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सस्पेंड तहसीलदार पर सूचना आयोग ने लगाया 25 हजार का जुर्माना
sonipat
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:02 AM IST
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jurmana
- फोटो : demo
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सोनीपत। सस्पेंड हो चुके तहसीलदार विकास पर राज्य सूचना आयोग ने दो महीने पहले आरटीआई का जवाब न देने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने हिदायत दी है कि अगर तहसीलदार जुर्माना जमा नहीं कराते तो उनके वेतन से यह राशि काट ली जाए। यह कार्रवाई तो आयोग ने दो महीने पहले की थी। पीड़ित को पत्र 13 जुलाई को जारी किया गया है। जो अब एक सप्ताह बाद उसको मिला है।
लक्ष्मी नगर निवासी जसबीर ने बताया कि उसका 35 गज का प्लॉट है। उसके पिता कहते हैं कि यह प्लॉट उसने नाम कराया था, जबकि उसे पता है कि यह प्लॉट उसके नाना ने सीधे मेरे नाम किया था। प्लॉट की तीन रजिस्ट्री का रिकॉर्ड लेने के लिए उसने तहसील प्रशासन से आरटीआई के तहत सूचना मांगी, लेकिन पूरी सूचना नहीं दी गई। इसके चलते उसने राज्य सूचना आयुक्त हेमंत अत्री के पास अपील की। अत्री ने तत्कालीन तहसीलदार पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। साथ में राजस्व विभाग को हिदायत दी कि अगर जुर्माना जमा नहीं कराया जाता है तो तहसीलदार के वेतन से यह राशि काटकर आयोग के पास जमा कराई जाए। आयोग ने यह फैसला 31 मई को दिया था।
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लक्ष्मी नगर निवासी जसबीर ने बताया कि उसका 35 गज का प्लॉट है। उसके पिता कहते हैं कि यह प्लॉट उसने नाम कराया था, जबकि उसे पता है कि यह प्लॉट उसके नाना ने सीधे मेरे नाम किया था। प्लॉट की तीन रजिस्ट्री का रिकॉर्ड लेने के लिए उसने तहसील प्रशासन से आरटीआई के तहत सूचना मांगी, लेकिन पूरी सूचना नहीं दी गई। इसके चलते उसने राज्य सूचना आयुक्त हेमंत अत्री के पास अपील की। अत्री ने तत्कालीन तहसीलदार पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। साथ में राजस्व विभाग को हिदायत दी कि अगर जुर्माना जमा नहीं कराया जाता है तो तहसीलदार के वेतन से यह राशि काटकर आयोग के पास जमा कराई जाए। आयोग ने यह फैसला 31 मई को दिया था।
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