गृह मंत्री अमित शाह से जब किसानों की बात हुई तो उन्होंने साफ मना कर दिया था कि सरकार पूरी फसल नहीं खरीद सकती। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो पीएम संसद में सभी 23 फसल एमएसपी पर खरीदने की बात कह दें। उन्होंने कहा कि यह तीनों कानून पूरी तरह रद्द कराकर ही किसान घर लौटेंगे।
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यह फैसले लिए गए
- 5 अप्रैल को एफसीआई बचाओ दिवस मनाया जाएगा और देशभर में एफसीआई के कार्यालयों का घेराव करेंगे
- 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए केएमपी को जाम किया जाएगा
- 13 अप्रैल को वैशाखी का त्योहार और खालसा दिवस दिल्ली की सीमाओं पर मनाया जाएगा
- 14 अप्रैल को भीमराव आंबेडकर की जयंती पर संविधान बचाओ दिवस मनाया जाएगा
- 1 मई को मजदूर दिवस दिल्ली के बॉर्डर पर मनाया जाएगा
- मई के पहले सप्ताह में संसद कूच किया जाएगा