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कोहरे में ब्लाइंड मोड़ बन सकते हैं हादसे का सबब

Sun, 05 Nov 2017 12:47 AM IST
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:47 AM IST
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कोहरे में ब्लाइंड मोड़ बन सकते हैं हादसे का सबब
अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत।
लगातार बढ़ता कोहरा और ब्लाइंड मोड़ लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनते जा रहे हैं। हालात ये हैं कि कोहरे की वजह से लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो कोहरे और खतरनाक मोड़ की वजह से कई लोगों की मौत हुई। बावजूद अभी तक न शासन चेता न ही प्रशासन। हालात ये हैं कि सड़क किनारे संकेतक भी नहीं लगे हैं और जहां लगे हैं वह धूमिल हो चुके हैं।

यहां है ब्लाइंड मोड़
- शहर में बस अड्डा से सेक्टर-14 की ओर जाने पर गांधी चौक के पास
- पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पास
- रोहतक रोड पर एटलस फैक्टरी के पास
- कालूपुर चुंगी के पास
- सामान्य अस्पताल के पास
- मुुरथल चौक पर।
- गोहाना-सोनीपत मार्ग पर बड़वासनी के पास
- हुल्लाहेड़ी, पिनाना, मोहाना सरकारी स्कूल, मोहाना थाना के पास
- सोनीपत-फरमाणा मार्ग पर महलाना से पहले
- तिहाड़ मोड, बाघडू, भठगांव प्याऊ, गांव भठगांव, सलीमसर माजरा, सोनीपत- खरखौदा, पेरलल नहरों के बीच बने मार्ग आदि कई स्थानों पर ब्लांइड मोड़ है।

धूमिल हो चुके हैं संकेतक
जिले भर में यातायात को सुचारु रखने के लिए लगाए गए संकेतक की स्थिति भी ठीक नहीं है। ज्यादातर संकेतक जहां मिट गए हैं, वहीं कई पर तो लोगों ने अपने प्रचार के पोस्टर तक चस्पा कर रखे हैं। इससे भी हादसों की संभावना बनी रहती है। खासकर धुंध के दौरान संकेतक वाहन चालकों के लिए काफी कारगर साबित हो सकते हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
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हादसों से भी प्रशासन नहीं ले रहा सबक
जिले में सड़क हादसे में प्रत्येक वर्ष सैकड़ों जान चली जाती है। वर्ष 2016 में जहां सड़क हादसों में 306 लोगों की जान गई थी, वहीं वर्ष 2015 में 312 लोगों ने अपनी जान गवाई थी। जिले में वर्ष 2014 में 294, 2013 में 302 व वर्ष 2012 में 308 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। सोनीपत में कोहरे के कारण जनवरी 2012 को गोहाना-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 71-ए पर गाव चिड़ाना और मुंडलाना के बीच सवारियों से भरी क्रूजर जीप सामने से आ रहे कैंटर में टकरा गई थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हादसे में महिला समेत छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए थे। वहीं गांव नांगल खुर्द के पास 2 फरवरी, 2017 को कोहरे के कारण तीन वाहन टकरा गए थे। जिसमें कार सवार पंजाब के जिला लुधियाना के गांव जीतेवाल निवासी भूपेंद्र व उसके चचेरे भाई जितेंद्र की मौत हो गई थी। हादसे में उसके ताऊ का लडक़ा चरणजीत व ताई बलजीत कौर घायल हुए थे। सभी दिल्ली जा रहे थे। साथ ही ट्राला चालक यूपी निवासी मोहम्मद हसन व रोडवेज बस सवार छह सवारियां घायल हो गई थी। हादसा कोहरे में ट्राला चालक के विपरीत दिशा से आकर कार को टक्कर मारने से हुआ था। कार रोडवेज से टकरा गई थी।
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धूमिल हो चुके संकेतक को फिर से लिखवाने और नए संकेतक लगाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। नवंबर माह में सभी संकेतक सही कर दिए जाएंगे। इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है।

राधेश्याम शर्मा, एक्सईएन, नगर निगम

शहर में कई स्थानों पर ब्लाइंड मोड़ है। यह धुंध व कोहरे में हादसे का सबब बन सकते हैं। सुबह से समय अभी से धुंध पड़ने लगी है। इसके चलते लोगों की सुरक्षा को लेकर सभी मोड़ के पास संकेतक लगाने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
राहुल देव, डीएसपी ट्रैफिक
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