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Sonipat News: जलाशय व जोहड़ों के उत्थान पर मिलकर काम करेंगे डीसीआरयूएसटी व हरियाणा तालाब प्राधिकरण
Mon, 04 Aug 2025 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 04 Aug 2025 01:34 AM IST
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फोटो 10- सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बैठ
सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) सामाजिक कार्यों व राज्य की भौतिक संरचना के लिए अपनी उच्च तकनीकी दक्षता व कौशल के आधार पर योगदान प्रदान करने के लिए प्रयासरत व प्रतिबद्ध है। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय इसी श्रृंखला में राज्य के जलाशय व जोहड़ के उत्थान, संरक्षण, नियोजन व संबंधित विकास कार्यों में हरियाणा तालाब प्राधिकरण के साथ योजनाबद्ध व पूर्ण समन्वय के साथ योगदान प्रदान करेगा।
विश्वविद्यालय की ओर से इसी संबंध में तालाब प्राधिकरण के प्रमुख सलाहकार प्रभाकर कुमार वर्मा को आमंत्रित किया गया। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग, वास्तुकला विभाग, पर्यावरण विभाग ने प्राधिकरण के साथ समन्वय की रूपरेखा तैयार की। कुलपति ने बताया कि प्रथम चरण में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी व शिक्षक ऐसे समस्त गांव का सर्वे करेंगे, जहां जलाशय कार्य पूरे हो चुके हो या चल रहे हैं। सर्वे कार्य का उद्देश्य विकास कार्यों पर ग्रामीणों की प्रतिक्रिया व आकलन प्राप्त करना है। इसकी समग्र रिपोर्ट प्राधिकरण व राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी।
जलाशय जीर्णोद्धार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा स्थापित
बैठक में दूसरा बिंदू यह रहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों व विशेषज्ञों की टीम तैयार की जाएगी ताकि जलाशय जीर्णोद्धार, विकास कार्य की थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस कर सके। विश्वविद्यालय में जलाशय जीर्णोद्धार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाए, जो जलाशय, भूमिगत जल व भूमि के विकास कार्य में शोध कर सके। राज्य प्राधिकरण के विकास कार्य के लिए सलाह दे सके।
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19,871 में से 11,022 तालाब प्रदूषित
प्रमुख सलाहकार प्रभाकर कुमार वर्मा ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा तालाब प्राधिकरण के तालाब डेटा प्रबंधन प्रणाली (पीडीएमएस) पर दर्ज 19,871 में से 11,022 तालाब प्रदूषित हैं। इनमें से 6542 तालाबों को 2025-26 के वार्षिक कार्य योजना में शामिल किया गया है। इनमें से सोनीपत के कुल 311 तालाबों को कार्य योजना में लिया गया है। इनमें से 29 तालाबों का कार्य पूर्ण हो गया है, 5 तालाबों पर कार्य जारी है, शेष तालाबों के लिए योजना तैयार की जा रही है।
वास्तुकला विभाग करेगा वृहद नियोजन तैयार
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि इन कार्यों को कटिबंध तरीके से किया जाए। जलाशय प्राधिकरण के विश्वविद्यालय के समन्वयक प्रोफेसर विजय कुमार शर्मा ने बताया कि सोनीपत के कई जोहड़ के विकास कार्यों में मुरथल विवि पहले से ही सेवाएं प्रदान कर रहा है। विश्वविद्यालय के वास्तुकला विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर रवि वैश्य विद्यार्थियों की ओर से किए जाने वाले सर्वे कार्य का वृहद नियोजन तैयार करेंगे।
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विश्वविद्यालय की ओर से इसी संबंध में तालाब प्राधिकरण के प्रमुख सलाहकार प्रभाकर कुमार वर्मा को आमंत्रित किया गया। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग, वास्तुकला विभाग, पर्यावरण विभाग ने प्राधिकरण के साथ समन्वय की रूपरेखा तैयार की। कुलपति ने बताया कि प्रथम चरण में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी व शिक्षक ऐसे समस्त गांव का सर्वे करेंगे, जहां जलाशय कार्य पूरे हो चुके हो या चल रहे हैं। सर्वे कार्य का उद्देश्य विकास कार्यों पर ग्रामीणों की प्रतिक्रिया व आकलन प्राप्त करना है। इसकी समग्र रिपोर्ट प्राधिकरण व राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी।
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जलाशय जीर्णोद्धार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा स्थापित
बैठक में दूसरा बिंदू यह रहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों व विशेषज्ञों की टीम तैयार की जाएगी ताकि जलाशय जीर्णोद्धार, विकास कार्य की थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस कर सके। विश्वविद्यालय में जलाशय जीर्णोद्धार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाए, जो जलाशय, भूमिगत जल व भूमि के विकास कार्य में शोध कर सके। राज्य प्राधिकरण के विकास कार्य के लिए सलाह दे सके।
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19,871 में से 11,022 तालाब प्रदूषित
प्रमुख सलाहकार प्रभाकर कुमार वर्मा ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा तालाब प्राधिकरण के तालाब डेटा प्रबंधन प्रणाली (पीडीएमएस) पर दर्ज 19,871 में से 11,022 तालाब प्रदूषित हैं। इनमें से 6542 तालाबों को 2025-26 के वार्षिक कार्य योजना में शामिल किया गया है। इनमें से सोनीपत के कुल 311 तालाबों को कार्य योजना में लिया गया है। इनमें से 29 तालाबों का कार्य पूर्ण हो गया है, 5 तालाबों पर कार्य जारी है, शेष तालाबों के लिए योजना तैयार की जा रही है।
वास्तुकला विभाग करेगा वृहद नियोजन तैयार
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि इन कार्यों को कटिबंध तरीके से किया जाए। जलाशय प्राधिकरण के विश्वविद्यालय के समन्वयक प्रोफेसर विजय कुमार शर्मा ने बताया कि सोनीपत के कई जोहड़ के विकास कार्यों में मुरथल विवि पहले से ही सेवाएं प्रदान कर रहा है। विश्वविद्यालय के वास्तुकला विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर रवि वैश्य विद्यार्थियों की ओर से किए जाने वाले सर्वे कार्य का वृहद नियोजन तैयार करेंगे।