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सीवर और पानी की समस्या को लेकर निगम पार्षद आयुक्त से मिले
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निगम कार्यालय में आयुक्त धर्मेंद्र सिंह व मुख्य सफाई निरीक्षक सतेंद्र दहिया को अपनी शिकायतें बत
- फोटो : Sonipat
शहर में बदहाल सीवरेज व्यवस्था और कॉलोनियों में समय पर पानी आपूर्ति नहीं होने के कारण निगम पार्षद बिफर पड़े। उन्होंने निगम कार्यालय में आयुक्त धर्मेंद्र सिंह और मुख्य सफाई निरीक्षक सतेंद्र दहिया से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया।
उनका आरोप था कि सीवरेज समस्या को लेकर रोजाना शिकायत आ रही है। दूषित पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं किए जाने के कारण निगम क्षेत्र के लोग काफी परेशान है। वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या पूरी नहीं होने से सफाई भी देरी से हो पाती है। साथ ही पेयजल की समस्या का भी समाधान नहीं हो रहा है। जिस पर निगम आयुक्त धर्मेंद्र सिंह ने पार्षदों को एक सप्ताह के अंदर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। निगम पार्षदों का आरोप है कि कागजों में सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन धरातल पर सफाई तक अधिकारी नहीं करवा रहे हैं।
शहर के लाल दरवाजा, पटेल नगर, चावला कॉलोनी, राठधना, मॉडल टाउन, सिक्का कॉलोनी, जटवाड़ा, जीवन विहार, जवाहर नगर, आर्य नगर, गढ़ी घसीटा समेत कई क्षेत्र में दूषित पानी गलियों में बह रहा है। शहर के कई अन्य हिस्सों में गलियां नाले में तब्दील हो रही हैं। आए दिन लोग नगर निगम में पहुंच रहे हैं, जिनको समाधान कराने का आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। हालात सुधरने के बजाय बिगड़ ही रहे हैं। समाधान को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। नगर निगम ने शहर को दो जोन में बांटा है। सीवरेज समस्या के समाधान को लेकर नगर निगम ने एक प्राइवेट एजेंसी को दोनों जोन में ठेका दिया है। इसके बावजूद अधिकांश क्षेत्र में सीवरेज समस्या का समाधान नहीं होता, जिसके चलते पार्षदों के पास लगातार सीवरेज समस्या की शिकायतें पहुंच रही हैं, जिनका समाधान करने में वार्ड पार्षद भी नाकाम साबित हो रहे हैं।
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सीवरेज लाइन दबाने का काम भी अधर में लटका
सीवरेज लाइन दबाने का काम भी अधर में लटका है। वार्ड-1 क्षेत्र में कई जगह पर सीवरेज लाइन दबाने का काम किया जा रहा था, लेकिन उसे अब अधर में ही लटका दिया है। इसको लेकर वार्ड-1 के पार्षद हरी प्रकाश सैनी ने कहा कि सब्जी मंडी से राज मोहल्ले तक लाइन डाली गई है, आगे काम बंद कर दिया गया है। इससे वार्डवासियों को बड़ी परेशानी होगी। वहीं जटवाड़ा चुंगी से सब्जी मंडी के बीच दबाई जाने वाली स्ट्रोम वाटर लाइन भी चालू करवाने की मांग की। कई पार्षदों ने भी सीवरेज व्यवस्था पर निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए।
पार्षदों का आरोप, कई सफाई कर्मचारियों को कोठियों पर लगा रखा
निगम पार्षद हरिप्रकाश सैनी, सुरेंद्र नैय्यर व मुकेश सैनी का आरोप है कि नगर निगम की ओर से कई सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों की कोठियों पर लगा रखा है। इस संबंध में वह हाउस की बैठक के अलावा अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या पूरी नहीं है।
शहर में पानी की आपूर्ति का बुरा हाल
निगम पार्षदों ने कहा कि शहर में पानी आपूर्ति के हालात खराब है। सर्दी में भी कई बार पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन सर्दी में पानी की खपत बहुत कम है। गर्मी की सीजन में पिछले साल की तरह हालात खराब होने की आशंका है। पानी आपूर्ति को लेकर निगम की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। निगम की ओर से वार्डों में कई स्थानों पर लगाए ट्यूबवेल चालू कर दिए, लेकिन इससे होने वाली पानी आपूर्ति एक ही कॉलोनी तक सीमित है।
ये है स्थिति
- शहर में करीब 350 किलोमीटर सीवर लाइन हैं।
- निगम के पास एक सुपर सकर मशीन है।
- हर दिन 15-20 शिकायत निगम में सीवर ओवरफ्लो की पहुंच रही हैं।
- 35 एमएलडी क्षमता का एसटीपी राठधना में और 25 एमएलडी एसटीपी ककरोई रोड पर है।
- रुटीन में शहर 35 से 40 एमएलडी तक पानी बहा रहा है।
आयुक्त ने अधिकारियों को हालात सुधारने के निर्देश दिए
