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Sonipat News: डल्लेवाल की बिगड़ी कीटोन टेस्ट रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
Sat, 28 Dec 2024 01:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 28 Dec 2024 01:37 AM IST
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27जेएनडी30: ट्राली में आराम करते जगजीत सिंह डल्लेवाल। संवाद
- फोटो : समिति
नरवाना। खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का 32वें दिन भी आमरण अनशन जारी रहा। शुक्रवार को सरकारी एवं प्राइवेट चिकित्सकों की टीमों द्वारा कीटोन बाॅडी टेस्ट की नई रिपोर्ट किसान नेताओं को सौंपी गई। दोनों रिपोर्ट में डल्लेवाल के कीटोन बाॅडी रिजल्ट बहुत ज्यादा हैं। प्राइवेट चिकित्सकों की रिपोर्ट में 6.8 और सरकारी चिकित्सकों की रिपोर्ट में 5.8 है, जो सामान्य से बहुत ज्यादा होने से हालत चिंताजनक है।
किसान नेताओं ने कहा कि नवीनतम रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि डल्लेवाल का शरीर अंदर से बेहद कमजोर हो रहा है। लंबे अनशन की वजह से उनके शरीर का कीटोन लेवल बहुत ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक कंटैम्प्ट एप्लीकेशन फाइल की गई थी, इसकी सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के प्रतिनिधि सॉलिसिटर जनरल का रुख लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि डल्लेवाल पहले ही प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख चुके हैं और केंद्र सरकार के दखल से स्थिति को तनावपूर्ण होने से रोका जा सकता है। लेकिन केंद्र सरकार के प्रतिनिधि का रुख बातचीत को लेकर सकारात्मक नहीं दिखा। किसान नेताओं ने कहा कि पीएम मोदी पूरी दुनिया को संदेश देते हैं कि बड़े से बड़े मुद्दों का समाधान बातचीत से होगा, लेकिन केंद्र सरकार अपने देश के किसानों से बात करने को तैयार नहीं है। उन्होंने दोहराया कि यदि जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ कोई जोर जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया तो प्रशासन को हमारी लाशों के ऊपर से गुजरना पड़ेगा।
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किसान नेताओं ने कहा कि नवीनतम रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि डल्लेवाल का शरीर अंदर से बेहद कमजोर हो रहा है। लंबे अनशन की वजह से उनके शरीर का कीटोन लेवल बहुत ज्यादा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक कंटैम्प्ट एप्लीकेशन फाइल की गई थी, इसकी सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के प्रतिनिधि सॉलिसिटर जनरल का रुख लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि डल्लेवाल पहले ही प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख चुके हैं और केंद्र सरकार के दखल से स्थिति को तनावपूर्ण होने से रोका जा सकता है। लेकिन केंद्र सरकार के प्रतिनिधि का रुख बातचीत को लेकर सकारात्मक नहीं दिखा। किसान नेताओं ने कहा कि पीएम मोदी पूरी दुनिया को संदेश देते हैं कि बड़े से बड़े मुद्दों का समाधान बातचीत से होगा, लेकिन केंद्र सरकार अपने देश के किसानों से बात करने को तैयार नहीं है। उन्होंने दोहराया कि यदि जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ कोई जोर जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया तो प्रशासन को हमारी लाशों के ऊपर से गुजरना पड़ेगा।
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