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अब फाइनल ईयर के विद्यार्थी भी परीक्षा के बिना पास होंगे, जिले के 15 हजार विद्यार्थियों को फायदा

Wed, 24 Jun 2020 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2020 12:15 AM IST
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education
सोनीपत। प्रदेश से बाहर के फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के नंबर देकर उत्तीर्ण व प्रदेश के विद्यार्थियों को परीक्षा देकर उत्तीर्ण करने के आदेश को जहां खींचतान चल रही थी। वहीं सरकार ने अब प्रदेश के रहने वाले फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा में छूट कर दी है और उनको भी परीक्षा के बिना पास किया जाएगा। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बावजूद एमडीयू ने अपनी परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी कर दिया था और इसको देखते हुए ही हरियाणा राजकीय कालेज शिक्षक एसोसिएशन ने राज्यपाल को सभी के साथ ही फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को भी औसत अंकों के आधार पर पास करने की मांग उठाई थी तो विद्यार्थी भी लगातार इसकी मांग कर रहे थे। जिसपर सरकार ने फाइनल ईयर के विद्यार्थी भी बिना परीक्षा के पास कराने के आदेश जारी कर दिए और विद्यार्थियों को किस आधार पर नंबर दिए जाएंगे, वह भी साफ कर दिया। जिससे जिले के फाइनल ईयर के लगभग 15 हजार विद्यार्थियों को परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी।
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उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रदेश से बाहर के सभी विद्यार्थियों को फाइनल ईयर में बिना परीक्षा के औसत नंबर देकर पास करने के आदेश दिए थे। जिसपर हरियाणा के रहने वाले विद्यार्थियों ने आपत्ति जताते हुए आंदोलन शुरू कर दिया था कि उनको भी पिछली परीक्षा के आधार पर औसत नंबर देकर पास किया जाए। इसके बावजूद एमडीयू ने परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया था। जिसको देखते हुए हरियाणा राजकीय कालेज शिक्षक एसोसिएशन ने परीक्षा नहीं कराने की मांग उठाते हुए राज्यपाल को पत्र लिखा था। जिसमें कहा गया था कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, ऐसे में परीक्षा कराना मुश्किल है और इससे संक्रमण फैल सकता है। जिसके बाद ही उच्चतर एवं तकनीकि शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अंकुर गुप्ता ने फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के पास करने के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही सभी विद्यार्थियों को किस आधार पर नंबर दिए जाएंगे, उसके भी आदेश जारी किए गए। प्रथम वर्ष या सेमेस्टर के विद्यार्थियों को आंतरिक परीक्षा के आधार पर औसत नंबर दिए जाएंगे। इसके अलावा अन्य वर्ष व सेमेस्टर के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत नंबर आंतरिक परीक्षा व 50 प्रतिशत नंबर पिछले वर्ष या सेमेस्टर के आधार पर दिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रैक्टिल में 80 प्रतिशत नंबर दिए जाएंगे। इनमें कोई विद्यार्थी सामान्य हालात होने पर नंबर सुधार के लिए परीक्षा देना चाहता है तो वह बाद में परीक्षा दे सकता है। यह भी साफ किया गया है कि अगर कोई यूनिवर्सिटी अपनी जिम्मेदारी पर ऑनलाइन परीक्षा कराना चाहती है तो वह परीक्षा करा सकती है।
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कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और ऐसे में परीक्षा कराना किसी भी हालत में ठीक नहीं था। इसको देखते हुए ही हरियाणा राजकीय कालेज शिक्षक एसोसिएशन ने फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा नहीं कराने की मांग उठाते हुए राज्यपाल को पत्र लिखा था। जिसको सरकार ने मान लिया है और अब किसी की परीक्षा नहीं होगी।
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-डॉ. शर्मिला बधवार, जनरल सेक्रेटरी हरियाणा राजकीय कॉलेज शिक्षक एसोसिएशन
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सरकार ने आदेश जारी कर दिया है कि अब फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा नहीं होगी और उनको पास कर दिया जाएगा। वह बाद में स्थिति सामान्य होने पर परीक्षा दे सकते हैं। इसको लेकर यूनिवर्सिटी अपना प्लान तैयार करेगी और किस आधार पर नंबर दिए जाने हैं। इसपर पूरी प्लानिंग करके परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।
-प्रो. राजेंद्र अनायत, वीसी मुरथल यूनिवर्सिटी
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