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जुएं में हारे तो चोरी का बनाया था प्लान, धोखे से मारी गई वीणा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Fri, 18 Dec 2015 12:19 AM IST
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लगभग तीन माह पहले सिक्का कॉलोनी में एक विधवा महिला की गला दबाकर हत्या करने के मामले का सीआईए ने खुलासा कर दिया है। सीआईए पुलिस ने वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है, हालांकि छठा आरोपी अजय निवासी गंदा नाला अभी पुलिस गिरफ्तार से बाहर है। आरोपियों में विनोद निवासी सिक्का कॉलोनी, संजय निवासी सेक्टर-15, बलजीत निवासी धानक बस्ती, राहुल निवासी गंदा नाला, सुमेर निवासी राजपुर जिला सोनीपत शामिल हैं। सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान अजय को गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी।
सीआईए स्टाफ सोनीपत में नियुक्त एएसआई सुनील कुमार बुधवार को गंदा नाले के पास गश्त पर थे। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक युवक को काबू किया गया। युवक ने अपनी पहचान बलजीत उर्फ नान्हा निवासी कोट मोहल्ला के रूप में दी। तलाशी लेने पर इसके कब्जे से एक अवैध देसी पिस्तौल 315 बोर मिली। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि 23 सितंबर की रात को सिक्का कॉलोनी में एक विधवा महिला की हत्या की थी। वारदात में शामिल अपने पांच साथियों का भी उसने नाम बताया था। इस पर पुलिस ने हत्या की वारदात में शामिल उसके चार साथियों को गंदे नाले के पास से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में गुरुवार को सीआईए प्रभारी इंदीवर ने पत्रकार वार्ता भी की।
जुएं में हारे थे विनोद और संजय
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि विनोद और संजय दिल्ली के सिंधु बार्डर पर जुआ खेलते थे। काफी समय पहले वे जुएं में हार गए थे। इसी दौरान उन्हें पता चला था कि मोनू निवासी सिक्का कॉलोनी जुए में काफी रकम जीता है। इसीलिए इन दोनों ने प्लान बनाया कि मोनू के घर से पैसे चोरी किए जाएं। आरोपियों को यह अंदाजा था कि मोनू के घर से 40-50 लाख रुपये की रकम मिलेगी।
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तीन गए अंदर, तीन बाहर, इरादा सिर्फ चोरी का
पुलिस के अनुसार वारदात की रात विनोद, संजय और बलजीत बाहर खड़े थे और अजय, राहुल, सुमेर तीनों घर के अंदर घुसे थे। तीनों ने अंदर घुसते ही दरवाजे की कुंडी लगा ली और वीणा को काबू कर उसे बांधने लगे। इसी दौरान वीणा ने शोर मचा दिया तो इन्होंने वीणा की गर्दन दबा दी। इससे वीणा की मौत हो गई। हालांकि इन लोगों ने सोचा कि वीणा बेहोश है और उन्होंने अलमारी और बेड में छानबीन शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार इनका इरादा सिर्फ चोरी का ही था।
मनीष ने गेट खटखटाया तो भागे, पड़े थे 2 लाख
जिस समय अजय, राहुल और सुमेर घर में छानबीन कर रहे थे तो उसी समय मनीष पहुंच गया था। मनीष ने गेट खटखटाया तो पता चला कि अंदर से कुंडी लगी है। जब तक वह पड़ोसी के घर से होते हुए ऊपर छत तक पहुंचा तब तक तीनों आरोपी भी ऊपर पहुंच गए थे, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाते हुए नीचे भाग आए और गेट खोलकर फरार हो गए। मनीष ने इनमें से दो को देखा भी था, लेकिन पहचान नहीं पाया। बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपियों ने रेकी की थी, उन्हें पता था कि मनीष शाम के समय बाहर ही रहता है। मनीष ने बताया कि जिस समय वारदात हुई, उस समय घर में 2 लाख रुपये रखे थे, लेकिन ये रुपये आरोपियों के हाथ नहीं लग पाए।
16 वारदातों में शामिल बलजीत को किया हायर
विनोद और संजय ने मोनू के घर चोरी करने के लिए बलजीत को हायर किया था। उसे लालच दिया गया था कि चोरी की रकम में से उसे हिस्सा दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार बलजीत पहले ही 16 मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। इसमें घरभेदन और चोरी के मामले शामिल हैं। बलजीत ने ही आगे राहुल, सुमेर और अजय को हायर किया और उन्हें भी चोरी की रकम में हिस्सा देने की बात कही गई थी।
यह था मामला
