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एक साल पहले लापता हुई राष्ट्रपति से सम्मानित वैध की बेटी को तलाश न सकी पुलिस, अब डीजीपी ने 50 हजार का इनाम किया घोषित
Updated Sun, 25 Mar 2018 01:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा से सम्मानित हो चुके वैद्य वीर चंद जैन की लापता बेटी आरती को पुलिस एक साल बाद भी तलाश नहीं कर सकी है। अब डीजीपी ने युवती की तलाश के लिए 50 हजार रुपये का इनाम की घोषणा की है। युवती घर से जैन स्थानक में जाने के लिए निकली थी। उसके बाद वह लापता हो गई। पिता ने अज्ञात पर उसे बंधक बनाकर रखने का मामला दर्ज कराया, लेकिन पुलिस उसके बारे में जानकारी नहीं जुटा सकी। यहां तक की मई 2017 में राजलुगढ़ी माइनर में मिले शव को पिता अपनी बेटी का शव बता चुके हैं। उसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने डीएनए के लिए सैंपल भेजे हैं। वहीं अब तक रिपोर्ट न आने पर पीड़ित पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गन्नौर के अशोक नगर की रहने वाली आरती (26 वर्षीय) 29 जनवरी, 2017 को अपने घर से दिगंबर जैन मंदिर में जाने के लिए निकली थी। उसके बाद से युवती अचानक लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। आरती के पिता वीरचंद जैन ने 2 फरवरी 2017 को गन्नौर थाना में बेटी के गायब होने की शिकायत देकर अज्ञात पर उसे बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया। मामले लेकर वीर चंद जैन के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका देकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। मामले में डीजीपी हरियाणा की तरफ से अब 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। युवती का सुराग देने वाले को इनाम की राशि दी जाएगी।
जैन स्थानकों में तलाश कर चुकी है
संदिग्ध अवस्था में लापता हुई आरती की तलाश शुरू की गई तो पुलिस को पता लगा था कि युवती अक्सर जैन मुनियों की सेवा में जाया करती थी। इतना ही नहीं कई बार वह सप्ताह भर तक मुनियों की सेवा में लगी रहती थी और घर नहीं लौटती थी। जिस पर पुलिस ने जांच का शुरुआती पहलु लिया था कि लडक़ी सेवा के लिए चली गई है। इसके लिए पुलिस ने आसपास के सभी जैन स्थानकों में उसकी तलाश कराई थी। उसके पोस्टर व फोटो भी स्थानकों को उपलब्ध कराए, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका।
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माइनर में मिले शव को बेटी का बताया पुलिस करा रही डीएनए टेस्ट
पुलिस ने 16 मई 2017 को गन्नौर-राजलूगढ़ी सड़क मार्ग पर स्थित राजपुरा माइनर में एक युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद किया था। शव सूखी पड़ी माइनर के पुल के नीचे कपड़ों में लिपटा मिला था। उसकी उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई थी। उसके शरीर पर गुलाबी रंग का कपड़ा लिपटा मिला था। शव को देखकर वीर चंद जैन ने उसे अपनी बेटी का शव बताया था। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद इसे मना कर दिया था। जिस पर वीरचंद बार-बार उसे बेटी का शव बताते रहे। इसके चलते पुलिस ने शव व वीरचंद के परिवार का डीएनए कराने का निर्णय लिया। 10 जनवरी को वीरचंद की पत्नी का ब्लड सैंपल लेकर क्षत-विक्षत शव के सैंपल के साथ डीएनए को भिजवाया गया है। उसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं, पुलिस अब तक ये भी नहीं पता कर सकी है कि आखिर शव किस लड़की का था।
राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुके हैं युवती के पिता
युवती के पिता वीरचंद ने बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश के हरदास कुशवाह का ब्लड कैंसर का उपचार किया था। जिसके चलते तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने उन्हें दिल्ली में 17 सितंबर, 1994 को सम्मानित किया था।
बेटी की तलाश को हाईकोर्ट तक याचिका
वीरचंद जैन ने बताया कि वह बेटी की तलाश को हाईकोर्ट तक याचिका दायर कर चुके हैं। पुलिस इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कुछ संदिग्धों के नाम पुलिस को दिए, लेकिन पुलिस उनसे कुछ जानकारी नहीं जुटा सकी। अब 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। उम्मीद है बेटी के बारे में कुछ सुराग मिल सके।
वर्जन
युवती के लापता होने के बाद से उसकी तलाश को हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इनाम की घोषणा उसी कड़ी का हिस्सा है। पुलिस आसपास के सभी जैन स्थानकों में उसकी तलाश का प्रयास कर चुकी है। माइनर में मिले शव का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, गन्नौर।
