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पुलिस से विवाद होने पर डॉक्टरों के पक्ष में उतरे डॉक्टर, ओपीडी व रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद कर हंगामा, मरीज रहे परेशान
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:41 AM IST
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चिकित्सकों ने ओपीडी व रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद कर किया हंगामा, मरीज रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। सरकारी अस्पताल के डाक्टरों पर शराब पीकर हुड़दंग करने के मामले में पुलिस से विवाद होने के बाद वीरवार को अन्य डाक्टर हड़ताल पर चले गए। सामान्य अस्पताल के सभी डाक्टर ओपीडी बंद कर बाहर आ गए और पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। डाक्टरों ने पहले सीएमओ से मुलाकात की और उनको अपने साथ लेकर डीसी से मिलने पहुंचे। डीसी से मिलकर मुरथल थाना पुलिस पर दोनों डाक्टरों संग मारपीट व मेडिकल कराते समय महिला डाक्टर संग थाना प्रभारी पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। इस मामले में डीसी ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद हड़ताल खत्म की गई। वहीं दो घंटे से ज्यादा ओपीडी बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामान करना पड़ा। वहीं डाक्टरों के मेडिकल में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई।
इस तरह हुआ पुलिस व डाक्टरों में विवाद
मुरथल थाना पुलिस के अनुसार बुधवार को पुलिस पार्टी गश्त के दौरान मुरथल रोड से लौट रही थी। रेवली के पास उन्हें कार सवार दो व्यक्ति शराब के नशे में आपस में कहासुनी करते मिले थे। वहां से गुजर रही पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया था। आरोप है कि वह दोनों नशे में थे। इस पर कार सवार बिफर गए और स्वयं को सरकारी डाक्टर बताया था। इसके बाद पुलिस उन्हें थाने में ले गई थी। दोनों के खिलाफ नशे में हुड़दंग करने का मामला दर्ज कर लिया गया था। मामला दर्ज करने के बाद करीब साढ़े पांच बजे पुलिस दोनों को मेडिकल कराने के लिए सामान्य अस्पताल में लेकर पहुंची थी। वहां कई घंटों तक अस्पताल में तैनात डाक्टरों ने इनका मेडिकल नहीं किया था। इस पर पकड़े गए डॉक्टरों को पुलिस महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल खानपुर लेकर जाने लगी तो मौके पर पहुंचे डीएसपी ने डाक्टरों से बातचीत कर मेडिकल करवाने की अपील की थी। करीब चार घंटे तक पुलिस व डॉक्टरों में कहासुनी होती रही थी। इसके बाद कहीं जाकर इनका मेडिकल हो पाया था।
ओपीडी बंद कर जताया रोष, सीएमओ से की मुलाकात
मामले को लेकर वीरवार को डाक्टर लामबंद हो गए और ओपीडी सेवा बंद कर रोष जताया। अस्पताल में रजिस्ट्रेशन बंद करा दिया गया। मुरथल रोड व आपातकालीन कक्ष में अपने साथियों के साथ पुलिस के मारपीट करने का आरोप लगाते हुए डाक्टरों ने ओपीडी की सेवाएं बंद कर दी। ओपीडी से बाहर निकलकर डाक्टर सीएमओ कार्यालय के बाहर जमा हो गए। वहां उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई की मांग की। सीएमओ ने उनके साथ डीसी से मिलकर अपनी मांग रखने की बात कही। जिसके बाद वह डीसी कार्यालय में चले गए।
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डीसी ने एसडीएम को सौंपी जांच, तब खत्म की हड़ताल
सीएमओ के नेतृत्व में डाक्टर डीसी विनय सिंह से मिले। डीसी ने उनकी बातचीत सुनने के बाद मामले की जांच एसडीएम को सौंपी है। एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद करीब 12 बजे के डाक्टर ओपीडी में बैठे। तब जाकर मरीजों का उपचार किया गया है।
लाइन में खड़े होने के बाद वापस लौटे मरीज
