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बरोदा हलके के कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा का बीमारी के बाद निधन
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विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा का फाइल फोटो
- फोटो : Sonipat
गोहाना। बरोदा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा का रविवार शाम को निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे, जिन्होंने दिल्ली के वेंकटेश्वर अस्पताल में अंतिम सांस ली। सोमवार को उनका पैतृक गांव खिड़वाली में अंतिम संस्कार किया जाएगा। श्रीकृष्ण हुड्डा ने विधानसभा के लिए अंतिम चुनाव में ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त को हराकर जीत की हैट्रिक बनाई थी।
खिड़वाली गांव के रहने वाले श्रीकृष्ण हुड्डा 1987 में पहली बार गढ़ी-सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। इस विधानसभा क्षेत्र से वह 1996 और 2005 में विधायक बनें। 2005 में जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो श्रीकृष्ण हुड्डा ने किलोई सीट से इस्तीफा दिया था। उसके बाद किलोई सीट से भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2009 के विधानसभा चुनाव में श्रीकृष्ण हुड्डा को बरोदा विधानसभा से मैदान में उतारा था और यहां से वह पहली बार विधायक बने। श्रीकृष्ण हुड्डा 2014 और 2019 में भी बरोदा सीट से विधायक बने।
उन्होंने 2019 के चुनाव में ओलंपियन योगेश्वर दत्त को हराकर जीत की हैट्रिक बनाई थी। श्रीकृष्ण हुड्डा 2019 का चुनाव जीतने के कुछ दिन बाद अस्वस्थ हो गए थे। ढाई माह पहले उनकी तबीयत अधिक खराब हो गई थी। वह पहले रोहतक के निजी अस्पताल में उपचाराधीन रहे। वहां से उन्हें कुछ दिन पहले दिल्ली के वेंकटेश्वर अस्पताल में ले जाया गया, जहां रविवार को उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके दो बेटे जीता हुड्डा और मोनू हुड्डा हैं। उनके एक बेटे धर्मेंद्र हुड्डा का स्वर्गवास हो चुका है। श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन पर सांसद रमेश कौशिक, गोहाना हलके के कांग्रेस विधायक जगबीर सिंह मलिक, खरखौदा विधायक जयवीर सिंह वाल्मीकि, पहलवान योगेश्वर दत्त ने शोक जताया। जगबीर मलिक ने श्रीकृष्ण हुड्डा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने अपना बड़ा भाई खो दिया है।
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खिड़वाली गांव के रहने वाले श्रीकृष्ण हुड्डा 1987 में पहली बार गढ़ी-सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। इस विधानसभा क्षेत्र से वह 1996 और 2005 में विधायक बनें। 2005 में जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो श्रीकृष्ण हुड्डा ने किलोई सीट से इस्तीफा दिया था। उसके बाद किलोई सीट से भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2009 के विधानसभा चुनाव में श्रीकृष्ण हुड्डा को बरोदा विधानसभा से मैदान में उतारा था और यहां से वह पहली बार विधायक बने। श्रीकृष्ण हुड्डा 2014 और 2019 में भी बरोदा सीट से विधायक बने।
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उन्होंने 2019 के चुनाव में ओलंपियन योगेश्वर दत्त को हराकर जीत की हैट्रिक बनाई थी। श्रीकृष्ण हुड्डा 2019 का चुनाव जीतने के कुछ दिन बाद अस्वस्थ हो गए थे। ढाई माह पहले उनकी तबीयत अधिक खराब हो गई थी। वह पहले रोहतक के निजी अस्पताल में उपचाराधीन रहे। वहां से उन्हें कुछ दिन पहले दिल्ली के वेंकटेश्वर अस्पताल में ले जाया गया, जहां रविवार को उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके दो बेटे जीता हुड्डा और मोनू हुड्डा हैं। उनके एक बेटे धर्मेंद्र हुड्डा का स्वर्गवास हो चुका है। श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन पर सांसद रमेश कौशिक, गोहाना हलके के कांग्रेस विधायक जगबीर सिंह मलिक, खरखौदा विधायक जयवीर सिंह वाल्मीकि, पहलवान योगेश्वर दत्त ने शोक जताया। जगबीर मलिक ने श्रीकृष्ण हुड्डा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने अपना बड़ा भाई खो दिया है।
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