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सोनीपत: कुंडली में बैठकर यूएसए के लोगों से करते थे ठगी, तड़के तीन बजे दबिश में तीन धरे गए
Tue, 22 Jun 2021 12:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 22 Jun 2021 12:10 PM IST
सार
आरोपी गूगल पर व्हाइट पेज और येलो पेज से यूएसए की बिजनेस लिस्टिंग से मोबाइल नंबर निकाल लेते थे। वहां से आई बीम सॉफ्टवेयर के माध्यम से उनको कॉल करते थे।
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सोनीपत में पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सोनीपत के कुंडली थाना क्षेत्र स्थित सुशांत सिटी के मॉल एवेन्यू में अवैध कॉल सेंटर संचालित कर यूएसए के लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने कुंडली थाना पुलिस व एनआईसी डिपार्टमेंट को साथ लेकर रेड करने के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। टीम ने तड़के तीन बजे दबिश दी।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को जानकारी मिली कि मॉल में तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में अवैध कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। टीम ने वहां से कॉल सेंटर मालिक गांव पिपलीखेड़ा के इंद्रजीत मलिक उर्फ बबल और उसके दो सहयोगियों दिल्ली के जहांगीरपुरी निवासी अंशु व प्रीतमपुरा निवासी चंद्रकांत पंसारी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों से कुंडली थाने में पूछताछ की जा रही है। इनके तीन साथी अभी फरार हैं।
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सीएम फ्लाइंग की टीम ने कॉल सेंटर पर सुबह तीन बजे छापा मारा। टीम के एक सदस्य ने पहले पहुंचकर आरोपियों की वीडियोग्राफी कर ली। कॉल सेंटर से छह लैपटॉप, हेड फोन, मोबाइल सहित अन्य उपकरण पकड़े गए हैं। पुलिस पूछताछ में कॉल सेंटर के मालिक इंद्रजीत मलिक ने बताया है कि उनका सेंटर रात में 11 बजे से तड़के तीन-चार बजे तक ही चलता था। उनका ठगी का धंधा विदेशों में है। वह गूगल पर व्हाइट पेज और येलो पेज से यूएसए की बिजनेस लिस्टिंग से मोबाइल नंबर निकाल लेते थे। वहां से आई बीम सॉफ्टवेयर के माध्यम से उनको कॉल करते थे।
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उनको बताते थे कि उनके सिस्टम में वायरस आया हुआ है। इसके साथ ही ज्यादा विज्ञापन या पीओपी-अप आते थे तो उनको ब्लॉक कर देते थे। ऐसे में लोगों को धोखे में लेकर एनी डेस्क या टीम वॉयवर सॉफ्टवेयर से उनके सिस्टम को हैक कर लेते थे। उसके बाद उनसे चार्ज के नाम पर 100-200 डॉलर लिए जाते थे। उनसे गूगल पे गिफ्ट कार्ड या आई ट्यूंस गिफ्ट कार्ड के माध्यम से कार्ड नंबर लेकर अपने ब्लाकर के पास रुपये भेज देते थे। कुछ लोगों से बीटीसी में रुपये ट्रांसफर करा लेते थे। पुलिस का मानना है कि लंबे समय से चल रहे कॉल सेंटर से करोड़ों रुपये की ठगी की जा चुकी है। आरोपियों के आईसीआईसीआई बैंक खाते की जांच की जा रही है। रेड मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में की गई।