{"_id":"598374d44f1c1b99698b472d","slug":"91501787348-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआरए कालेज में लापरवाही, क्लर्क को सौंपे री अपीयर की फीस के 60 हजार, लेकर भाग गया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सीआरए कालेज में लापरवाही, क्लर्क को सौंपे री अपीयर की फीस के 60 हजार, लेकर भाग गया
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। शहर के सीआरए कॉलेज में बड़ी लापरवाही सामने आई है। कॉलेज प्रशासन ने कांट्रेक्ट पर लगे एक क्लर्क को री-अपीयर की फीस के 60 हजार रुपये महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में जमा कराने के लिए भेज दिए। यह राशि लेकर क्लर्क फरार हो गया। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब री-अपीयर की फीस जमा कराने की अंतिम तिथि निकल गई। इस कारण जिस फीस को प्रति छात्र सात सौ रुपये जमा कराया जाना था, उसे 5700 रुपये प्रति छात्र जमा कराना पड़ा। इस तरह 4 लाख 90 हजार रुपये की राशि जमा करानी पड़ी। अब कालेज प्रशासन ने मामले की शिकायत सिटी थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने गबन का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीआरए कॉलेज के प्राचार्य ने सिटी थाना पुलिस को बताया है कि कॉलेज में तदर्थ आधार पर क्लर्क के पद पर गांव राजलुगढ़ी निवासी वरुण कुमार नियुक्त था। वरुण कुमार को री-अपीयर की फीस एकत्रित कर उसे मदवि में जमा कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। वरुण ने 86 विद्यार्थियों से प्रत्येक से 700 रुपये ले लिए। उसने फीस के रूप में मिले 60 हजार 200 रुपये जमा कराने के बजाय अपने पास रख लिए। उसके बाद वह बिना सूचना के अनुपस्थित हो गया। बाद में जब मदवि में पता किया तो री-अपीयर की फीस जमा नहीं कराई गई थी। इस पर कॉलेज प्रशासन को प्रत्येक बच्चे की फीस लेट फीस के साथ पांच हजार रुपये सहित 5700 रुपये के हिसाब से 4 लाख 90 हजार 200 रुपये जमा करानी पड़ी। कालेज प्रशासन ने आरोपी क्लर्क को बर्खास्त कर विवि में जमा कराई राशि कॉलेज में देने को कहा। उसके बाद भी आरोपी ने न राशि जमा कराई और न ही कॉलेज से संपर्क किया। इस पर कॉलेज प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ सिटी थाना में गबन की शिकायत कर दी।
वर्जन
सीआरए कॉलेज प्रशासन की तरफ से एक क्लर्क के खिलाफ गबन की शिकायत दी है। इस पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले के बारे में पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
-राजपाल, एसएचओ सिटी थाना
विज्ञापन
सोनीपत। शहर के सीआरए कॉलेज में बड़ी लापरवाही सामने आई है। कॉलेज प्रशासन ने कांट्रेक्ट पर लगे एक क्लर्क को री-अपीयर की फीस के 60 हजार रुपये महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में जमा कराने के लिए भेज दिए। यह राशि लेकर क्लर्क फरार हो गया। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब री-अपीयर की फीस जमा कराने की अंतिम तिथि निकल गई। इस कारण जिस फीस को प्रति छात्र सात सौ रुपये जमा कराया जाना था, उसे 5700 रुपये प्रति छात्र जमा कराना पड़ा। इस तरह 4 लाख 90 हजार रुपये की राशि जमा करानी पड़ी। अब कालेज प्रशासन ने मामले की शिकायत सिटी थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने गबन का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीआरए कॉलेज के प्राचार्य ने सिटी थाना पुलिस को बताया है कि कॉलेज में तदर्थ आधार पर क्लर्क के पद पर गांव राजलुगढ़ी निवासी वरुण कुमार नियुक्त था। वरुण कुमार को री-अपीयर की फीस एकत्रित कर उसे मदवि में जमा कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। वरुण ने 86 विद्यार्थियों से प्रत्येक से 700 रुपये ले लिए। उसने फीस के रूप में मिले 60 हजार 200 रुपये जमा कराने के बजाय अपने पास रख लिए। उसके बाद वह बिना सूचना के अनुपस्थित हो गया। बाद में जब मदवि में पता किया तो री-अपीयर की फीस जमा नहीं कराई गई थी। इस पर कॉलेज प्रशासन को प्रत्येक बच्चे की फीस लेट फीस के साथ पांच हजार रुपये सहित 5700 रुपये के हिसाब से 4 लाख 90 हजार 200 रुपये जमा करानी पड़ी। कालेज प्रशासन ने आरोपी क्लर्क को बर्खास्त कर विवि में जमा कराई राशि कॉलेज में देने को कहा। उसके बाद भी आरोपी ने न राशि जमा कराई और न ही कॉलेज से संपर्क किया। इस पर कॉलेज प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ सिटी थाना में गबन की शिकायत कर दी।
विज्ञापन
वर्जन
सीआरए कॉलेज प्रशासन की तरफ से एक क्लर्क के खिलाफ गबन की शिकायत दी है। इस पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले के बारे में पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
-राजपाल, एसएचओ सिटी थाना