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Sonipat News: मोबाइल एप व वेब पोर्टल के जरिए 1 अगस्त से अपलोड होंगे जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के आंकड़े
Wed, 01 Jul 2026 02:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 01 Jul 2026 02:56 AM IST
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सोनीपत। उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) के आंकड़ों को मोबाइल एप एवं वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इसके लिए जिले की सभी पंचायतों व शहरी वार्डों का कार्य करने के लिए फील्ड ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे।
यह डाटा अपलोड करने का कार्य 1 से 30 अगस्त तक निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। जनगणना संचालन निदेशक, हरियाणा डॉ. ललित जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों के साथ बैठक कर अगस्त में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार करने संबंधी कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए 10 जुलाई तक फील्ड ऑफिसर नियुक्त किए जाएं ताकि 25 जुलाई तक इन सभी को प्रशिक्षण दिया जा सके। उपायुक्त ने बताया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका किसी भी जिले का महत्वपूर्ण सांख्यिकीय दस्तावेज होता है जिसमें गांवों एवं शहरों की सामाजिक, आर्थिक सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित की जाती है।
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इन आंकड़ों का उपयोग सरकार की ओर से विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के उचित वितरण तथा भविष्य की नीतियों के निर्धारण में किया जाता है। उन्होंने बताया कि डीसीएचबी के भाग-ए में ग्राम निर्देशिका एवं नगर निर्देशिका से संबंधित गैर-जनगणना आंकड़े शामिल किए जाते हैं।
इसमें प्रत्येक गांव एवं शहर में उपलब्ध स्कूल, अस्पताल, पेयजल, सड़क, बैंक, संचार सुविधाएं तथा अन्य सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाता है। वहीं, भाग-बी में प्राथमिक जनगणना सारांश से संबंधित आंकड़े अपलोड किए जाते हैं जिनमें जनसंख्या, परिवारों की संख्या, साक्षरता, आवासीय सुविधाएं, बिजली, पेयजल, शौचालय आदि की जानकारी होती है।
उपायुक्त ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत सही एवं प्रमाणिक आंकड़े डीसीएचबी मोबाइल एप एवं वेब पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। डेटा अपलोड करते समय गुणवत्ता, शुद्धता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि जिले की जनगणना हस्तपुस्तिका त्रुटिरहित तैयार हो सके।
इस दौरान नगराधीश सिमरन, तहसीलदार कीर्ति सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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यह डाटा अपलोड करने का कार्य 1 से 30 अगस्त तक निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। जनगणना संचालन निदेशक, हरियाणा डॉ. ललित जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों के साथ बैठक कर अगस्त में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार करने संबंधी कार्यों की समीक्षा की।
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उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए 10 जुलाई तक फील्ड ऑफिसर नियुक्त किए जाएं ताकि 25 जुलाई तक इन सभी को प्रशिक्षण दिया जा सके। उपायुक्त ने बताया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका किसी भी जिले का महत्वपूर्ण सांख्यिकीय दस्तावेज होता है जिसमें गांवों एवं शहरों की सामाजिक, आर्थिक सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित की जाती है।
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इन आंकड़ों का उपयोग सरकार की ओर से विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के उचित वितरण तथा भविष्य की नीतियों के निर्धारण में किया जाता है। उन्होंने बताया कि डीसीएचबी के भाग-ए में ग्राम निर्देशिका एवं नगर निर्देशिका से संबंधित गैर-जनगणना आंकड़े शामिल किए जाते हैं।
इसमें प्रत्येक गांव एवं शहर में उपलब्ध स्कूल, अस्पताल, पेयजल, सड़क, बैंक, संचार सुविधाएं तथा अन्य सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाता है। वहीं, भाग-बी में प्राथमिक जनगणना सारांश से संबंधित आंकड़े अपलोड किए जाते हैं जिनमें जनसंख्या, परिवारों की संख्या, साक्षरता, आवासीय सुविधाएं, बिजली, पेयजल, शौचालय आदि की जानकारी होती है।
उपायुक्त ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत सही एवं प्रमाणिक आंकड़े डीसीएचबी मोबाइल एप एवं वेब पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। डेटा अपलोड करते समय गुणवत्ता, शुद्धता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि जिले की जनगणना हस्तपुस्तिका त्रुटिरहित तैयार हो सके।
इस दौरान नगराधीश सिमरन, तहसीलदार कीर्ति सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।