{"_id":"57210ca04f1c1be776a91b60","slug":"sonipat-news-hindi-news-court-life-sentence","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाभी को जलाकर मारने के दोषी युवक को उम्रकैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भाभी को जलाकर मारने के दोषी युवक को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन साल पहले खरखौदा खंड के गांव सिलाना में अपनी भाभी को जलाकर मारने के आरोपी युवक रमेश कुमार को अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जबकि दो आरोपियों को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 4 मई 2013 को थाना खरखौदा पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव सिलाना में एक महिला भूल्लो देवी को तेल छिड़कर जलाया गया है। उसे गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने पीजीआई जाकर महिला के बयान दर्ज किए। महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी ननद रोशनी देवी, देवर श्रीभगवान और रमेश से झगड़ा चल रहा है। इसके चलते ही तीनों ने तेल छिड़कर आग लगा दी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन 8 मई को महिला ने दम तोड़ दिया। इसके चलते मामला हत्या में तब्दील कर दिया गया। तभी से जिला अदालत में आरोपियों के खिलाफ केस चल रहा था। पुलिस रोशनी और श्रीभगवान के खिलाफ तो आरोप साबित नहीं कर सकी। जिसके चलते दोनों बरी हो गए। वहीं, रमेश को सबूतों के आधार पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 4 मई 2013 को थाना खरखौदा पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव सिलाना में एक महिला भूल्लो देवी को तेल छिड़कर जलाया गया है। उसे गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने पीजीआई जाकर महिला के बयान दर्ज किए। महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी ननद रोशनी देवी, देवर श्रीभगवान और रमेश से झगड़ा चल रहा है। इसके चलते ही तीनों ने तेल छिड़कर आग लगा दी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन 8 मई को महिला ने दम तोड़ दिया। इसके चलते मामला हत्या में तब्दील कर दिया गया। तभी से जिला अदालत में आरोपियों के खिलाफ केस चल रहा था। पुलिस रोशनी और श्रीभगवान के खिलाफ तो आरोप साबित नहीं कर सकी। जिसके चलते दोनों बरी हो गए। वहीं, रमेश को सबूतों के आधार पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन