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पुलिस पर जानलेवा हमला करने वाले दो दोषियों को दस साल की कैद
Updated Fri, 16 Mar 2018 01:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोनों दोषियों को दस-दस साल कैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
तत्कालीन एएसआई हरिओम ने बताया था कि वह सीआईए-दो में नियुक्त था। वह अपनी टीम में शामिल एएसआई धर्मबीर, मुख्य सिपाही नवीन, सिपाही संजय, अमित व विनित के साथ 11 अक्टूबर 2014 को चुनाव के दौरान कामी बाईपास पर गश्त कर रहा था। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली थी कि दो युवक अवैध हथियार लेकर जीटी रोड की तरफ से आ रहे हैं। जिस पर पुलिस ने तुरंत जाल बिछा दिया था। इसी बीच पहुंचे दो युवकों को पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस टीम पर गोली चला दी थी। पुलिस ने स्वयं को बचाते हुए हवाई फायर कर आरोपियों को काबू कर लिया था। आरोपियों ने अपनी पहचान गांव पांची निवासी सुशील उर्फ शीला व गांव नया बांस निवासी रमेश के रूप में दी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन तमंचे, दो कारतूस व दो खोल बरामद किए थे। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या के प्रयास व अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज कर लिया था।
मामले की सुनवाई के बाद वीरवार को एएसजे डा. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने सुशील व रमेश को दोषी करार दिया है। दोषियों पर आईपीसी भादसं की धारा 307 में 10-10 साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 353 में दो साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना तथा अवैध हथियार के मामले में तीन साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। तीनों सजा एक साथ चलेंगी।
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोनों दोषियों को दस-दस साल कैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
तत्कालीन एएसआई हरिओम ने बताया था कि वह सीआईए-दो में नियुक्त था। वह अपनी टीम में शामिल एएसआई धर्मबीर, मुख्य सिपाही नवीन, सिपाही संजय, अमित व विनित के साथ 11 अक्टूबर 2014 को चुनाव के दौरान कामी बाईपास पर गश्त कर रहा था। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली थी कि दो युवक अवैध हथियार लेकर जीटी रोड की तरफ से आ रहे हैं। जिस पर पुलिस ने तुरंत जाल बिछा दिया था। इसी बीच पहुंचे दो युवकों को पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस टीम पर गोली चला दी थी। पुलिस ने स्वयं को बचाते हुए हवाई फायर कर आरोपियों को काबू कर लिया था। आरोपियों ने अपनी पहचान गांव पांची निवासी सुशील उर्फ शीला व गांव नया बांस निवासी रमेश के रूप में दी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन तमंचे, दो कारतूस व दो खोल बरामद किए थे। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या के प्रयास व अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज कर लिया था।
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मामले की सुनवाई के बाद वीरवार को एएसजे डा. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने सुशील व रमेश को दोषी करार दिया है। दोषियों पर आईपीसी भादसं की धारा 307 में 10-10 साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 353 में दो साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना तथा अवैध हथियार के मामले में तीन साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। तीनों सजा एक साथ चलेंगी।
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