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वर्ल्ड चैम्पियनशिपः बजरंग पूनिया को कजाख्सतान के पहलवान ने आंख में अंगुली मारी, नाखून भी गड़ाए
Fri, 20 Sep 2019 01:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अंकित चौहान
अंकित चौहान
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2019 01:25 PM IST
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बजरंग पूनिया
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कजाख्सतान में चल रही वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पहलवान बजरंग पूनिया ने भले ही ओलंपिक क्वालीफाई कर लिया हो और वह ब्रांज मेडल की दौड़ में शामिल हो। लेकिन कजाख्सतान के पहलवान दौलत नियाजबेको के खेल भावना के विपरीत लड़ी गई कुश्ती व रेफरियों के गलत फैसलों ने बजरंग पूनिया के साथ ही देश से गोल्ड मेडल छीन लिया। कजाख्सतान के पहलवान ने डेंजर कुश्ती खेलते हुए बजरंग की आंख में अंगुली मारी तो उसके शरीर पर नाखून तक गड़ाए गए। बजरंग को दांव लगाने पर प्वाइंट तक नहीं दिए गए तो कजाख्सतान के पहलवान को कुश्ती के बीच में रेस्ट दे दिया गया। इस तरह गलत फैसले होने पर भारतीय कोच ने गुस्से में कुर्सियां तक फेंक दीं, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ और बजरंग पूनिया को बराबर अंक आने के बाद भी हरा दिया गया। जिसपर फेडरेशन के अध्यक्ष व कोच समेत गुरु योगेश्वर दत्त तक ने नाराजगी जताई है।
वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में बजरंग पूनिया की भिड़ंत मेजबान कजाख्सतान के पहलवान दौलत नियाजबेको के साथ हुई। बजरंग पूनिया के लिए मेजबान देश का पहलवान होना ही हार का कारण बन गया। भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि एक बार ही गलत फैसला नहीं दिया, बल्कि बजरंग के लिए कई गलत फैसले हार का कारण बने। कजाख्सतान के पहलवान ने बजरंग पूनिया की आंख में अंगुली मार दी तो उसके शरीर पर नाखून भी गड़ा दिए। बजरंग को दोनों जगह डेंजर कुश्ती के कारण प्वाइंट मिलने चाहिए थे, लेकिन केवल एक बार ही सपोर्ट में प्वाइंट दिया गया।
बजरंग पूनिया ने जब चार का दांव लगाया तो दोनों पहलवान डेंजर जोन में आ गए और उस समय केवल कजाख्सतान के पहलवान को प्वाइंट दिए गए, जबकि वहां बजरंग को भी दो प्वाइंट मिलने चाहिए थे। इसके अलावा कजाख्सतान के पहलवान को बीच में रेस्ट दे दिया गया। इस तरह लगातार गलत फैसलों के कारण कोच भड़क भी गए और वहां कुर्सियां फेंकने के साथ ही चेयरमैन के सामने विरोध जताया गया। उसके बावजूद भी मेजबान देश का पहलवान होने के कारण उनकी बात नहीं सुनी गई।
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उसके बाद भी बजरंग व नियाजबेको के बराबर प्वाइंट थे, लेकिन नियाजबेको को ज्यादा प्वाइंट के दांव होने के कारण जीत दिला दी गई। इस तरह देश के हाथ से एक गोल्ड मेडल चला गया। इसको लेकर ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में गए भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण ने भी नाराजगी जताई है तो बजरंग पूनिया के गुरु योगेश्वर दत्त भी नाराज हो गए। योगेश्वर दत्त ने कहा कि कजाख्सतान ने गलत कुश्ती खेली और उसके बावजूद उसपर कार्रवाई नहीं की गई जो पूरी तरह से गलत है।
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वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में बजरंग पूनिया की भिड़ंत मेजबान कजाख्सतान के पहलवान दौलत नियाजबेको के साथ हुई। बजरंग पूनिया के लिए मेजबान देश का पहलवान होना ही हार का कारण बन गया। भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि एक बार ही गलत फैसला नहीं दिया, बल्कि बजरंग के लिए कई गलत फैसले हार का कारण बने। कजाख्सतान के पहलवान ने बजरंग पूनिया की आंख में अंगुली मार दी तो उसके शरीर पर नाखून भी गड़ा दिए। बजरंग को दोनों जगह डेंजर कुश्ती के कारण प्वाइंट मिलने चाहिए थे, लेकिन केवल एक बार ही सपोर्ट में प्वाइंट दिया गया।
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बजरंग पूनिया ने जब चार का दांव लगाया तो दोनों पहलवान डेंजर जोन में आ गए और उस समय केवल कजाख्सतान के पहलवान को प्वाइंट दिए गए, जबकि वहां बजरंग को भी दो प्वाइंट मिलने चाहिए थे। इसके अलावा कजाख्सतान के पहलवान को बीच में रेस्ट दे दिया गया। इस तरह लगातार गलत फैसलों के कारण कोच भड़क भी गए और वहां कुर्सियां फेंकने के साथ ही चेयरमैन के सामने विरोध जताया गया। उसके बावजूद भी मेजबान देश का पहलवान होने के कारण उनकी बात नहीं सुनी गई।
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उसके बाद भी बजरंग व नियाजबेको के बराबर प्वाइंट थे, लेकिन नियाजबेको को ज्यादा प्वाइंट के दांव होने के कारण जीत दिला दी गई। इस तरह देश के हाथ से एक गोल्ड मेडल चला गया। इसको लेकर ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में गए भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण ने भी नाराजगी जताई है तो बजरंग पूनिया के गुरु योगेश्वर दत्त भी नाराज हो गए। योगेश्वर दत्त ने कहा कि कजाख्सतान ने गलत कुश्ती खेली और उसके बावजूद उसपर कार्रवाई नहीं की गई जो पूरी तरह से गलत है।