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बच्ची के संवेदनशील अंगों से छेड़छाड़ करने वाले दस साल की कैद
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:15 AM IST
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बच्ची के संवेदनशील अंगों से छेड़छाड़ करने वाले को दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने मोहाना थाना क्षेत्र के गांव में तीन साल की मासूम के संवेदनशील अंगों के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने 10 साल कैद व 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
एक महिला ने 19 सितंबर, 2017 को पुलिस को बताया था कि उसकी तीन साल की बेटी गली में खेल रही थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला विकास उर्फ भोलू उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने उसे अपने घर ले जाकर उसके संवेदनशील अंगों के साथ छेड़खानी कर दी थी। बाद में उसकी बेटी रोती हुई घर पहुंची थी। उन्होंने बेटी के रोने का कारण जाना तो बेटी के संवेदनशील अंग के साथ छेड़छाड़ होने का पता लगा था। उसे रक्तस्राव भी हो रहा था। जिस पर उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस बच्ची को लेकर सामान्य अस्पताल पहुंची थी। जहां बच्ची का मेडिकल करवाकर कोर्ट में बयान दर्ज करवाए गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए एएसजे डा. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने आरोपी विकास उर्फ भोलू को दोषी करार दिया है। अदालत ने विकास को 6 पॉक्सो एक्ट में दस साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 363 में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये व भादसं की धारा 366 के तहत पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। तीनों सजा एक साथ चलेंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने मोहाना थाना क्षेत्र के गांव में तीन साल की मासूम के संवेदनशील अंगों के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने 10 साल कैद व 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
एक महिला ने 19 सितंबर, 2017 को पुलिस को बताया था कि उसकी तीन साल की बेटी गली में खेल रही थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला विकास उर्फ भोलू उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने उसे अपने घर ले जाकर उसके संवेदनशील अंगों के साथ छेड़खानी कर दी थी। बाद में उसकी बेटी रोती हुई घर पहुंची थी। उन्होंने बेटी के रोने का कारण जाना तो बेटी के संवेदनशील अंग के साथ छेड़छाड़ होने का पता लगा था। उसे रक्तस्राव भी हो रहा था। जिस पर उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस बच्ची को लेकर सामान्य अस्पताल पहुंची थी। जहां बच्ची का मेडिकल करवाकर कोर्ट में बयान दर्ज करवाए गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए एएसजे डा. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने आरोपी विकास उर्फ भोलू को दोषी करार दिया है। अदालत ने विकास को 6 पॉक्सो एक्ट में दस साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 363 में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये व भादसं की धारा 366 के तहत पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। तीनों सजा एक साथ चलेंगी।
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