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Sonipat News: हवलदार पर अभद्रता का आरोप, वकीलों ने किया शुरू किया वर्क सस्पेंड
Tue, 06 Feb 2024 03:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 06 Feb 2024 03:02 AM IST
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सोनीपत बार एसोसिएशन में बैठक को संबोधित करते प्रधान अनिल ढुल। स्रोत अधिवक्ता
सोनीपत। जिला बार एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता के साथ सेक्टर-27 थाने में अभद्रता के मामले में सोमवार को जिला बार एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन वर्क सस्पेंड कर दिया। इसके लिए जिला बार एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई थी जिसमें घटना की निंदा करते हुए पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। निर्णय लिया गया कि जब तक पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक वर्क सस्पेंड रखा जाएगा।
जिला बार एसोसिएशन की बैठक में प्रधान अनिल ढुल ने कहा कि अधिवक्ता प्रणयदीप चौधरी के साथ सेक्टर-27 पुलिस थाना में गलत व्यवहार हुआ था। उन्हें धमकी भी दी गई थी। उन्होंने बताया कि वह 12 जनवरी को थाने में गए थे। वहां पर दुर्व्यवहार को लेकर पुलिस के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस मामले को लेकर सोमवार को बार एसोसिएशन की जनरल हाउस की बैठक बुलाई गई। इसमें सीनियर अधिवक्ता महेंद्र सैनी, कमल हुड्डा, कृष्ण मलिक, अशोक पंडित व राजीव चौधरी ने सिफारिश की। इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक अधिवक्ता अदालती कार्य नहीं करेंगे। सिर्फ बार एसोसिएशन के पदाधिकारी बतौर प्रॉक्सी कोर्ट में हाजिरी होंगे। अदालत में पेश होने को लेकर फिर से जनरल हाउस की बैठक बुलाकर ही निर्णय लिया जा सकेगा। अगर कोई अधिवक्ता वर्क सस्पेंड के दौरान कोर्ट में पेश होंगे तो उन पर 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
डीसीपी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले को लेकर मिली शिकायत पर एसीपी को जांच सौंपी गई है। निष्पक्षता से जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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जिला बार एसोसिएशन की बैठक में प्रधान अनिल ढुल ने कहा कि अधिवक्ता प्रणयदीप चौधरी के साथ सेक्टर-27 पुलिस थाना में गलत व्यवहार हुआ था। उन्हें धमकी भी दी गई थी। उन्होंने बताया कि वह 12 जनवरी को थाने में गए थे। वहां पर दुर्व्यवहार को लेकर पुलिस के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस मामले को लेकर सोमवार को बार एसोसिएशन की जनरल हाउस की बैठक बुलाई गई। इसमें सीनियर अधिवक्ता महेंद्र सैनी, कमल हुड्डा, कृष्ण मलिक, अशोक पंडित व राजीव चौधरी ने सिफारिश की। इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक अधिवक्ता अदालती कार्य नहीं करेंगे। सिर्फ बार एसोसिएशन के पदाधिकारी बतौर प्रॉक्सी कोर्ट में हाजिरी होंगे। अदालत में पेश होने को लेकर फिर से जनरल हाउस की बैठक बुलाकर ही निर्णय लिया जा सकेगा। अगर कोई अधिवक्ता वर्क सस्पेंड के दौरान कोर्ट में पेश होंगे तो उन पर 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
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डीसीपी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले को लेकर मिली शिकायत पर एसीपी को जांच सौंपी गई है। निष्पक्षता से जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।