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साइबर दोस्त साइबर अपराधों पर लगाएगा लगाम
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साइबर अपराधों पर जानकारी देते उपायुक्त ललित सिवाच। संवाद
- फोटो : Sonipat
साइबर अपराध के खिलाफ लोगों को जागरूक करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ट्विटर हैंडल-साइबर दोस्त को लांच किया है। जिससे साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए लोगों को जागरूक कर इसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उपायुक्त ललित सिवाच ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम व जागरूकता फैलाने में साइबर दोस्त-ट्विटर हैंडल की विशेष भूमिका है। अभिभावकों को चाहिए कि वे साइबर दोस्त की जानकारी अपने बच्चों के साथ भी साझा करें। सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतें। उन्होेंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में साइबर अपराध एक नई चुनौती है, जिससे निपटने के लिए जन सहयोग अपेक्षित है। साथ ही जरूरी है कि लोगों को इस दिशा में जागरूकता व जानकारी हो। जागरूकता और जानकारी से ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है। इसके लिए सरकार ने ट्विटर हैंडल-साइबर दोस्त की अनूठी सौगात दी है। जिस पर अभी तक वीडियो, छवियों व रचनात्मक चीजों के माध्यम से 1066 से अधिक साइबर सुरक्षा टिप्स साझा किए गए हैं। इसके 3.64 लाख से अधिक फॉलोअर हैं। जागरूकता के लिए रेडियो अभियान भी चलाया जा रहा है। जनता को साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता के लिए 100 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे गए हैं।
मोबाइल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
उपायुक्त ने चेताया कि हमें मोबाइल व सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि खुद को साइबर अपराधों से सुरक्षित रख सकें। जागरूकता के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। साइबर सुरक्षा विषय पर विद्यार्थियों के लिए हैंडबुक प्रकाशित की गई है। सरकारी अधिकारियों के लाभ के लिए सूचना, सुरक्षा व सर्वोत्तम पद्घतियां प्रकाशित की गईं। विभिन्न राज्यों में पुलिस विभाग के सहयोग से साइबर सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया।
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राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल व हेल्पलाइन नंबर का हो रहा प्रचार-प्रसार
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल व राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर-1930 का प्रचार-प्रसार करवाया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो से भी अनुरोध किया गया है कि इंटरनेट सुरक्षा, ई-मेल, मोबाइल सुरक्षा के संबंध में बुनियादी साइबर स्वच्छता प्रदान करें।
पाठ्यक्रम शुरू करवाने के भी हो रहे प्रयास
उपायुक्त ने जानकारी दी कि छठी से 12वीं कक्षा तक सभी संकायों के लिए साइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता में पाठ्यक्रम शुरू करवाने के प्रयास किए गए हैं। साइबर अपराधों से खुद को बचाया जा सकता है, लेकिन इसकी जानकारी आवश्यक है।
साइबर स्वच्छता विषय पर वार्षिक कार्रवाई योजना तैयार करने का अनुरोध
उपायुक्त ने कहा कि हर माह साइबर जागरूकता दिवस आयोजित करने व सभी विद्यालयों-महाविद्यालयों में स्थानीय भाषाओं में जन जागरूकता शुरू करने का अनुरोध किया है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विभिन्न मंचों पर प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। वीडियो व जीआईएफ के माध्यम से ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम व टेलीग्राम पर नियमित अंतराल में प्रचार शुरू किया गया है।
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उपायुक्त ललित सिवाच ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम व जागरूकता फैलाने में साइबर दोस्त-ट्विटर हैंडल की विशेष भूमिका है। अभिभावकों को चाहिए कि वे साइबर दोस्त की जानकारी अपने बच्चों के साथ भी साझा करें। सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतें। उन्होेंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में साइबर अपराध एक नई चुनौती है, जिससे निपटने के लिए जन सहयोग अपेक्षित है। साथ ही जरूरी है कि लोगों को इस दिशा में जागरूकता व जानकारी हो। जागरूकता और जानकारी से ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है। इसके लिए सरकार ने ट्विटर हैंडल-साइबर दोस्त की अनूठी सौगात दी है। जिस पर अभी तक वीडियो, छवियों व रचनात्मक चीजों के माध्यम से 1066 से अधिक साइबर सुरक्षा टिप्स साझा किए गए हैं। इसके 3.64 लाख से अधिक फॉलोअर हैं। जागरूकता के लिए रेडियो अभियान भी चलाया जा रहा है। जनता को साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता के लिए 100 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे गए हैं।
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मोबाइल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
उपायुक्त ने चेताया कि हमें मोबाइल व सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि खुद को साइबर अपराधों से सुरक्षित रख सकें। जागरूकता के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। साइबर सुरक्षा विषय पर विद्यार्थियों के लिए हैंडबुक प्रकाशित की गई है। सरकारी अधिकारियों के लाभ के लिए सूचना, सुरक्षा व सर्वोत्तम पद्घतियां प्रकाशित की गईं। विभिन्न राज्यों में पुलिस विभाग के सहयोग से साइबर सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया।
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राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल व हेल्पलाइन नंबर का हो रहा प्रचार-प्रसार
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल व राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर-1930 का प्रचार-प्रसार करवाया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो से भी अनुरोध किया गया है कि इंटरनेट सुरक्षा, ई-मेल, मोबाइल सुरक्षा के संबंध में बुनियादी साइबर स्वच्छता प्रदान करें।
पाठ्यक्रम शुरू करवाने के भी हो रहे प्रयास
उपायुक्त ने जानकारी दी कि छठी से 12वीं कक्षा तक सभी संकायों के लिए साइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता में पाठ्यक्रम शुरू करवाने के प्रयास किए गए हैं। साइबर अपराधों से खुद को बचाया जा सकता है, लेकिन इसकी जानकारी आवश्यक है।
साइबर स्वच्छता विषय पर वार्षिक कार्रवाई योजना तैयार करने का अनुरोध
उपायुक्त ने कहा कि हर माह साइबर जागरूकता दिवस आयोजित करने व सभी विद्यालयों-महाविद्यालयों में स्थानीय भाषाओं में जन जागरूकता शुरू करने का अनुरोध किया है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विभिन्न मंचों पर प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। वीडियो व जीआईएफ के माध्यम से ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम व टेलीग्राम पर नियमित अंतराल में प्रचार शुरू किया गया है।