फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Employees will observe black day on August 1 in protest against UPS

Sonipat News: यूपीएस के विरोध में कर्मचारी एक अगस्त को मनाएंगे काला दिवस

Sat, 28 Jun 2025 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 28 Jun 2025 11:16 PM IST
विज्ञापन
Employees will observe black day on August 1 in protest against UPS
सोनीपत। प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने बैठक कर एक अगस्त से हरियाणा के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू करने की घोषणा की है। अब कर्मचारी एनपीएस छोड़कर यूपीएस में जा सकेंगे। यह योजना कर्मचारी हित में नहीं है। यूपीएस के विरोध में जिलास्तर पर कर्मचारी 1 अगस्त को काला दिवस मनाकर कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे।
विज्ञापन

पुरानी पेंशन योजना के लिए राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) के आईटी सेल प्रभारी एवं पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेश के मुख्य सलाहकार डॉ. प्रमोद ईष्टकान ने कहा कि यदि सरकार कर्मचारी व अधिकारियों को कुछ देना ही चाहती है तो यूपीएस के साथ ओपीएस का विकल्प भी दे, ताकि कर्मचारी अपने विवेक से जिसमें जाना चाहे जा सके।
विज्ञापन

देशभर में एनएमओपीएस व हरियाणा में पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले कई वर्ष से पुरानी पेंशन की मांग की जा रही है। केंद्रीय मंत्री एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन भी किया गया था। इसकी केवल एक ही बैठक हुई है। सरकार ने अगली बैठक का कोई समय तय नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सरकार यदि कर्मचारी हित में कुछ निर्णय लेना चाहती है तो पेंशन बहाली संघर्ष समिति के साथ बनी कमेटी से वार्ता करे। यूपीएस केवल बाजार में निवेश करवाने व बड़े उद्योगपतियों को लाभ देने की योजना साबित होगी।

यूपीएस में होंगी यह खामियां
डॉ. प्रमोद ईष्टकान ने बताया कि यूपीएस में कई खामियां हैं। इसमें 50 फीसदी पेंशन तब मिलेगी। जब कर्मचारी की सेवा अवधि कम से कम 25 वर्ष की होगी। ओपीएस में यह पात्रता 10 वर्ष है। कर्मचारी के सेवाकाल में जमा अंशदान की सेवानिवृत्ति व मृत्यु पर भी वापसी नहीं होगी। सेवानिवृति के उपरांत मिलने वाली पेंशन की सरकार की जिम्मेदारी नहीं होगी। पेंशन पूर्ण रूप से बाजार पर आधारित होगी। जीपीएफ की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यूपीएस में स्वचालित डीए बढ़ोतरी लागू नहीं है। ओपीएस की तरह यूपीएस में अंशदान की एकमुश्त निकासी नहीं होगी। परिवार को मिलने वाली पेंशन में कटौती होगी। इस्तीफा देने पर पेंशन नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed