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कूड़े के ढेर देखकर निगम आयुक्त ने जताई नाराजगी, जेबीएम अधिकारी को फटकार लगा दिया अल्टीमेटम
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ओल्ड डीसी रोड पर दुर्गा मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान जेबीएम कंपनी व नगर निगम के अधिकारियों से ब?
- फोटो : Sonipat
नगर निगम की नवनियुक्त आयुक्त मोनिका गुप्ता ने शुक्रवार को अचानक शहर का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था जांची। निरीक्षण के दौरान जगह-जगह कूड़े के ढेर देख आयुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित एजेंसी जेबीएम को जमकर लताड़ लगाई। व्यवस्था सुधारने के लिए उन्होंने कंपनी को सप्ताहभर का समय दिया और साथ ही कूड़ा उठान के लिए गाड़ियां बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उधर, मौके पर मौजूद सफाई निरीक्षक आयुक्त के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। आयुक्त मोनिका गुप्ता ने रिपोर्ट का हवाला दिया कि कचरा उठान के लिए शहर में 150 गाड़ियों की जरूरत है, जबकि महज 43 गाड़ियों से काम चलाया जा रहा है।
सफाई व्यवस्था का ठेका जेबीएम कंपनी के पास है। जेबीएम कंपनी पर काम सही न करने के चलते पहले भी कई बार जुर्माना लग चुका है। जुलाई में कंपनी पर 80 लाख रुपये व अगस्त में 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उसके बावजूद कूड़े का उठान ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है। इस समस्या को लेकर निगम के पार्षदों ने 25 अगस्त को पूर्व आयुक्त धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन भी दिया गया था। उसके बावजूद स्थिति नहीं सुधरी तो निगम आयुक्त ने इस पर संज्ञान लिया। निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता ने बताया कि उनके पास पांच दिन में पहुंची शिकायतों में सबसे ज्यादा शिकायत सफाई से संबंधित हैं। ऐसे में शुक्रवार दोपहर बाद निगम आयुक्त ने स्वयं शहर की सड़कं पर जाकर स्थिति देखी। इस दौरान निगम आयुक्त ने रेलवे रोड, एटलस रोड, गणेश पार्क के पास, दिल्ली रोड व बाबा धाम के पास पर कूड़े के ढेर लगे मिले। सफाई व्यवस्था की चरमराई स्थिति देख जुर्माना लगाने के साथ ही कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि काम सुचारु नहीं किया तो अनुबंध के अनुसार टेंडर को रद्द भी किया जा सकता है।
निगमायुक्त ने कूड़ा उठान के लिए गाड़ियां बढ़ाने के दिए निर्देश
निगम आयुक्त ने कंपनी प्रतिनिधियों और निगम के सफाई निरीक्षकों को सफाई व्यवस्था पर फटकार लगाई। आयुक्त ने पूछा कि जब शहर में कचरा उठाने के लिए 150 गाड़ियों की जरूरत है तो महज 43 से काम कैसे हो रहा है। आयुक्त ने एक सप्ताह के अंदर स्थिति सुधारने के आदेश दिए हैं। इसके बाद कार्रवाई भी चेतावनी दी है।
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मेयर ने शहर की समस्याओं को लेकर आयुक्त से की बातचीत
मेयर निखिल मदान ने शुक्रवार को निगम आयुक्त से मिलकर शहर की समस्याओं के बारे में बातचीत की। मेयर ने कहा की जेबीएम कंपनी की लापरवाही के चलते सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। निगम के सफाई निरीक्षक व जेबीएम कंपनी सफाई व्यवस्था पर गंभीर नहीं हैं। इसको लेकर निगम के सभी पार्षद पूर्व निगम आयुक्त को पत्र लिखकर एजेंसी पर कार्यवाही की मांग कर चुके हैं। कंपनी घर-घर से कूड़ा उठाने के कार्य में भी विफल रही है। मेयर निखिल मदान ने संपत्ति कर शाखा में चल रही अनियमितताओं को लेकर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस पर निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता ने सभी समस्याओं को जल्द दूर कराने का आश्वासन दिया।
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सफाई व्यवस्था का ठेका जेबीएम कंपनी के पास है। जेबीएम कंपनी पर काम सही न करने के चलते पहले भी कई बार जुर्माना लग चुका है। जुलाई में कंपनी पर 80 लाख रुपये व अगस्त में 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उसके बावजूद कूड़े का उठान ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है। इस समस्या को लेकर निगम के पार्षदों ने 25 अगस्त को पूर्व आयुक्त धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन भी दिया गया था। उसके बावजूद स्थिति नहीं सुधरी तो निगम आयुक्त ने इस पर संज्ञान लिया। निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता ने बताया कि उनके पास पांच दिन में पहुंची शिकायतों में सबसे ज्यादा शिकायत सफाई से संबंधित हैं। ऐसे में शुक्रवार दोपहर बाद निगम आयुक्त ने स्वयं शहर की सड़कं पर जाकर स्थिति देखी। इस दौरान निगम आयुक्त ने रेलवे रोड, एटलस रोड, गणेश पार्क के पास, दिल्ली रोड व बाबा धाम के पास पर कूड़े के ढेर लगे मिले। सफाई व्यवस्था की चरमराई स्थिति देख जुर्माना लगाने के साथ ही कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि काम सुचारु नहीं किया तो अनुबंध के अनुसार टेंडर को रद्द भी किया जा सकता है।
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निगमायुक्त ने कूड़ा उठान के लिए गाड़ियां बढ़ाने के दिए निर्देश
निगम आयुक्त ने कंपनी प्रतिनिधियों और निगम के सफाई निरीक्षकों को सफाई व्यवस्था पर फटकार लगाई। आयुक्त ने पूछा कि जब शहर में कचरा उठाने के लिए 150 गाड़ियों की जरूरत है तो महज 43 से काम कैसे हो रहा है। आयुक्त ने एक सप्ताह के अंदर स्थिति सुधारने के आदेश दिए हैं। इसके बाद कार्रवाई भी चेतावनी दी है।
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मेयर ने शहर की समस्याओं को लेकर आयुक्त से की बातचीत
मेयर निखिल मदान ने शुक्रवार को निगम आयुक्त से मिलकर शहर की समस्याओं के बारे में बातचीत की। मेयर ने कहा की जेबीएम कंपनी की लापरवाही के चलते सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। निगम के सफाई निरीक्षक व जेबीएम कंपनी सफाई व्यवस्था पर गंभीर नहीं हैं। इसको लेकर निगम के सभी पार्षद पूर्व निगम आयुक्त को पत्र लिखकर एजेंसी पर कार्यवाही की मांग कर चुके हैं। कंपनी घर-घर से कूड़ा उठाने के कार्य में भी विफल रही है। मेयर निखिल मदान ने संपत्ति कर शाखा में चल रही अनियमितताओं को लेकर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस पर निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता ने सभी समस्याओं को जल्द दूर कराने का आश्वासन दिया।