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Sonipat News: गर्भगृह से बाहर आए भगवान जगन्नाथ का श्रद्धालुओं ने किया नेत्र दर्शन
Fri, 27 Jun 2025 01:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:20 AM IST
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सोनीपत। कामी रोड स्थित बाबा धाम सिद्धपीठ मंदिर से 27 जून को निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। मंदिर परिसर में वीरवार को अखंड संकीर्तन जारी रहा। ओडिशा के पुरी से आए श्रद्धालुओं ने अखंड संकीर्तन से भगवान जगन्नाथ का गुणगान किया। देर शाम को मंदिर में भगवान जगन्नाथ के नेत्र दर्शन की रस्म निभाई गई।
15 दिन के बाद भगवान जगन्नाथ गर्भ गृह से बाहर आए तो श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पुरी की तर्ज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
जगन्नाथ महोत्सव के तहत शुक्रवार अलसुबह भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की वैदिक मंत्रोच्चारण से पूजा-अर्चना की जाएगी। पुरी के ब्राह्मण, श्रद्धालु व कलाकारों का दल पारंपरिक वेशभूषा में मंगला आरती, तुलसी पूजन, शृंगार दर्शन, सूर्य पूजा, द्वारपाल पूजा, रथ संस्कार व खिचड़ी भोग जैसी रस्में निभाएगा।
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भगवान को 108 प्रकार का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद भगवान जगन्नाथ रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। दिल्ली, कोलकाता व मुबंई के फूलों से देर रात रथ पर फूल बंगला तैयार किया जाएगा।
रथयात्रा में वृंदावन, चंडीगढ़, दिल्ली के इस्कॉन केंद्र से 100 सदस्य भी शामिल होंगे। पुरी के श्रद्धालु व इस्कॉन केंद्र के सदस्य संकीर्तन करते हुए भगवान जगन्नाथ के रथ की अगुवाई करेंगे।
इस बार यात्रा में ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित झांकी आकर्षक का केंद्र होगी। यात्रा में रथ के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान के 07 बैंड, पंजाब के पटियाला, उत्तर प्रदेश के रुड़की व दिल्ली की 12 झांकियां, पुरी व इस्कॉन का संकीर्तन दल शामिल रहेगा।
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15 दिन के बाद भगवान जगन्नाथ गर्भ गृह से बाहर आए तो श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पुरी की तर्ज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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जगन्नाथ महोत्सव के तहत शुक्रवार अलसुबह भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की वैदिक मंत्रोच्चारण से पूजा-अर्चना की जाएगी। पुरी के ब्राह्मण, श्रद्धालु व कलाकारों का दल पारंपरिक वेशभूषा में मंगला आरती, तुलसी पूजन, शृंगार दर्शन, सूर्य पूजा, द्वारपाल पूजा, रथ संस्कार व खिचड़ी भोग जैसी रस्में निभाएगा।
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भगवान को 108 प्रकार का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद भगवान जगन्नाथ रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। दिल्ली, कोलकाता व मुबंई के फूलों से देर रात रथ पर फूल बंगला तैयार किया जाएगा।
रथयात्रा में वृंदावन, चंडीगढ़, दिल्ली के इस्कॉन केंद्र से 100 सदस्य भी शामिल होंगे। पुरी के श्रद्धालु व इस्कॉन केंद्र के सदस्य संकीर्तन करते हुए भगवान जगन्नाथ के रथ की अगुवाई करेंगे।
इस बार यात्रा में ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित झांकी आकर्षक का केंद्र होगी। यात्रा में रथ के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान के 07 बैंड, पंजाब के पटियाला, उत्तर प्रदेश के रुड़की व दिल्ली की 12 झांकियां, पुरी व इस्कॉन का संकीर्तन दल शामिल रहेगा।