सामान्य अस्पताल में ओपीडी छोड़कर बाहर आए डाक्टर के रोष जताने के दौरान मरीज काफी देर ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे। काफी देर तक जब ओपीडी नहीं खुली तो बाद में मरीज बिना उपचार के वापस लौट गए। कई मरीजों ने निजी अस्पताल में जाकर उपचार करवाने की बात कही।
महिला चिकित्सक ने थाना प्रभारी पर लगाया अभद्रता का आरोप
बुधवार देर रात शराब पीकर हुड़दंग करने के मामले में पकड़े गए दो डॉक्टर को मेडिकल के लिए ले जाने के बाद नोकझोंक होने पर थाना प्रभारी मुरथल भी अस्पताल में आए थे। उस समय नियुक्त महिला डाक्टर से मेडिकल को कहा गया था। महिला डाक्टर का आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनसे शालीनता से बात तक नहीं की। जिसके बाद वह इमरजेंसी की ओपीडी से बाहर आ गई थी। महिला डाक्टर ने इसकी लिखित में शिकायत सीएमओ को दी है।
ब्लड सैंपल मधुबन भिजवाए
पुलिस ने दोनों डाक्टर के ब्लड सैंपल बुधवार रात को लिए थे। उन्हें जांच के लिए मधुबन भेज दिया गया। जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही पुलिस का कहना है कि अल्कोहल सेंसर से जांच के दौरान भी डाक्टर ने कोई सहयोग नहीं किया।
सड़क पर डाक्टरों के साथ पुलिस कर्मियों ने अभद्रता की है। जिस पर डीसी से मिलकर अपना पक्ष रखा गया है। मामले की जांच एसडीएम को सौंपी गई है। आपातकालीन कक्ष में तैनात महिला डाक्टर ने भी अभद्रता की शिकायत दी है। पुलिस कर्मियों ने मेडिकल करवाने के लिए भी पत्र को बदल दिया। एसडीएम की जांच में अपना पक्ष रखा जाएगा।
डॉ. जेएस पूनिया, सीएमओ सोनीपत।
शराब के नशे में हुड़दंग मचाने के आरोप में दो व्यक्तियों को पकड़ा था। बाद में पता लगा कि वह सामान्य अस्पताल में डॉक्टर है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। अस्पताल में मेडिकल करवाने के दौरान किसी तरह की अभद्रता नहीं की, सभी आरोप बेबुनियाद है। कई घंटों के बाद डाक्टर ने गिरफ्तार दोनों डाक्टर का मेडिकल किया। दोनों डाक्टर के रात को ही ब्लड सैंपल लिए थे। उन्हें जांच के लिए मधुबन भेजा गया है।
बलराज, थाना प्रभारी मुरथल।
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अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। सरकारी अस्पताल के डाक्टरों पर शराब पीकर हुड़दंग करने के मामले में पुलिस से विवाद होने के बाद वीरवार को अन्य डाक्टर हड़ताल पर चले गए। सामान्य अस्पताल के सभी डाक्टर ओपीडी बंद कर बाहर आ गए और पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। डाक्टरों ने पहले सीएमओ से मुलाकात की और उनको अपने साथ लेकर डीसी से मिलने पहुंचे। डीसी से मिलकर मुरथल थाना पुलिस पर दोनों डाक्टरों संग मारपीट व मेडिकल कराते समय महिला डाक्टर संग थाना प्रभारी पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। इस मामले में डीसी ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद हड़ताल खत्म की गई। वहीं दो घंटे से ज्यादा ओपीडी बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामान करना पड़ा। वहीं डाक्टरों के मेडिकल में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई।
इस तरह हुआ पुलिस व डाक्टरों में विवाद
मुरथल थाना पुलिस के अनुसार बुधवार को पुलिस पार्टी गश्त के दौरान मुरथल रोड से लौट रही थी। रेवली के पास उन्हें कार सवार दो व्यक्ति शराब के नशे में आपस में कहासुनी करते मिले थे। वहां से गुजर रही पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया था। आरोप है कि वह दोनों नशे में थे। इस पर कार सवार बिफर गए और स्वयं को सरकारी डाक्टर बताया था। इसके बाद पुलिस उन्हें थाने में ले गई थी। दोनों के खिलाफ नशे में हुड़दंग करने का मामला दर्ज कर लिया गया था। मामला दर्ज करने के बाद करीब साढ़े पांच बजे पुलिस दोनों को मेडिकल कराने के लिए सामान्य अस्पताल में लेकर पहुंची थी। वहां कई घंटों तक अस्पताल में तैनात डाक्टरों ने इनका मेडिकल नहीं किया था। इस पर पकड़े गए डॉक्टरों को पुलिस महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल खानपुर लेकर जाने लगी तो मौके पर पहुंचे डीएसपी ने डाक्टरों से बातचीत कर मेडिकल करवाने की अपील की थी। करीब चार घंटे तक पुलिस व डॉक्टरों में कहासुनी होती रही थी। इसके बाद कहीं जाकर इनका मेडिकल हो पाया था।
