{"_id":"65f5de541e841c66820a9a8c","slug":"haryana-fake-sulfas-pills-were-being-made-in-an-illegal-factory-illegal-fertilizer-also-recovered-2024-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: अवैध फैक्टरी में बन रही थीं सल्फास की नकली गोलियां, अवैध खाद भी बरामद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Haryana: अवैध फैक्टरी में बन रही थीं सल्फास की नकली गोलियां, अवैध खाद भी बरामद
Sat, 16 Mar 2024 11:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 16 Mar 2024 11:30 PM IST
सार
अकबरपुर बारोटा में अवैध रूप से फैक्टरी संचालित हो रही थी, माल डिलिवरी के लिए तैयार था। फैक्टरी में कृषि विभाग की टीम ने छापा डाला। फैक्टरी में मालिक नहीं मिला। करीब 50 लेबर काम कर रही थी। मैन्युफैक्चरिंग यूनिट व गोदाम को सील किया गया है। पुलिस को शिकायत दी गई है।
विज्ञापन
फैक्टरी पर कार्रवाई करने पहुंचे कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ.पवन शर्मा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
सोनीपत में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा के नेतृत्व में टीम ने अकबरपुर बारोटा में छापा मारकर सल्फास की नकली गोलियां बनाने वाली फैक्टरी का खुलासा किया है। टीम ने यहां से भारी मात्रा में नकली सल्फास की गोलियां बरामद की। साथ ही करीब 150 बैग खाद भी बरामद की। टीम ने सैंपल लेने के साथ ही कंपनी की मेन्युफैक्चरिंग यूनिट व गोदाम को सील कर दिया है। मामले को लेकर पुलिस को शिकायत दी गई।
विज्ञापन
भंडारण के दौरान गेहूं को कीड़ों से सुरक्षित रखने व खेतों में फसल को चूहों से बचाने के लिए किसान सल्फास की गोलियों का प्रयोग करते हैं। रबी सीजन की फसलों की कटाई भी होने वाली है। ऐसे में सल्फास की गोलियों की मांग जल्द बढ़ने वाली है। इसी बीच कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि गांव अकबरपुर बारोटा में एक यूनिट में अवैध रूप से सल्फास की गोलियां बनाई जा रही हैं।
विज्ञापन
इसके बाद कृषि विभाग ने विशेष टीम का गठन कर फैक्टरी पर छापा डाला। इस दौरान मजदूर नकली व अवैध रूप से तैयार की गई सल्फास की गोलियों की पैकिंग कर उन्हें बाजार में भेजने के लिए ट्यूब (गोलियां की ऊपरी पैकिंग) में डालने की तैयारी में थे। कृषि विभाग की टीम के पहुंचते ही फैक्टरी में अफरातफरी मच गई। फैक्टरी में काम कर रहे करीब 50 कर्मी मौके से भाग खड़े हुए।
विज्ञापन
कृषि विभाग की टीम ने फैक्टरी व गोदाम की गहनता से जांच की। इस दौरान काफी मात्रा में नकली व अवैध रूप से तैयार की गई सल्फास की गोलियों से भरी पेटियां, मेन्युफैक्चरिंग मशीन और पैकिंग मशीन भी बरामद की गई। चेकिंग पर सिर्फ रॉ फास्फोरस गुजरात लिखा था। कोई पता तक नहीं था। वहां पर कोई किसी तरह के कागजात पेश नहीं किए गए। साथ ही करीब 150 बैग यूरिया खाद भी बरामद की गई है।
यूपीएल कंपनी के मॉर्का की दवा बरामद, कंपनी ने नकारा
सल्फास की बड़ी खेप के साथ यूपीएल कंपनी के मॉर्का से बनी हुई दवा भी पाई गई। यूपीएल कंपनी के मॉर्का वाली 700 से अधिक पेटियां बरामद हुई हैं। कृषि विभाग की टीम ने अलग-अलग दवा के सैंपल लिए हैं। अधिकारी ने बताया कि कंपनी की तरफ से कहा गया है कि यह उनकी दवा या उनका बैच नहीं है जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि करीब डेढ़ माह से
चल रहा था नकली सल्फास व दवा बनाने का खेल
अकबरपुर बारोटा गांव में स्थित फैक्टरी में करीब डेढ़ माह से नकली सल्फास व दवा बनाने का खेल चल रहा था। छापा डालने के दौरान फैक्टरी में मालिक नहीं मिला। कुछ कर्मी मौजूद थे वह फैक्टरी के संचालन व सल्फास बनाने की मंजूरी से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज जांच टीम के सामने पेश नहीं कर पाए। कृषि विभाग ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी है।
अकबरपुर बारोटा में नकली सल्फास की गोलियां व अन्य दवा बनाने की सूचना मिली थी। टीम ने छापा डाला तो सल्फास की नकली व अवैध रूप से तैयार की गई गोलियों की खेप बरामद हुई है। फैक्टरी का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा था। 150 बैग खाद भी बरामद हुई है। पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। सैंपल लिए गए है, उन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। किसानों को चाहिए कि कोई भी कृषि से संबंधित वस्तु खरीदे तो पक्का बिल अवश्य लें। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत