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काेराेना : प्रशासन ने बढ़ाई पाबंदी तो लामबंद हुए व्यापारी व दुकानदार
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सोनीपत कच्चे क्वार्टर की मार्केट में लगी भीड़। संवाद
- फोटो : Sonipat
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कोरोना की तीसरी लहर व ओमिक्रॉन वैरिएंट फैलने की आशंका के चलते सरकार की तरफ से लागू पाबंदियों के खिलाफ दुकानदार लामबंद हो गए हैं। दुकानदारों व व्यापारियों के साथ ही जिला व्यापार मंडल ने शाम पांच बजे दुकानें बंद करने के फैसले का विरोध करने का निर्णय लिया है। आरोप है कि पहले ही कोरोना की दो लहर व बीच में किसान आंदोलन के चलते उनका व्यापार चौपट हो चुका है। अब पाबंदी लगी तो वह बर्बाद हो जाएंगे।
कोरोना के मामले लगातार बढ़ने के कारण प्रदेश सरकार ने सोनीपत समेत पांच जिलों में पाबंदी बढ़ा दी है। दुकानें व मॉल शाम पांच बजे ही बंद कराने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर अमर उजाला ने व्यापारियों व दुकानदारों से बातचीत की तो वह फैसले से पूरी तरह मायूस नजर आए। उन्होंने कहा कि कोरोना नियमों का पालन कराते हुए बाजारों को खोलने की अनुमति दी जाए।
यह बोले दुकानदार
कोरोना संक्रमण के नाम पर दुकानों को पांच बजे बंद कराए जाने का फैसला किसी भी सूरत में दुकानदार व व्यापारियों के हित में नहीं है। इससे दुकानदारों को काफी नुकसान होगा। शाम को ही दुकानदारी का समय होता है। ऐसे में दुकानें बंद करने के निर्णय से हम बर्बाद हो जाएंगे। सरकार को इस दिशा में सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए।
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- वेदप्रकाश, दुकानदार
कोरोना की दो लहर के साथ किसान आंदोलन से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दुकानदार व व्यापारी किराया भी नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे में शाम पांच बजे दुकान बंद किए जाने का निर्णय हमारे लिए गलत है। इस निर्णय को लागू करने से पहले दुकानदारों व व्यापारियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए।
- शेर सिंह, व्यापारी
सरकार व प्रशासन को दुकानों के हित में काम करना चाहिए। एक तरफ दुकानें शाम पांच बजे बंद करने के आदेश दिए जा रहे हैं, दूसरी तरह नेता बड़ी-बड़ी रैलियां कर रहे हैं। पंजाब व यूपी में होने वाली रैलियों से कोरोना फैलने का खतरा दुकानें खोलने से कहीं ज्यादा है। ऐसे में रैलियों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय छोटे दुकानदारों व व्यापारियों को बर्बाद करने के फैसले लिए जा रहे हैं। सरकार को सभी के हित में कदम उठाने चाहिए।
- जयकंवार, व्यापारी
दो साल से व्यापार व बाजार ठप हो गए हैं। पहले कोरोना की मार के कारण बाजार बंद रहे। फिर सालभर किसान आंदोलन ने जिले के व्यापार की कमर तोड़ दी और अब फिर से व्यापारियों पर पाबंदी लगाई जा रही है। यह बेहद चिंताजनक है। लाखों रुपये दुकानों की पगड़ी व हजारों का किराया देकर दुकानदार बैठे हैं। ऐसे में पाबंदियों से दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे।
- गगन, दुकानदार
व्यापारियों व दुकानदारों के साथ सरकार व प्रशासन दोहरा मापदंड अपना रहा है। रैलियों पर पाबंदी लगाने के बजाय दुकानदारों व व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिला व्यापार मंडल मांग करता है कि व्यापारियों को भी बंद के दौरान पैकेज मिलना चाहिए। साथ ही बैंक ब्याज, बिजली बिल, बच्चों की फीस, दुकान का किराया माफ होना चाहिए। इसे लेकर जिला व्यापार मंडल सोमवार को डीसी से मिलेगा। व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल दोपहर एक बजे डीसी से मिलेगा।
- संजय सिंगला, प्रधान जिला व्यापार मंडल सोनीपत
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कोरोना के मामले लगातार बढ़ने के कारण प्रदेश सरकार ने सोनीपत समेत पांच जिलों में पाबंदी बढ़ा दी है। दुकानें व मॉल शाम पांच बजे ही बंद कराने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर अमर उजाला ने व्यापारियों व दुकानदारों से बातचीत की तो वह फैसले से पूरी तरह मायूस नजर आए। उन्होंने कहा कि कोरोना नियमों का पालन कराते हुए बाजारों को खोलने की अनुमति दी जाए।
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यह बोले दुकानदार
कोरोना संक्रमण के नाम पर दुकानों को पांच बजे बंद कराए जाने का फैसला किसी भी सूरत में दुकानदार व व्यापारियों के हित में नहीं है। इससे दुकानदारों को काफी नुकसान होगा। शाम को ही दुकानदारी का समय होता है। ऐसे में दुकानें बंद करने के निर्णय से हम बर्बाद हो जाएंगे। सरकार को इस दिशा में सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए।
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- वेदप्रकाश, दुकानदार
कोरोना की दो लहर के साथ किसान आंदोलन से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दुकानदार व व्यापारी किराया भी नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे में शाम पांच बजे दुकान बंद किए जाने का निर्णय हमारे लिए गलत है। इस निर्णय को लागू करने से पहले दुकानदारों व व्यापारियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए।
- शेर सिंह, व्यापारी
सरकार व प्रशासन को दुकानों के हित में काम करना चाहिए। एक तरफ दुकानें शाम पांच बजे बंद करने के आदेश दिए जा रहे हैं, दूसरी तरह नेता बड़ी-बड़ी रैलियां कर रहे हैं। पंजाब व यूपी में होने वाली रैलियों से कोरोना फैलने का खतरा दुकानें खोलने से कहीं ज्यादा है। ऐसे में रैलियों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय छोटे दुकानदारों व व्यापारियों को बर्बाद करने के फैसले लिए जा रहे हैं। सरकार को सभी के हित में कदम उठाने चाहिए।
- जयकंवार, व्यापारी
दो साल से व्यापार व बाजार ठप हो गए हैं। पहले कोरोना की मार के कारण बाजार बंद रहे। फिर सालभर किसान आंदोलन ने जिले के व्यापार की कमर तोड़ दी और अब फिर से व्यापारियों पर पाबंदी लगाई जा रही है। यह बेहद चिंताजनक है। लाखों रुपये दुकानों की पगड़ी व हजारों का किराया देकर दुकानदार बैठे हैं। ऐसे में पाबंदियों से दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे।
- गगन, दुकानदार
व्यापारियों व दुकानदारों के साथ सरकार व प्रशासन दोहरा मापदंड अपना रहा है। रैलियों पर पाबंदी लगाने के बजाय दुकानदारों व व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिला व्यापार मंडल मांग करता है कि व्यापारियों को भी बंद के दौरान पैकेज मिलना चाहिए। साथ ही बैंक ब्याज, बिजली बिल, बच्चों की फीस, दुकान का किराया माफ होना चाहिए। इसे लेकर जिला व्यापार मंडल सोमवार को डीसी से मिलेगा। व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल दोपहर एक बजे डीसी से मिलेगा।
- संजय सिंगला, प्रधान जिला व्यापार मंडल सोनीपत