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Sonipat News: उपायुक्त ने गांव जवाहरा की सरपंच को पद से हटाया
Sun, 23 Feb 2025 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 23 Feb 2025 01:27 AM IST
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गोहाना। न्यायालय की तरफ से एक पद छोड़ने के दिए गए निर्देशों के बावजूद अवहेलना करने पर उपायुक्त ने गांव जवाहरा की सरपंच को पद से हटा दिया है। सरपंच आशा वर्कर पद का भी लाभ ले रही थी। उपायुक्त ने अधिकारियों को उनसे पंचायत का रिकाॅर्ड, धन राशि व चल-अचल संपत्ति कब्जे में लेने के आदेश दिए। अब बहुमत रखने वाले पंच को सरपंच का दायित्व सौंपा जाएगा।
गांव जवाहरा निवासी आशा वर्कर कृष्णा देवी ने सरपंच का चुनाव लड़ा था। इसमें ग्रामीणों ने उन्हें अपना सरपंच चुना था। सरपंच का पद ग्रहण करने के बावजूद उन्होंने आशा वर्कर का पद नहीं छोड़ा और उसके भी लाभ लेती रही। ऐसे में उनकी प्रतिद्वंद्वी कोमल ने वर्ष 2022 में अदालत में याचिका दायर की थी। अगस्त 2024 में अदालत ने कृष्णा देवी को एक माह में सरपंच या आशा वर्कर में से एक पद छोड़ने के आदेश दिए थे। आदेशों के बावजूद उन्होंने कोई पद नहीं छोड़ा और जिला सेशन जज के पास अपील लगाई। इस पर कोमल ने उपायुक्त को शिकायत देते हुए अदालत के आदेशों का हवाला दिया। उपायुक्त ने सरपंच को नोटिस जारी कर एक पद छोड़ने के आदेश दिए।
सरपंच का कहना है कि जब तक सेशन जज की अदालत में की गई अपील का फैसला न आए, तब तक स्टे माना जाए। उपायुक्त ने विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक को पत्र लिख मार्गदर्शन मांगा। मुख्यालय ने कहा कि सरपंच की तरफ से किसी एक पद से इस्तीफा नहीं दिया जाता है तो उन्हें सरपंच से हटाने की कार्रवाई की जाए। सरपंच को 30 जनवरी को अंतिम नोटिस जारी किया, लेकिन उन्होंने कोई पद नहीं छोड़ा। ऐसे में अब उपायुक्त की तरफ से उन्हें सरपंच पद से हटाने के आदेश दिए हैं।
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गांव जवाहरा निवासी आशा वर्कर कृष्णा देवी ने सरपंच का चुनाव लड़ा था। इसमें ग्रामीणों ने उन्हें अपना सरपंच चुना था। सरपंच का पद ग्रहण करने के बावजूद उन्होंने आशा वर्कर का पद नहीं छोड़ा और उसके भी लाभ लेती रही। ऐसे में उनकी प्रतिद्वंद्वी कोमल ने वर्ष 2022 में अदालत में याचिका दायर की थी। अगस्त 2024 में अदालत ने कृष्णा देवी को एक माह में सरपंच या आशा वर्कर में से एक पद छोड़ने के आदेश दिए थे। आदेशों के बावजूद उन्होंने कोई पद नहीं छोड़ा और जिला सेशन जज के पास अपील लगाई। इस पर कोमल ने उपायुक्त को शिकायत देते हुए अदालत के आदेशों का हवाला दिया। उपायुक्त ने सरपंच को नोटिस जारी कर एक पद छोड़ने के आदेश दिए।
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सरपंच का कहना है कि जब तक सेशन जज की अदालत में की गई अपील का फैसला न आए, तब तक स्टे माना जाए। उपायुक्त ने विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक को पत्र लिख मार्गदर्शन मांगा। मुख्यालय ने कहा कि सरपंच की तरफ से किसी एक पद से इस्तीफा नहीं दिया जाता है तो उन्हें सरपंच से हटाने की कार्रवाई की जाए। सरपंच को 30 जनवरी को अंतिम नोटिस जारी किया, लेकिन उन्होंने कोई पद नहीं छोड़ा। ऐसे में अब उपायुक्त की तरफ से उन्हें सरपंच पद से हटाने के आदेश दिए हैं।
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