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खनन के खेल में माफियाओं से लेकर अफसर तक शामिल
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:29 AM IST
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खनन के खेल में माफियाओं से लेकर अफसर तक शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
खनन के खेल में माफियाओं से लेकर अफसर तक सभी संलिप्त है। खनन का लाइसेंस रद होने के बाद बावजूद खनन का प्रयास कर रही कंपनी टेक्नो एक्सपोर्ट के खिलाफ दर्ज मामले ने विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। खनन विभाग के अधिकारी खुद मान रहे हैं कि दस में से छह कंपनियों ने पहली किश्त जमा करवाने के बाद कोई किश्त जमा नहीं कराई है। छह कंपनियों को अगस्त माह में ही खनन रोकने के आदेश दिए गए हैं उसके बावजूद इसके यमुना में खनन जारी है।
विदित रहे कि खनन विभाग की तरफ से लाइसेंस रद होने के बावजूद रेत उठाने के प्रयास का मामला सामने आने के बाद टेक्नो एक्सपोर्ट कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फीस जमा कराने से बचने के लिए उक्त कंपनियों ने बारिश व यमुना में जल स्तर का हवाला देकर कोर्ट की शरण ली है। कंपनियों ने कोर्ट से अपील की है कि बारिश व यमुना का जल स्तर बढने से बालू खनन कई दिनों तक बंद रहा, इसलिए उन्हें टेंडर के रेट में कुछ रियायत दी जाए। हालांकि अभी यह मामला कोर्ट के विचाराधीन है और अब बालू खनन को वहां से काई आदेश नहीं दिया गया है। इस बीच विभाग ने फीस जमा नहीं कराने के कारण कंपनियों के बालू खनन पर रोक लगा दी है, जिसका धड़ल्ले से उल्लंघन हो रहा है।
सीएम तक की जा चुकी शिकायत
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने कष्ट निवारण समिति की बैठक से लेकर सीएम के सामने तक शिकायत की है। उसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
फीस जमा नहीं कराने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्हें अगस्त माह में ही खनन बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब एक कंपनी रेत उठाने के प्रयास करती पाई गई तो उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। अन्य कंपनी भी रेत उठाते मिली तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अभी केवल चार अन्य कंपनी अलग-अलग प्वाइंट से खनन का काम कर रही है।
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जगदीश चंद्र, खनन अधिकारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
खनन के खेल में माफियाओं से लेकर अफसर तक सभी संलिप्त है। खनन का लाइसेंस रद होने के बाद बावजूद खनन का प्रयास कर रही कंपनी टेक्नो एक्सपोर्ट के खिलाफ दर्ज मामले ने विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। खनन विभाग के अधिकारी खुद मान रहे हैं कि दस में से छह कंपनियों ने पहली किश्त जमा करवाने के बाद कोई किश्त जमा नहीं कराई है। छह कंपनियों को अगस्त माह में ही खनन रोकने के आदेश दिए गए हैं उसके बावजूद इसके यमुना में खनन जारी है।
विदित रहे कि खनन विभाग की तरफ से लाइसेंस रद होने के बावजूद रेत उठाने के प्रयास का मामला सामने आने के बाद टेक्नो एक्सपोर्ट कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फीस जमा कराने से बचने के लिए उक्त कंपनियों ने बारिश व यमुना में जल स्तर का हवाला देकर कोर्ट की शरण ली है। कंपनियों ने कोर्ट से अपील की है कि बारिश व यमुना का जल स्तर बढने से बालू खनन कई दिनों तक बंद रहा, इसलिए उन्हें टेंडर के रेट में कुछ रियायत दी जाए। हालांकि अभी यह मामला कोर्ट के विचाराधीन है और अब बालू खनन को वहां से काई आदेश नहीं दिया गया है। इस बीच विभाग ने फीस जमा नहीं कराने के कारण कंपनियों के बालू खनन पर रोक लगा दी है, जिसका धड़ल्ले से उल्लंघन हो रहा है।
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सीएम तक की जा चुकी शिकायत
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने कष्ट निवारण समिति की बैठक से लेकर सीएम के सामने तक शिकायत की है। उसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
फीस जमा नहीं कराने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्हें अगस्त माह में ही खनन बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब एक कंपनी रेत उठाने के प्रयास करती पाई गई तो उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। अन्य कंपनी भी रेत उठाते मिली तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अभी केवल चार अन्य कंपनी अलग-अलग प्वाइंट से खनन का काम कर रही है।
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जगदीश चंद्र, खनन अधिकारी।