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जानलेवा हमला करने के दोषी पिता और दो बेटों को सात साल कैद

Sat, 22 Apr 2017 12:38 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत Updated Sat, 22 Apr 2017 12:38 AM IST
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to attack accuse father & two son two year jail
कोर्ट - फोटो : Pintrest
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने युवक के पिता व भाई के साथ मिलकर अपने सालों पर जानलेवा हमला करने के मामले में सुनवाई के बाद तीनों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को सात-सात साल कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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पानीपत के गांव लाखु बुआना निवासी नरेंद्र ने 27 अक्टूबर, 2014 को सिटी थाना में शिकायत दी थी कि वह तथा उसका भाई बिजेंद्र एलआईसी एजेंट का काम करते हैं। उन्होंने गोहाना बस स्टैंड के पास पीएनबी के निकट कार्यालय बना रखा है। उसने बताया था कि उसकी बहन कविता की शादी उन्होंने गांव वजीरपुरा निवासी शिवकुमार के साथ की थी। शादी के बाद से ही शिवकुमार व उसके परिजन उसकी बहन को तंग कर रहे थे। इस कारण उसकी बहन तीन माह से मायके आई हुई थी। नरेंद्र ने बताया था कि घटना के दिन गांव वजीरपुरा का सरपंच रणधीर व रामपाल उन्हें समझाकर कविता को भेजने की बात कहकर गए थे। उन्होंने उनके सामने शिव कुमार और उसके परिजनों द्वारा उसकी बहन को प्रताड़ित करने की बात कही थी। उनके जाने के कुछ समय बाद ही शिव कुमार, उसका भाई सोनू, पिता धर्मबीर व मां अंगूरी उनके कार्यालय में पहुंच गए थे। उस समय उसके साथ उसका भाई बिजेंद्र व एक अन्य एजेंट रजनीश मौजूद थे। उन्होंने आते ही उन पर गोली चला दी। गोली लगने से नरेंद्र व बिजेंद्र घायल हो गए। घायलों को गोहाना के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया था। पुलिस ने नरेंद्र के बयान पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए घटना के दिन ही पुलिस ने शिव कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस ने 10 दिसंबर, 2014 को सोनू और उसके पिता धर्मबीर को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त की गई लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली गई थी।
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मामले में सुनवाई के बाद शुक्रवार को एएसजे डॉ. सुशील गर्ग की अदालत ने शिवकुमार, सोनू व धर्मबीर को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को सात-सात कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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