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जानलेवा हमला करने का आरोपी दोषी करार
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:12 AM IST
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अदालत का फैसला
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जानलेवा हमला करने तथा नुकसान पहुंचाने के मामले में बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को पांच साल कैद और 6 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने इस मामले में दो दोषियों की सजा अंडरगोन की है। यानी जितनी सजा वह काट चुके हैं वही पर्याप्त है।
11 मार्च, 2014 को सदर गोहाना थाने में गांव खंदराई निवासी राहुल ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि वह भाई मोहित के साथ गांव बिचपड़ी में उसका दसवीं कक्षा का पेपर दिलाने ले गया था। पेपर देने के बाद दोनों भाई अपनी कार से गांव बिचपड़ी निवासी दिलबाग के घर चले गए। उसने अपनी कार को दिलबाग के घर के बाहर खड़ा कर दिया। कुछ देर बाद उन्हें कार के साथ तोड़फोड़ किए जाने की आवाज सुनाई दी। जब वे लोग बाहर आए तो सामने रहने वाला अमित, भाई जसबीर और पिता रामफल उनकी कार को तोड़ रहे थे। जब विरोध किया तो अमित ने उस पर गोलियां चला दी। इसी बीच रामफल और जसबीर ने भी उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इतना ही नहीं दिलबाग की बाइक भी तोड़ दी थी। शोर-शराबा सुनकर लोग एकत्र हो गए तो रामफल और जसबीर पकड़ लिए थे, लेकिन अमित भाग गया था। इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया है। मामले में अदालत ने अमित को पांच वर्ष कैद व छह हजार रुपये जुर्माना किया है। दोषी रामफल और जसबीर को अदालत ने अंडरगोन करार दिया है।
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11 मार्च, 2014 को सदर गोहाना थाने में गांव खंदराई निवासी राहुल ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि वह भाई मोहित के साथ गांव बिचपड़ी में उसका दसवीं कक्षा का पेपर दिलाने ले गया था। पेपर देने के बाद दोनों भाई अपनी कार से गांव बिचपड़ी निवासी दिलबाग के घर चले गए। उसने अपनी कार को दिलबाग के घर के बाहर खड़ा कर दिया। कुछ देर बाद उन्हें कार के साथ तोड़फोड़ किए जाने की आवाज सुनाई दी। जब वे लोग बाहर आए तो सामने रहने वाला अमित, भाई जसबीर और पिता रामफल उनकी कार को तोड़ रहे थे। जब विरोध किया तो अमित ने उस पर गोलियां चला दी। इसी बीच रामफल और जसबीर ने भी उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इतना ही नहीं दिलबाग की बाइक भी तोड़ दी थी। शोर-शराबा सुनकर लोग एकत्र हो गए तो रामफल और जसबीर पकड़ लिए थे, लेकिन अमित भाग गया था। इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया है। मामले में अदालत ने अमित को पांच वर्ष कैद व छह हजार रुपये जुर्माना किया है। दोषी रामफल और जसबीर को अदालत ने अंडरगोन करार दिया है।
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