{"_id":"5ab016484f1c1bbc758b6688","slug":"51521489480-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन पहले मिली महीने भर की मेहनत की कमाई, वह भी आग में जल गई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन दिन पहले मिली महीने भर की मेहनत की कमाई, वह भी आग में जल गई
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। फैक्टरी में आग लगने से जहां चार कर्मी जिंदा जलकर मर गए, वहीं एक अभी तक लापता है। इस तरह वहां जानमाल की हानि के साथ ही अन्य कर्मियों को आर्थिक हानि भी हुई है। क्योंकि तीन दिन पहले ही सभी कर्मियों को महीने भर की मेहनत की कमाई मिली थी और वह कमाई भी उनकी आग में जलकर रखा हो गई। कर्मी राकेश ने बताया कि उनको तीन दिन पहले ही कर्मियों के अनुसार 9-12 हजार रुपये का वेतन मिला था। वह पूरा वेतन सभी ने अपने-अपने कमरे में रखा हुआ था। जब रविवार सुबह आग लगी तो सभी अपनी जान बचाने के लिए भाग निकले और उनका महीने भर का वेतन भी आग में जल गया। राकेश ने बताया कि अब उनके सामने दो वक्त की रोटी तक के लाते पड़ गए है तो उनका उपचार भी किसी तरह से चल रहा है। उनको यह भी चिंता सता रही है कि ऐसी हालत में उनका आगे गुजारा कैसे चलेगा, क्योंकि अभी कई मजदूर ऐसे है जिनके हाथ व पैर में चोट है। वह आगे काम करने की हालत में नहीं है और इस कारण उनका परिवार चलाना भी मुश्किल है।
विज्ञापन
सोनीपत। फैक्टरी में आग लगने से जहां चार कर्मी जिंदा जलकर मर गए, वहीं एक अभी तक लापता है। इस तरह वहां जानमाल की हानि के साथ ही अन्य कर्मियों को आर्थिक हानि भी हुई है। क्योंकि तीन दिन पहले ही सभी कर्मियों को महीने भर की मेहनत की कमाई मिली थी और वह कमाई भी उनकी आग में जलकर रखा हो गई। कर्मी राकेश ने बताया कि उनको तीन दिन पहले ही कर्मियों के अनुसार 9-12 हजार रुपये का वेतन मिला था। वह पूरा वेतन सभी ने अपने-अपने कमरे में रखा हुआ था। जब रविवार सुबह आग लगी तो सभी अपनी जान बचाने के लिए भाग निकले और उनका महीने भर का वेतन भी आग में जल गया। राकेश ने बताया कि अब उनके सामने दो वक्त की रोटी तक के लाते पड़ गए है तो उनका उपचार भी किसी तरह से चल रहा है। उनको यह भी चिंता सता रही है कि ऐसी हालत में उनका आगे गुजारा कैसे चलेगा, क्योंकि अभी कई मजदूर ऐसे है जिनके हाथ व पैर में चोट है। वह आगे काम करने की हालत में नहीं है और इस कारण उनका परिवार चलाना भी मुश्किल है।