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ओपीडी बंद कर जताया रोष, सीएमओ से की मुलाकात
मामले को लेकर वीरवार को डाक्टर लामबंद हो गए और ओपीडी सेवा बंद कर रोष जताया। अस्पताल में रजिस्ट्रेशन बंद करा दिया गया। मुरथल रोड व आपातकालीन कक्ष में अपने साथियों के साथ पुलिस के मारपीट करने का आरोप लगाते हुए डाक्टरों ने ओपीडी की सेवाएं बंद कर दी। ओपीडी से बाहर निकलकर डाक्टर सीएमओ कार्यालय के बाहर जमा हो गए। वहां उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई की मांग की। सीएमओ ने उनके साथ डीसी से मिलकर अपनी मांग रखने की बात कही। जिसके बाद वह डीसी कार्यालय में चले गए।
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डीसी ने एसडीएम को सौंपी जांच, तब खत्म की हड़ताल
सीएमओ के नेतृत्व में डाक्टर डीसी विनय सिंह से मिले। डीसी ने उनकी बातचीत सुनने के बाद मामले की जांच एसडीएम को सौंपी है। एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद करीब 12 बजे के डाक्टर ओपीडी में बैठे। तब जाकर मरीजों का उपचार किया गया है।
लाइन में खड़े होने के बाद वापस लौटे मरीज
सामान्य अस्पताल में ओपीडी छोड़कर बाहर आए डाक्टर के रोष जताने के दौरान मरीज काफी देर ओपीडी खुलने का इंतजार करते रहे। काफी देर तक जब ओपीडी नहीं खुली तो बाद में मरीज बिना उपचार के वापस लौट गए। कई मरीजों ने निजी अस्पताल में जाकर उपचार करवाने की बात कही।
महिला चिकित्सक ने थाना प्रभारी पर लगाया अभद्रता का आरोप
बुधवार देर रात शराब पीकर हुड़दंग करने के मामले में पकड़े गए दो डॉक्टर को मेडिकल के लिए ले जाने के बाद नोकझोंक होने पर थाना प्रभारी मुरथल भी अस्पताल में आए थे। उस समय नियुक्त महिला डाक्टर से मेडिकल को कहा गया था। महिला डाक्टर का आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनसे शालीनता से बात तक नहीं की। जिसके बाद वह इमरजेंसी की ओपीडी से बाहर आ गई थी। महिला डाक्टर ने इसकी लिखित में शिकायत सीएमओ को दी है।
ब्लड सैंपल मधुबन भिजवाए
पुलिस ने दोनों डाक्टर के ब्लड सैंपल बुधवार रात को लिए थे। उन्हें जांच के लिए मधुबन भेज दिया गया। जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही पुलिस का कहना है कि अल्कोहल सेंसर से जांच के दौरान भी डाक्टर ने कोई सहयोग नहीं किया।
सड़क पर डाक्टरों के साथ पुलिस कर्मियों ने अभद्रता की है। जिस पर डीसी से मिलकर अपना पक्ष रखा गया है। मामले की जांच एसडीएम को सौंपी गई है। आपातकालीन कक्ष में तैनात महिला डाक्टर ने भी अभद्रता की शिकायत दी है। पुलिस कर्मियों ने मेडिकल करवाने के लिए भी पत्र को बदल दिया। एसडीएम की जांच में अपना पक्ष रखा जाएगा।
डॉ. जेएस पूनिया, सीएमओ सोनीपत।
शराब के नशे में हुड़दंग मचाने के आरोप में दो व्यक्तियों को पकड़ा था। बाद में पता लगा कि वह सामान्य अस्पताल में डॉक्टर है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। अस्पताल में मेडिकल करवाने के दौरान किसी तरह की अभद्रता नहीं की, सभी आरोप बेबुनियाद है। कई घंटों के बाद डाक्टर ने गिरफ्तार दोनों डाक्टर का मेडिकल किया। दोनों डाक्टर के रात को ही ब्लड सैंपल लिए थे। उन्हें जांच के लिए मधुबन भेजा गया है।
बलराज, थाना प्रभारी मुरथल।