{"_id":"325c2a868fac1e5eb82b9ff0cb381834","slug":"life-imprisonment-of-two-brother-in-murder-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के मामले में दो भाइयों को आजीवन कारावास ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या के मामले में दो भाइयों को आजीवन कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 24 Nov 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन साल पहले थाना सदर गोहाना के तहत आने वाले गांव गिवाना में डंडों और ईंटों से हमला कर एक व्यक्ति की हत्या करने के आरोपी भाइयों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीप कुमार की अदालत ने सजा सुनाते हुए मामले में अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। दोनों दोषी ममेरे और फुफेरे भाई हैं। दोनों पर जुर्माना भी किया गया है।
25 नवंबर, 2012 को गांव गिवाना निवासी राजबीर ने थाना सदर में शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि उसके भाई कर्मवीर की बेटी अनू का पड़ोसी कृष्ण के परिवार की एक लड़की के साथ तीन दिन पहले पेड़ की टहनी काटने पर झगड़ा हो गया था। झगड़े के बाद दोनों परिवार आमने-सामने हो गए थे, हालांकि ग्रामीणों ने बीचबचाव कर समझौता करा दिया था। 24 नवंबर, 2012 की रात को पड़ोसी कृष्ण इसी बात को लेकर कर्मवीर के परिवार के लोगों के साथ गाली-गलौज करने लगा था। जब कर्मवीर घर आया तो वह कृष्ण के घर आपत्ति जताने गया। इसी दौरान कृष्ण और कर्मबीर के बीच कहासुनी हो गई। आरोप लगाया कि कृष्ण, उसके मामा के लड़के सोनू निवासी मौखरा, रोहतक, परिवार के ही काला, आशा और अन्य ने कर्मवीर पर हमला कर दिया था। कर्मबीर और उसके परिजनों पर डंडों तथा ईंटों से हमला कर दिया गया था। हमले में कर्मवीर घायल हो गया था, जिसने बाद में रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। राजबीर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कृष्ण, सोनू, काला, आशा को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इसी मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीप कुमार की अदालत ने कृष्ण व सोनू को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है।
विज्ञापन
25 नवंबर, 2012 को गांव गिवाना निवासी राजबीर ने थाना सदर में शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि उसके भाई कर्मवीर की बेटी अनू का पड़ोसी कृष्ण के परिवार की एक लड़की के साथ तीन दिन पहले पेड़ की टहनी काटने पर झगड़ा हो गया था। झगड़े के बाद दोनों परिवार आमने-सामने हो गए थे, हालांकि ग्रामीणों ने बीचबचाव कर समझौता करा दिया था। 24 नवंबर, 2012 की रात को पड़ोसी कृष्ण इसी बात को लेकर कर्मवीर के परिवार के लोगों के साथ गाली-गलौज करने लगा था। जब कर्मवीर घर आया तो वह कृष्ण के घर आपत्ति जताने गया। इसी दौरान कृष्ण और कर्मबीर के बीच कहासुनी हो गई। आरोप लगाया कि कृष्ण, उसके मामा के लड़के सोनू निवासी मौखरा, रोहतक, परिवार के ही काला, आशा और अन्य ने कर्मवीर पर हमला कर दिया था। कर्मबीर और उसके परिजनों पर डंडों तथा ईंटों से हमला कर दिया गया था। हमले में कर्मवीर घायल हो गया था, जिसने बाद में रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। राजबीर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कृष्ण, सोनू, काला, आशा को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इसी मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीप कुमार की अदालत ने कृष्ण व सोनू को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है।
विज्ञापन