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ट्रेनों में बना वेंडर, दाढ़ी बढ़ी तो साधू बन 17 साल तक पुलिस को छकाया, काबू
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Mon, 03 Apr 2017 11:45 PM IST
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पीओ स्टाफ द्वारा गिरफ्तार किया गया बनवासा की धर्मशाला में बाबा बनकर छिपा चोरी का आरोपी।
- फोटो : bureau
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चोरी की वारदात में गिरफ्तार होने के बाद जमानत लेकर करीब 17 साल तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकते रहे आरोपी को पीओ स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी वेस्ट रामनगर का रहने वाला चेतन उर्फ पप्पू है। आरोपी ने बताया कि वह ट्रेन में वेंडर और साधू बनकर पुलिस से बचता रहा।
चेतन के खिलाफ वर्ष 1995 में थाना सिटी में चोरी का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। अदालत से जमानत मिलने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका था। अदालत ने आरोपी को वर्ष 2000 में फरार आरोपी घोषित कर दिया था। अब आरोपी को फरार आरोपी घोषित करने के 17 साल बाद पीओ स्टाफ प्रभारी दलबीर दांगी व उनकी टीम में शामिल एएसआई वेद, मुख्य सिपाही तपेश व नरेंद्र की टीम ने चेतन को गांव बनवासा से काबू किया है। आरोपी के खिलाफ अदालत की अवमानना का भी मामला दर्ज कर लिया गया है।
तीन साल तक ट्रेन में बना रहा वेंडर
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वह यहां से भागने के बाद करीब तीन साल ट्रेनों में वेंडर बनकर सामान बेचता था। इस दौरान उसकी दाढ़ी काफी बढ़ गई थी, जिसके चलते उसने साधू बनने की ठान ली थी।
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बनवासा की धर्मशाला में लिया आसरा
आरोपी ने पुलिस को बताया कि करीब 14 साल पहले वह गांव बनवासा में पहुंचा था। वहीं पर उसने धर्मशाला में आश्रय ले लिया था। उसने यहीं पर रहकर भिक्षा लेकर अपना गुजर बसर शुरू कर दिया था। अब वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
स्टाफ को सूचना मिली थी कि बनवासा की धर्मशाला में रह रहे बाबा की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। पुलिस ने उसकी निगरानी की और उसके बारे में जानकारी जुटाई। इस पर पता लगा कि वह चोरी के मामले में फरार आरोपी चेतन है, जिस पर टीम ने उसे काबू कर लिया है।
-दलबीर दांगी, प्रभारी, पीओ स्टाफ सोनीपत।
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चेतन के खिलाफ वर्ष 1995 में थाना सिटी में चोरी का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। अदालत से जमानत मिलने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका था। अदालत ने आरोपी को वर्ष 2000 में फरार आरोपी घोषित कर दिया था। अब आरोपी को फरार आरोपी घोषित करने के 17 साल बाद पीओ स्टाफ प्रभारी दलबीर दांगी व उनकी टीम में शामिल एएसआई वेद, मुख्य सिपाही तपेश व नरेंद्र की टीम ने चेतन को गांव बनवासा से काबू किया है। आरोपी के खिलाफ अदालत की अवमानना का भी मामला दर्ज कर लिया गया है।
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तीन साल तक ट्रेन में बना रहा वेंडर
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वह यहां से भागने के बाद करीब तीन साल ट्रेनों में वेंडर बनकर सामान बेचता था। इस दौरान उसकी दाढ़ी काफी बढ़ गई थी, जिसके चलते उसने साधू बनने की ठान ली थी।
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बनवासा की धर्मशाला में लिया आसरा
आरोपी ने पुलिस को बताया कि करीब 14 साल पहले वह गांव बनवासा में पहुंचा था। वहीं पर उसने धर्मशाला में आश्रय ले लिया था। उसने यहीं पर रहकर भिक्षा लेकर अपना गुजर बसर शुरू कर दिया था। अब वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
स्टाफ को सूचना मिली थी कि बनवासा की धर्मशाला में रह रहे बाबा की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। पुलिस ने उसकी निगरानी की और उसके बारे में जानकारी जुटाई। इस पर पता लगा कि वह चोरी के मामले में फरार आरोपी चेतन है, जिस पर टीम ने उसे काबू कर लिया है।
-दलबीर दांगी, प्रभारी, पीओ स्टाफ सोनीपत।