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सोनीपत। तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा से सम्मानित हो चुके वैद्य वीर चंद जैन की लापता बेटी आरती को पुलिस एक साल बाद भी तलाश नहीं कर सकी है। अब डीजीपी ने युवती की तलाश के लिए 50 हजार रुपये का इनाम की घोषणा की है। युवती घर से जैन स्थानक में जाने के लिए निकली थी। उसके बाद वह लापता हो गई। पिता ने अज्ञात पर उसे बंधक बनाकर रखने का मामला दर्ज कराया, लेकिन पुलिस उसके बारे में जानकारी नहीं जुटा सकी। यहां तक की मई 2017 में राजलुगढ़ी माइनर में मिले शव को पिता अपनी बेटी का शव बता चुके हैं। उसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने डीएनए के लिए सैंपल भेजे हैं। वहीं अब तक रिपोर्ट न आने पर पीड़ित पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गन्नौर के अशोक नगर की रहने वाली आरती (26 वर्षीय) 29 जनवरी, 2017 को अपने घर से दिगंबर जैन मंदिर में जाने के लिए निकली थी। उसके बाद से युवती अचानक लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। आरती के पिता वीरचंद जैन ने 2 फरवरी 2017 को गन्नौर थाना में बेटी के गायब होने की शिकायत देकर अज्ञात पर उसे बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया। मामले लेकर वीर चंद जैन के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका देकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। मामले में डीजीपी हरियाणा की तरफ से अब 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। युवती का सुराग देने वाले को इनाम की राशि दी जाएगी।
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जैन स्थानकों में तलाश कर चुकी है
संदिग्ध अवस्था में लापता हुई आरती की तलाश शुरू की गई तो पुलिस को पता लगा था कि युवती अक्सर जैन मुनियों की सेवा में जाया करती थी। इतना ही नहीं कई बार वह सप्ताह भर तक मुनियों की सेवा में लगी रहती थी और घर नहीं लौटती थी। जिस पर पुलिस ने जांच का शुरुआती पहलु लिया था कि लडक़ी सेवा के लिए चली गई है। इसके लिए पुलिस ने आसपास के सभी जैन स्थानकों में उसकी तलाश कराई थी। उसके पोस्टर व फोटो भी स्थानकों को उपलब्ध कराए, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका।
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माइनर में मिले शव को बेटी का बताया पुलिस करा रही डीएनए टेस्ट
पुलिस ने 16 मई 2017 को गन्नौर-राजलूगढ़ी सड़क मार्ग पर स्थित राजपुरा माइनर में एक युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद किया था। शव सूखी पड़ी माइनर के पुल के नीचे कपड़ों में लिपटा मिला था। उसकी उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई थी। उसके शरीर पर गुलाबी रंग का कपड़ा लिपटा मिला था। शव को देखकर वीर चंद जैन ने उसे अपनी बेटी का शव बताया था। हालांकि पुलिस ने जांच के बाद इसे मना कर दिया था। जिस पर वीरचंद बार-बार उसे बेटी का शव बताते रहे। इसके चलते पुलिस ने शव व वीरचंद के परिवार का डीएनए कराने का निर्णय लिया। 10 जनवरी को वीरचंद की पत्नी का ब्लड सैंपल लेकर क्षत-विक्षत शव के सैंपल के साथ डीएनए को भिजवाया गया है। उसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं, पुलिस अब तक ये भी नहीं पता कर सकी है कि आखिर शव किस लड़की का था।
राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुके हैं युवती के पिता
युवती के पिता वीरचंद ने बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश के हरदास कुशवाह का ब्लड कैंसर का उपचार किया था। जिसके चलते तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने उन्हें दिल्ली में 17 सितंबर, 1994 को सम्मानित किया था।
बेटी की तलाश को हाईकोर्ट तक याचिका
वीरचंद जैन ने बताया कि वह बेटी की तलाश को हाईकोर्ट तक याचिका दायर कर चुके हैं। पुलिस इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कुछ संदिग्धों के नाम पुलिस को दिए, लेकिन पुलिस उनसे कुछ जानकारी नहीं जुटा सकी। अब 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। उम्मीद है बेटी के बारे में कुछ सुराग मिल सके।
वर्जन
युवती के लापता होने के बाद से उसकी तलाश को हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इनाम की घोषणा उसी कड़ी का हिस्सा है। पुलिस आसपास के सभी जैन स्थानकों में उसकी तलाश का प्रयास कर चुकी है। माइनर में मिले शव का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, गन्नौर।