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Sonipat News: दिव्यांग बेटी ने 17 माह में काटे 30 चक्कर और नापे 500 किमी, फिर भी नहीं मिला सम्मान भत्ता
Wed, 20 Nov 2024 03:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 20 Nov 2024 03:34 AM IST
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फोटो 05- सोनीपत के गांव बाघडू की पेंशन पात्र साक्षी। संवाद
गांव बाघडू की दिव्यांग बेटी पेंशन के लिए 17 माह में समाज कल्याण विभाग कार्यालय के 30 चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। अधिकारी हर बार केवल आश्वासन देकर लौटा देते हैं। हालांकि इससे पहले तक विभाग की ओर से बेटी को दिव्यांग पेंशन दी जा रही थी। 17 माह पहले जन्मतिथि में गड़बड़ी बताकर अचानक पेंशन काट दी गई। अब दिव्यांग बेटी कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाकर थक चुकी हैं।
सोनीपत के गांव बाघडू निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी दिव्यांग बेटी साक्षी की पेंशन बनवाने के लिए 1 अप्रैल 2013 को जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में आवेदन किया था। इसके बाद अधिकारियों ने पेंशन शुरू करने के लिए पूरा साल लगा दिया। वर्ष 2014 से साक्षी को विभाग की ओर से दिव्यांगता पेंशन दी जाने लगी। अचानक जून 2023 में विभाग के अधिकारियों ने बेटी की जन्मतिथि में गलती बताते हुए पेंशन रोक दी। उनका परिवार 17 माह में करीब 30 बार समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के चक्कर काट चुका है। उनका गांव बाघडू जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय से करीब 8.5 किलोमीटर दूर है। इस प्रकार आने-जाने में साक्षी करीब 500 किलोमीटर की दूरी नाप चुकी है, लेकिन फिर भी जिम्मेदार उनकी बेटी की दिव्यांगता पर भी तरस नहीं खा रहे।
पिछले सप्ताह ही अधिकारियों ने किसी फाॅर्म पर हस्ताक्षर करवाकर जल्द पेंशन शुरू किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उनकी 23 साल की बेटी साक्षी की पेंशन शुरू नहीं की गई है। विभाग के अधिकारी मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी बेटी की पेंशन जल्द शुरू करवाई जाए।
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लड़की की पेंशन को लेकर अधिकारियों से बात की गई है। पेंशन में लिपिकीय गलती (क्लेरिकल मिस्टेक) के चलते उनकी दिव्यांगता की पेंशन कट गई थी। विभाग गलती में सुधार कर रहा है। दस्तावेजों को जल्द मुख्यालय भेज दिया जाएगा। मुख्यालय से पास होने के बाद युवती को फिर से पेंशन का लाभ मिल सकेगा। विभाग सभी पात्र लोगों को पेंशन मुहैया करवाने का प्रयास कर रहा है।
- रेनू सिसोदिया, समाज कल्याण अधिकारी, सोनीपत।
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सोनीपत के गांव बाघडू निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी दिव्यांग बेटी साक्षी की पेंशन बनवाने के लिए 1 अप्रैल 2013 को जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में आवेदन किया था। इसके बाद अधिकारियों ने पेंशन शुरू करने के लिए पूरा साल लगा दिया। वर्ष 2014 से साक्षी को विभाग की ओर से दिव्यांगता पेंशन दी जाने लगी। अचानक जून 2023 में विभाग के अधिकारियों ने बेटी की जन्मतिथि में गलती बताते हुए पेंशन रोक दी। उनका परिवार 17 माह में करीब 30 बार समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के चक्कर काट चुका है। उनका गांव बाघडू जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय से करीब 8.5 किलोमीटर दूर है। इस प्रकार आने-जाने में साक्षी करीब 500 किलोमीटर की दूरी नाप चुकी है, लेकिन फिर भी जिम्मेदार उनकी बेटी की दिव्यांगता पर भी तरस नहीं खा रहे।
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पिछले सप्ताह ही अधिकारियों ने किसी फाॅर्म पर हस्ताक्षर करवाकर जल्द पेंशन शुरू किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उनकी 23 साल की बेटी साक्षी की पेंशन शुरू नहीं की गई है। विभाग के अधिकारी मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी बेटी की पेंशन जल्द शुरू करवाई जाए।
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लड़की की पेंशन को लेकर अधिकारियों से बात की गई है। पेंशन में लिपिकीय गलती (क्लेरिकल मिस्टेक) के चलते उनकी दिव्यांगता की पेंशन कट गई थी। विभाग गलती में सुधार कर रहा है। दस्तावेजों को जल्द मुख्यालय भेज दिया जाएगा। मुख्यालय से पास होने के बाद युवती को फिर से पेंशन का लाभ मिल सकेगा। विभाग सभी पात्र लोगों को पेंशन मुहैया करवाने का प्रयास कर रहा है।
- रेनू सिसोदिया, समाज कल्याण अधिकारी, सोनीपत।