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Sonipat News: पावर हाउस परिसर में दूसरे दिन भी धरना पर बैठे बिजली कर्मचारी
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गोहाना। पावर हाउस कार्यालय परिसर में बिजली कर्मचारियों ने शुक्रवार को दूसरे दिन दो घंटे सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान निगम के सभी कार्यालय में कामकाज बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने करंट लगने से किसान और बिजली कर्मचारी की मौत मामले में 5 लोगों को सस्पेंड करने के मामले में एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण फीडर से खेतों की लाइन जोड़ने वाले किसानों पर भी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। कर्मचारी नेता अनिल शर्मा ने आरोप लगाया कि हादसे का कारण बैक सप्लाई था और पावर हाउस से बिजली की सप्लाई नहीं हुई थी। इसके बावजूद पावर हाउस ऑपरेटर को निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि कुछ किसानों ने ट्यूबवेल चलाने के लिए ग्रामीण फीडर की लाइन से अवैध रूप से तार जोड़ रखे थे। कर्मचारियों ने लाइन के तार नीचे होने की सूचना अधिकारियों को पहले ही दे दी थी, लेकिन इस संबंध में कार्रवाई नहीं की गई। शर्मा ने कहा कि हादसे के बाद कर्मचारियों को ही दोषी मानकर निलंबित किया गया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
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एक्सईएन राजसिंह सिंहमार ने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने लाइन को खंभे से ठीक कराने और लाइन चालू करने वाले किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की बात कही। धरने में सुरेश यादव, प्रदीप, पवन कुमार, नितेश शर्मा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण फीडर से खेतों की लाइन जोड़ने वाले किसानों पर भी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। कर्मचारी नेता अनिल शर्मा ने आरोप लगाया कि हादसे का कारण बैक सप्लाई था और पावर हाउस से बिजली की सप्लाई नहीं हुई थी। इसके बावजूद पावर हाउस ऑपरेटर को निलंबित कर दिया गया।
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उन्होंने कहा कि कुछ किसानों ने ट्यूबवेल चलाने के लिए ग्रामीण फीडर की लाइन से अवैध रूप से तार जोड़ रखे थे। कर्मचारियों ने लाइन के तार नीचे होने की सूचना अधिकारियों को पहले ही दे दी थी, लेकिन इस संबंध में कार्रवाई नहीं की गई। शर्मा ने कहा कि हादसे के बाद कर्मचारियों को ही दोषी मानकर निलंबित किया गया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
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एक्सईएन राजसिंह सिंहमार ने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने लाइन को खंभे से ठीक कराने और लाइन चालू करने वाले किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की बात कही। धरने में सुरेश यादव, प्रदीप, पवन कुमार, नितेश शर्मा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।