Sonipat: किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की कैद, गिरफ्तारी के समय नाबालिग था दोषी
दोषी को 21 साल का होने तक बाल सुधार गृह में रखा जाएगा, उसके बाद जेल में शिफ्ट किया जाएगा। अदालत ने दोषी पर 80 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश हैं।
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हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने शादी का झांसा देकर किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के दोषी को बीस साल की सजा सुनाई है। जब आरोपी को गिरफ्तार किया वह नाबालिग था।
ऐसे में अदालत ने उसके 21 साल का होने तक बाल सुधार गृह में रखने और बाद में जेल में शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। दोषी पर 80 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि से 50 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। जुर्माना राशि अदा न करने पर सवा तीन साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी व्यक्ति ने 19 अप्रैल, 2021 को कुंडली थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह कुंडली थाना क्षेत्र के गांव में भट्ठे पर रहते हैं। उसकी 14 साल की बेटी 18 अप्रैल, 2021 की रात को लापता हो गई थी।
बाद में पता लगा कि उनके साथ ही दूसरी झ़ुग्गी में रहने वाला युवक भी लापता है। बाद में पुलिस ने 19 मई, 2021 को उत्तर प्रदेश के बागपत से लड़की को बरामद कर लिया था। मेडिकल जांच में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। लड़की के परिजनों के पास नहीं जाने पर उसे बालग्राम राई में छोड़ा गया था।
घटना के दिन शाम को ही आरोपी युवक को गिरफ्तार किया था। आरोपी की उम्र करीब साढ़े 17 साल मिली थी। इस पर उसे बाल सुधार गृह भेज दिया था। हालांकि उसका केस अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला गया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। बुधवार को दोषी को 20 साल की सजा सुनाई और 80 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। दोषी जब तक 21 वर्ष का नहीं होगा तब तक उसे बाल सुधार गृह में रखा जाएगा। उसके बाद उसे कारागार में शिफ्ट किया जाएगा।