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यूनिवर्सिटी में टॉप आने वाली महिला कॉलेज की छात्राओं को हर साल मिलेगी ट्रॉफी व प्रोत्साहन राशि
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गोहाना। शहर के राजकीय महिला कॉलेज की जो छात्राएं अब परीक्षाओं के परिणाम में यूनिवर्सिटी की टॉप-10 सूची में शामिल होंगी, उन्हें हर साल एक ट्रॉफी व प्रोत्साहन राशि बतौर इनाम में मिलेगी। इसके लिए प्राचार्य डॉ. दिनेश सहारन ने कॉलेज में एक लाख रुपये एफडी कराते हुए यह योजना शुरू की है। इस राशि से आने वाले ब्याज के रुपयों से हर साल यूनिवर्सिटी में अव्वल आने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। प्राचार्य ने यह निर्णय अपने नाना-नानी की प्रेरणा से छात्राओं को बेहतर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए लिया है।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. दिनेश सहारन गांव नूरनखेड़ा निवासी सूरजमल सांगवान व भगवानी देवी के नाती हैं। यह दंपती पूर्व सांसद दिवंगत किशन सिंह सांगवान के माता-पिता हैं। प्राचार्य डॉ. दिनेश सहारन ने बताया कि जब वह छोटे थे तो उनकी मां ने चंडीगढ़ में जेबीटी करने के चलते उन्हें करीब ढाई साल तक नाना-नानी के पास छोड़ दिया था। इस अवधि में नाना-नानी ने न केवल उनकी अच्छी तरह से देखभाल की, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित भी किया। उनकी प्रेरणा से ही आज वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। इसके चलते उन्होंने अपने नाना-नानी की प्रेरणा से कॉलेज में एक लाख रुपये की एफडी कराई है।
इस एफडी की राशि का जितना ब्याज एक साल में आएगा, उससे यूनिवर्सिटी की टॉप-10 में आने वाली छात्रा को एक ट्रॉफी व प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। यह पुरस्कार योजना भविष्य में भी चलती रहेगी। जो भी यहां कॉलेज में प्राचार्य होंगे, वह इस राशि को अव्वल छात्राओं को देकर सम्मानित करते रहेंगे। अगर किसी वर्ष दो या उससे अधिक छात्राएं अव्वल सूची में शामिल रहीं तो उन्हें उसी अनुसार राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा किसी वर्ष अगर कॉलेज की एक भी छात्रा यूनिवर्सिटी टॉप-10 में नहीं रही तो अगले वर्ष अव्वल आने वाली छात्रा को यह पुरस्कार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे अन्य छात्राएं भी बेहतर पढ़ाई के लिए अग्रसर होंगी।
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कॉलेज प्राचार्य डॉ. दिनेश सहारन गांव नूरनखेड़ा निवासी सूरजमल सांगवान व भगवानी देवी के नाती हैं। यह दंपती पूर्व सांसद दिवंगत किशन सिंह सांगवान के माता-पिता हैं। प्राचार्य डॉ. दिनेश सहारन ने बताया कि जब वह छोटे थे तो उनकी मां ने चंडीगढ़ में जेबीटी करने के चलते उन्हें करीब ढाई साल तक नाना-नानी के पास छोड़ दिया था। इस अवधि में नाना-नानी ने न केवल उनकी अच्छी तरह से देखभाल की, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित भी किया। उनकी प्रेरणा से ही आज वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। इसके चलते उन्होंने अपने नाना-नानी की प्रेरणा से कॉलेज में एक लाख रुपये की एफडी कराई है।
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इस एफडी की राशि का जितना ब्याज एक साल में आएगा, उससे यूनिवर्सिटी की टॉप-10 में आने वाली छात्रा को एक ट्रॉफी व प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। यह पुरस्कार योजना भविष्य में भी चलती रहेगी। जो भी यहां कॉलेज में प्राचार्य होंगे, वह इस राशि को अव्वल छात्राओं को देकर सम्मानित करते रहेंगे। अगर किसी वर्ष दो या उससे अधिक छात्राएं अव्वल सूची में शामिल रहीं तो उन्हें उसी अनुसार राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा किसी वर्ष अगर कॉलेज की एक भी छात्रा यूनिवर्सिटी टॉप-10 में नहीं रही तो अगले वर्ष अव्वल आने वाली छात्रा को यह पुरस्कार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे अन्य छात्राएं भी बेहतर पढ़ाई के लिए अग्रसर होंगी।
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