मूलरूप से अर्जुन नगर गुड़गांव निवासी वीणा (50) काफी समय से सिक्का कॉलोनी में ही रहती थी। उसके पति योगेंद्र की मौत लगभग 15 साल पहले हुई थी, उसके बाद से ही सिक्का कॉलोनी में मायके के पास ही रहती थी। वीणा कोर्ट रोड स्थित हिंदू स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी थी। 23 सितंबर की रात वह घर पर अकेली थी, उसका बेटा मनीष उर्फ मोनू घर से बाहर गया था। इसी दौरान वीणा की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। वीणा के हाथ और पैर भी चुन्नी से बंधे थे। इस मामले में वीणा के भाई देवराज की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
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सीआईए स्टाफ सोनीपत में नियुक्त एएसआई सुनील कुमार बुधवार को गंदा नाले के पास गश्त पर थे। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक युवक को काबू किया गया। युवक ने अपनी पहचान बलजीत उर्फ नान्हा निवासी कोट मोहल्ला के रूप में दी। तलाशी लेने पर इसके कब्जे से एक अवैध देसी पिस्तौल 315 बोर मिली। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि 23 सितंबर की रात को सिक्का कॉलोनी में एक विधवा महिला की हत्या की थी। वारदात में शामिल अपने पांच साथियों का भी उसने नाम बताया था। इस पर पुलिस ने हत्या की वारदात में शामिल उसके चार साथियों को गंदे नाले के पास से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में गुरुवार को सीआईए प्रभारी इंदीवर ने पत्रकार वार्ता भी की।
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जुएं में हारे थे विनोद और संजय
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि विनोद और संजय दिल्ली के सिंधु बार्डर पर जुआ खेलते थे। काफी समय पहले वे जुएं में हार गए थे। इसी दौरान उन्हें पता चला था कि मोनू निवासी सिक्का कॉलोनी जुए में काफी रकम जीता है। इसीलिए इन दोनों ने प्लान बनाया कि मोनू के घर से पैसे चोरी किए जाएं। आरोपियों को यह अंदाजा था कि मोनू के घर से 40-50 लाख रुपये की रकम मिलेगी।
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तीन गए अंदर, तीन बाहर, इरादा सिर्फ चोरी का
पुलिस के अनुसार वारदात की रात विनोद, संजय और बलजीत बाहर खड़े थे और अजय, राहुल, सुमेर तीनों घर के अंदर घुसे थे। तीनों ने अंदर घुसते ही दरवाजे की कुंडी लगा ली और वीणा को काबू कर उसे बांधने लगे। इसी दौरान वीणा ने शोर मचा दिया तो इन्होंने वीणा की गर्दन दबा दी। इससे वीणा की मौत हो गई। हालांकि इन लोगों ने सोचा कि वीणा बेहोश है और उन्होंने अलमारी और बेड में छानबीन शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार इनका इरादा सिर्फ चोरी का ही था।
मनीष ने गेट खटखटाया तो भागे, पड़े थे 2 लाख
जिस समय अजय, राहुल और सुमेर घर में छानबीन कर रहे थे तो उसी समय मनीष पहुंच गया था। मनीष ने गेट खटखटाया तो पता चला कि अंदर से कुंडी लगी है। जब तक वह पड़ोसी के घर से होते हुए ऊपर छत तक पहुंचा तब तक तीनों आरोपी भी ऊपर पहुंच गए थे, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाते हुए नीचे भाग आए और गेट खोलकर फरार हो गए। मनीष ने इनमें से दो को देखा भी था, लेकिन पहचान नहीं पाया। बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपियों ने रेकी की थी, उन्हें पता था कि मनीष शाम के समय बाहर ही रहता है। मनीष ने बताया कि जिस समय वारदात हुई, उस समय घर में 2 लाख रुपये रखे थे, लेकिन ये रुपये आरोपियों के हाथ नहीं लग पाए।
16 वारदातों में शामिल बलजीत को किया हायर
विनोद और संजय ने मोनू के घर चोरी करने के लिए बलजीत को हायर किया था। उसे लालच दिया गया था कि चोरी की रकम में से उसे हिस्सा दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार बलजीत पहले ही 16 मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। इसमें घरभेदन और चोरी के मामले शामिल हैं। बलजीत ने ही आगे राहुल, सुमेर और अजय को हायर किया और उन्हें भी चोरी की रकम में हिस्सा देने की बात कही गई थी।
यह था मामला
मूलरूप से अर्जुन नगर गुड़गांव निवासी वीणा (50) काफी समय से सिक्का कॉलोनी में ही रहती थी। उसके पति योगेंद्र की मौत लगभग 15 साल पहले हुई थी, उसके बाद से ही सिक्का कॉलोनी में मायके के पास ही रहती थी। वीणा कोर्ट रोड स्थित हिंदू स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी थी। 23 सितंबर की रात वह घर पर अकेली थी, उसका बेटा मनीष उर्फ मोनू घर से बाहर गया था। इसी दौरान वीणा की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। वीणा के हाथ और पैर भी चुन्नी से बंधे थे। इस मामले में वीणा के भाई देवराज की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।