निगम पार्षदों को शांत करते हुए आयुक्त धर्मेंद्र सिंह ने अधिकारियों को हालात सुधारने के निर्देश दिए। एसई अशोक रावत को फोन करके शहर की बेहतर पानी आपूर्ति करने के लिए इस सप्ताह अधिकारियों संग बैठक करने के निर्देश दिए। मुख्य सफाई निरीक्षक सतेंद्र दहिया को कहा कि वार्ड के हिसाब से 15-15 पक्के कर्मचारी लगाए जाए। उनकी सूची बनाकर निगम पार्षदों को सौंपी जाएगी। काम नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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उनका आरोप था कि सीवरेज समस्या को लेकर रोजाना शिकायत आ रही है। दूषित पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं किए जाने के कारण निगम क्षेत्र के लोग काफी परेशान है। वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या पूरी नहीं होने से सफाई भी देरी से हो पाती है। साथ ही पेयजल की समस्या का भी समाधान नहीं हो रहा है। जिस पर निगम आयुक्त धर्मेंद्र सिंह ने पार्षदों को एक सप्ताह के अंदर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। निगम पार्षदों का आरोप है कि कागजों में सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन धरातल पर सफाई तक अधिकारी नहीं करवा रहे हैं।
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शहर के लाल दरवाजा, पटेल नगर, चावला कॉलोनी, राठधना, मॉडल टाउन, सिक्का कॉलोनी, जटवाड़ा, जीवन विहार, जवाहर नगर, आर्य नगर, गढ़ी घसीटा समेत कई क्षेत्र में दूषित पानी गलियों में बह रहा है। शहर के कई अन्य हिस्सों में गलियां नाले में तब्दील हो रही हैं। आए दिन लोग नगर निगम में पहुंच रहे हैं, जिनको समाधान कराने का आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। हालात सुधरने के बजाय बिगड़ ही रहे हैं। समाधान को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। नगर निगम ने शहर को दो जोन में बांटा है। सीवरेज समस्या के समाधान को लेकर नगर निगम ने एक प्राइवेट एजेंसी को दोनों जोन में ठेका दिया है। इसके बावजूद अधिकांश क्षेत्र में सीवरेज समस्या का समाधान नहीं होता, जिसके चलते पार्षदों के पास लगातार सीवरेज समस्या की शिकायतें पहुंच रही हैं, जिनका समाधान करने में वार्ड पार्षद भी नाकाम साबित हो रहे हैं।
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सीवरेज लाइन दबाने का काम भी अधर में लटका
सीवरेज लाइन दबाने का काम भी अधर में लटका है। वार्ड-1 क्षेत्र में कई जगह पर सीवरेज लाइन दबाने का काम किया जा रहा था, लेकिन उसे अब अधर में ही लटका दिया है। इसको लेकर वार्ड-1 के पार्षद हरी प्रकाश सैनी ने कहा कि सब्जी मंडी से राज मोहल्ले तक लाइन डाली गई है, आगे काम बंद कर दिया गया है। इससे वार्डवासियों को बड़ी परेशानी होगी। वहीं जटवाड़ा चुंगी से सब्जी मंडी के बीच दबाई जाने वाली स्ट्रोम वाटर लाइन भी चालू करवाने की मांग की। कई पार्षदों ने भी सीवरेज व्यवस्था पर निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए।
पार्षदों का आरोप, कई सफाई कर्मचारियों को कोठियों पर लगा रखा
निगम पार्षद हरिप्रकाश सैनी, सुरेंद्र नैय्यर व मुकेश सैनी का आरोप है कि नगर निगम की ओर से कई सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों की कोठियों पर लगा रखा है। इस संबंध में वह हाउस की बैठक के अलावा अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या पूरी नहीं है।
शहर में पानी की आपूर्ति का बुरा हाल
निगम पार्षदों ने कहा कि शहर में पानी आपूर्ति के हालात खराब है। सर्दी में भी कई बार पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन सर्दी में पानी की खपत बहुत कम है। गर्मी की सीजन में पिछले साल की तरह हालात खराब होने की आशंका है। पानी आपूर्ति को लेकर निगम की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। निगम की ओर से वार्डों में कई स्थानों पर लगाए ट्यूबवेल चालू कर दिए, लेकिन इससे होने वाली पानी आपूर्ति एक ही कॉलोनी तक सीमित है।
ये है स्थिति
- शहर में करीब 350 किलोमीटर सीवर लाइन हैं।
- निगम के पास एक सुपर सकर मशीन है।
- हर दिन 15-20 शिकायत निगम में सीवर ओवरफ्लो की पहुंच रही हैं।
- 35 एमएलडी क्षमता का एसटीपी राठधना में और 25 एमएलडी एसटीपी ककरोई रोड पर है।
- रुटीन में शहर 35 से 40 एमएलडी तक पानी बहा रहा है।
आयुक्त ने अधिकारियों को हालात सुधारने के निर्देश दिए
निगम पार्षदों को शांत करते हुए आयुक्त धर्मेंद्र सिंह ने अधिकारियों को हालात सुधारने के निर्देश दिए। एसई अशोक रावत को फोन करके शहर की बेहतर पानी आपूर्ति करने के लिए इस सप्ताह अधिकारियों संग बैठक करने के निर्देश दिए। मुख्य सफाई निरीक्षक सतेंद्र दहिया को कहा कि वार्ड के हिसाब से 15-15 पक्के कर्मचारी लगाए जाए। उनकी सूची बनाकर निगम पार्षदों को सौंपी जाएगी। काम नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।