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शर्मसार : नवजात बच्ची को रजवाहे के पास फेंका
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शहर के रोहतक मार्ग पर ममता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। किसी ने एक नवजात बच्ची को सड़क के पास रजवाहे के किनारे फेंक दिया। मामला 1 जून का है, जब सड़क किनारे मिली बच्ची को उठाकर एक महिला ने निसंतान दंपती को दे दिया। अब मामले की जानकारी मिलने पर बाल कल्याण समिति की टीम खरखौदा पहुंची और नवजात को अपने साथ ले गई। टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के बाद उसे रेवाड़ी की स्पेशल अडॉप्शन एजेंसी भेज दिया है।
एक महिला एक जून को शहर के रोहतक मार्ग पर रजवाहे के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान उसे एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। महिला ने देखा कि एक नवजात बच्ची शाल में लिपटी हुई है। वह लगातार बिलख रही थी। उसके आसपास कोई नहीं था। महिला ने तुरंत नवजात बच्ची को संभाला और आसपास के लोगों से नवजात को लेकर पता किया, लेकिन किसी ने भी कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद महिला ने बच्ची को शहर के एक निसंतान दंपती को सौंप दिया। उसके बाद से बच्ची दंपती के पास थी। अब क्राइम बांच को मामले की सूचना लगी तो उन्होंने बाल कल्याण समिति को अवगत कराया, जिस पर सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन अनीता शर्मा, सुनीता देवी, बबीता पालीवाल, पूनम शर्मा व सोशल वर्कर उपासना ने बच्ची को दंपती से लिया और उसे अस्पताल में ले जाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर नवजात को स्पेशल अडॉप्शन एजेंसी रेवाड़ी भेज दिया गया। सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन अनीता शर्मा ने अपील की है कि इस तरह से बच्चों को लावारिस न छोड़ें, यह मानवता का धर्म नहीं है। अगर कोई बच्चों का पालन-पोषण नहीं कर सकता है तो सीडब्ल्यूसी को सूचना दें। साथ ही बच्चा मिलने पर उसे अपने पास रखने की बजाय उनकी टीम को अवगत कराएं। उसे नियम के अनुसार गोद लिया जा सकता है।
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एक महिला एक जून को शहर के रोहतक मार्ग पर रजवाहे के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान उसे एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। महिला ने देखा कि एक नवजात बच्ची शाल में लिपटी हुई है। वह लगातार बिलख रही थी। उसके आसपास कोई नहीं था। महिला ने तुरंत नवजात बच्ची को संभाला और आसपास के लोगों से नवजात को लेकर पता किया, लेकिन किसी ने भी कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद महिला ने बच्ची को शहर के एक निसंतान दंपती को सौंप दिया। उसके बाद से बच्ची दंपती के पास थी। अब क्राइम बांच को मामले की सूचना लगी तो उन्होंने बाल कल्याण समिति को अवगत कराया, जिस पर सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन अनीता शर्मा, सुनीता देवी, बबीता पालीवाल, पूनम शर्मा व सोशल वर्कर उपासना ने बच्ची को दंपती से लिया और उसे अस्पताल में ले जाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर नवजात को स्पेशल अडॉप्शन एजेंसी रेवाड़ी भेज दिया गया। सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन अनीता शर्मा ने अपील की है कि इस तरह से बच्चों को लावारिस न छोड़ें, यह मानवता का धर्म नहीं है। अगर कोई बच्चों का पालन-पोषण नहीं कर सकता है तो सीडब्ल्यूसी को सूचना दें। साथ ही बच्चा मिलने पर उसे अपने पास रखने की बजाय उनकी टीम को अवगत कराएं। उसे नियम के अनुसार गोद लिया जा सकता है।
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