Sonipat: हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के राज्य स्तरीय का कार्यक्रम, खर्च में शराब का बिल जोड़ना सही मिला
हरियाणा बाल कल्याण परिषद की फाइल में एक बिल नंबर 012734 लगा मिला था। यह बिल राई क्षेत्र स्थित एक शराब ठेके का था। आरोप है कि तत्कालीन जिला बाल कल्याण अधिकारी, जिला प्रोग्राम अधिकारी, सहायक जिला बाल अधिकारी व कोषाध्यक्ष ने शराब के बिल पर हस्ताक्षर कर फाइल में पास कराने के लिए लगाया था।
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हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के राज्यस्तरीय कार्यक्रम के खर्च में शराब और बीयर के बिल भी जोड़े गए थे। अधिकारियों पर शराब, बीयर व सोडा के बिल बच्चों के खाने-पीने के सामान के बिलों की फाइल में लगाने के आरोपों की जांच कर रही नगराधीश ने अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी हैं। रिपोर्ट में आरोप सही मिले हैं। अब डीसी की तरफ से रिपोर्ट को मुख्यालय भेजकर कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
खर्च में शराब और बीयर के बिल जोड़ने के लगे हैं आरोप
रिपोर्ट के आधार पर अब अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में 1 नवंबर, 2022 को राज्यस्तरीय बाल दिवस समारोह हुआ था। इसकी जिम्मेदारी जिला बाल कल्याण परिषद सोनीपत को सौंपी गई थी। आयोजन में राज्य बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष के नाते राज्यपाल मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम को लेकर कई अधिकारी पहले आ गए थे।
1 नवंबर, 2022 को हुआ था कार्यक्रम
जिनमें से कुछ राई विश्राम गृह में भी रुके थे। बाद में कार्यक्रम में खर्च राशि की फाइल तैयार की गई थी। जिसमें आरोप लगे थे कि खर्च फाइल में शराब, बीयर व सोडा के बिल भी लगाए गए हैं। इन आरोपों के बाद उपायुक्त ने नगराधीश के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई थी। नगराधीश ने अब अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंप दी हैं। रिपोर्ट में आरोप साबित हो गए हैं। अब कार्रवाई के लिए रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है।
हरियाणा बाल कल्याण परिषद की फाइल में एक बिल नंबर 012734 लगा मिला था। यह बिल राई क्षेत्र स्थित एक शराब ठेके का था। आरोप है कि तत्कालीन जिला बाल कल्याण अधिकारी, जिला प्रोग्राम अधिकारी, सहायक जिला बाल अधिकारी व कोषाध्यक्ष ने शराब के बिल पर हस्ताक्षर कर फाइल में पास कराने के लिए लगाया था। डीसी कार्यालय में स्वीकृति को भेजे बिलों में शराब के साथ ही खाने के 10,597 रुपये और 21,463 रुपये के बिल भी लगाए गए थे।
किसने पी शराब, इसका अभी भी नहीं मिला जवाब
नगराधीश की तरफ से डीसी कार्यालय में दी गई जांच रिपोर्ट में बच्चों के खाने पीने के बिलों में शराब के बिलों का जोड़ा जाना सही पाया गया है। हालांकि यह सवाल अब भी खड़ा है कि आखिर जिस अधिकारियों के शराब के बिल जोड़े गए, वह कौन थे। उनके बिल बाद में बच्चों के कार्यक्रम के बिलों के साथ जोड़ दिए गए थे।
सोनीपत के डीसी के अनुसार
मामला संज्ञान में आने के बाद जिलास्तर पर भी एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने जांच कर अपनी रिपोर्ट सोमवार को सौंप दी है। आरोप सिद्ध हो गए हैं। -ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत।