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‘मिशन स्ट्रे कैटल’ को आगे बढ़ाने के लिए बनाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 09 Dec 2015 11:47 PM IST
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-मिशन स्ट्रे कैटल के तहत ‘सो रहे ग्वाले जाग गए वर्दी वाले’ शीर्षक पर बनाए गए डॉक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग के समापन पर रोहतक रेंज के आईजी श्रीकांत जाधव ने टीम को बधाई दी। फिल्म के निर्देशक गन्नौर निवासी सुशील मस्ताना ने कहा कि इस मिशन की शुरुआत रोहतक रेंज के आईजी श्रीकांत जाधव ने की थी और हम सब मिलकर इस अभियान को सफल बनाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस फिल्म के माध्यम से लोगों को गायों की रक्षा करने और सड़कों व गलियों में घूमने वाले गोवंश को गौशाला में छोड़ने का संदेश देने की कोशिश की गई है। आईजी श्रीकांत जाधव ने कहा कि गाय हिंदू संस्कृति का हिस्सा है और उन्हें मां कहकर पूजा भी की जाती है। हालांकि इसके बाद भी गायों की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया जाता है। गाय को जब घर से निकाला जाता है तब वह खाने के लिये कूड़े-करकट में जाती है। जहां वह पॉलीथिन भी खाती है। जिससे गाय की हालत काफी खराब हो जाती है। गाय की हालत में सुधार लाने के लिये प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि पशुओं को लावारिस छोड़ना दंडनीय अपराध है। गोवंश की रक्षा करने के उद्देश्य से बनाई गई यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म लोगों का मार्गदर्शन करेगी।
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उन्होंने बताया कि इस फिल्म के माध्यम से लोगों को गायों की रक्षा करने और सड़कों व गलियों में घूमने वाले गोवंश को गौशाला में छोड़ने का संदेश देने की कोशिश की गई है। आईजी श्रीकांत जाधव ने कहा कि गाय हिंदू संस्कृति का हिस्सा है और उन्हें मां कहकर पूजा भी की जाती है। हालांकि इसके बाद भी गायों की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया जाता है। गाय को जब घर से निकाला जाता है तब वह खाने के लिये कूड़े-करकट में जाती है। जहां वह पॉलीथिन भी खाती है। जिससे गाय की हालत काफी खराब हो जाती है। गाय की हालत में सुधार लाने के लिये प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि पशुओं को लावारिस छोड़ना दंडनीय अपराध है। गोवंश की रक्षा करने के उद्देश्य से बनाई गई यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म लोगों का मार्गदर्शन करेगी।
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