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जमीन नाम कराने का दबाव बनाने पर किसान ने निगला था जहर, मौत
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गांव पिपली के बुजुर्ग किसान ने गांव किलोहड़द में जाकर जहर खा लिया था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि तीन रिश्तेदार बुजुर्ग पर एक एकड़ जमीन को उसकी छोटी पुत्रवधू के नाम कराने का दबाव बना रहे थे। इससे तंग आकर उन्होंने जहर खा लिया था। पुलिस ने बुजुर्ग के बेटे के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव पिपली निवासी रमेश दहिया ने सदर थाना पुलिस को बताया कि वह दो भाई व तीन बहनें हैं। उनके पिता प्रताप सिंह दहिया के पास 10 एकड़ जमीन है। उन्होंने साढ़े चार-साढ़े चार एकड़ जमीन दोनों भाइयों के नाम कर दी थी। एक एकड़ जमीन उन्होंने अपने नाम पर रख ली थी। उससे वह अपना जीवन यापन करते थे। उस एक एकड़ जमीन को कुछ रिश्तेदार छोटे भाई की पत्नी के नाम कराने का दबाव बना रहे थे। रमेश दहिया ने बताया कि किलोहड़द में उसकी बुआ रहती है। उसकी बुआ का लड़का व खेवड़ा निवासी दो रिश्तेदार एक एकड़ जमीन को भाई की बहू के नाम कराने का दबाव बना रहे थे। इसके लिए गांव में पंचायत भी हुई थी। पंचायत में फैसला हुआ था कि एक एकड़ जमीन को बुजुर्ग प्रताप दहिया के नाम पर ही रहने दिया जाए, जिससे उनका खर्च चलता रहे। इस पर उसके पिता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। इससे परेशान होकर उसके पिता ने 14 दिसंबर को गांव किलोहड़द में जाकर जहर खा लिया था। उनको गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां पर उपचार के दौरान उनकी 22 दिसंबर को मौत हो गई। उनके पिता ने भी अपने बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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गांव पिपली निवासी रमेश दहिया ने सदर थाना पुलिस को बताया कि वह दो भाई व तीन बहनें हैं। उनके पिता प्रताप सिंह दहिया के पास 10 एकड़ जमीन है। उन्होंने साढ़े चार-साढ़े चार एकड़ जमीन दोनों भाइयों के नाम कर दी थी। एक एकड़ जमीन उन्होंने अपने नाम पर रख ली थी। उससे वह अपना जीवन यापन करते थे। उस एक एकड़ जमीन को कुछ रिश्तेदार छोटे भाई की पत्नी के नाम कराने का दबाव बना रहे थे। रमेश दहिया ने बताया कि किलोहड़द में उसकी बुआ रहती है। उसकी बुआ का लड़का व खेवड़ा निवासी दो रिश्तेदार एक एकड़ जमीन को भाई की बहू के नाम कराने का दबाव बना रहे थे। इसके लिए गांव में पंचायत भी हुई थी। पंचायत में फैसला हुआ था कि एक एकड़ जमीन को बुजुर्ग प्रताप दहिया के नाम पर ही रहने दिया जाए, जिससे उनका खर्च चलता रहे। इस पर उसके पिता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। इससे परेशान होकर उसके पिता ने 14 दिसंबर को गांव किलोहड़द में जाकर जहर खा लिया था। उनको गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां पर उपचार के दौरान उनकी 22 दिसंबर को मौत हो गई। उनके पिता ने भी अपने बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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