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बरोदाः कांग्रेस ने 11 साल पहले इनेलो से छीन बनाया गढ़, श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन से खाली हुई सीट
Wed, 30 Sep 2020 12:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला, सोनीपत
अमर उजाला, सोनीपत
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 12:22 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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इनेलो की सीट रही बरोदा विधानसभा को 11 साल पहले कांग्रेस ने छीन लिया और वहां से लगातार तीन बार कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा ने जीतकर हैट्रिक बनाई। लेकिन जाट बाहुल्य सीट पर भाजपा भी अपना ग्राफ बढ़ाने का प्रयास कर रही है और कांग्रेस के गढ़ को भेदने में जुटी है। इस जाट बाहुल्य सीट पर भाजपा पहली बार जीत दर्ज करके अपना खाता खोलना चाहती है। वहीं कांग्रेस भी उपचुनाव को हल्के में नहीं लेती दिख रही है और वह लगातार चौथी बार जीत दर्ज करने के लिए पूरा जोर लगाएगी।
बरोदा विधानसभा सीट पर वर्ष 2000 में इनेलो का कब्जा हुआ था और उस समय प्रदेश में सरकार भी इनेलो की बनी थी। उसके बाद वर्ष 2005 में भले ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी हो। लेकिन बरोदा सीट पर इनेलो का ही कब्जा कायम रहा। वर्ष 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने बरोदा सीट को इनेलो से छीन लिया और कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा ने जीत दर्ज की। वहीं वर्ष 2014 में जब प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनी, तब भी कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा का बरोदा पर कब्जा कायम रहा।
इस सीट को कांग्रेस से छीनने के लिए भाजपा ने 2019 में पहलवान योगेश्वर दत्त पर दांव खेला, लेकिन भाजपा को कामयाबी नहीं मिल सकी और इस बार भी कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा ने जीत दर्ज करके हैट्रिक बनाई। इस जाट बाहुल्य सीट पर भाजपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी को मैदान में उतारकर दांव खेला था। जिसमें भाजपा को कामयाबी भले ही नहीं मिली, लेकिन उसका ग्राफ जरूर बढ़ गया था। इस बार भी कांग्रेस के गढ़ को भेदने के लिए भाजपा पूरा जोर लगा रही है और वह कांग्रेस से सीट को छीनकर पहली बार जीत दर्ज करना चाहती है। हालांकि चुनाव का गणित प्रत्याशियों पर निर्भर करेगा, लेकिन उससे पहले पार्टियां अपना पूरा दम लगा रही है।
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भाजपा के योगेश्वर, केसी बांगड़, कपूर नरवाल, भूपेंद्र बड़े दावेदार
वर्ष 2019 में योगेश्वर दत्त ने भाजपा के टिकट पर बरोदा से चुनाव लड़ा था तो इस बार भी उनका नाम चल रहा है। जजपा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष केसी बांगड़ का नाम भी दावेदारों में चल रहा है और यह कहा जा रहा है कि उनको भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ाया जा सकता है। जबकि कपूर नरवाल व भूपेंद्र मलिक भी भाजपा के चेहरे हो सकते हैं।
कांग्रेस के कई दावेदार, पूर्व सांसद व पूर्व विधायक के बेटों की बड़ी दावेदारी
कांग्रेस से चुनाव लड़ने वाले दावेदार भी कई हैं, लेकिन उनमें बड़ी दावेदारी गिने चुने नेताओं की दिख रही है। बरोदा से विधायक रहे श्रीकृष्ण हुड्डा के परिवार को चुनाव लड़ाए जाने की बात कही जा रही है और उसमें भी उनके बेटे जितेंद्र उर्फ जीता हुड्डा की पत्नी को चुनाव में उतारा जा सकता है। पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के बेटे प्रदीप सांगवान भी दावेदारों में शामिल हैं। इनके अलावा कर्नल रोहित मोर भी कांग्रेस के दावेदारों में शामिल है।
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बरोदा विधानसभा सीट पर वर्ष 2000 में इनेलो का कब्जा हुआ था और उस समय प्रदेश में सरकार भी इनेलो की बनी थी। उसके बाद वर्ष 2005 में भले ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी हो। लेकिन बरोदा सीट पर इनेलो का ही कब्जा कायम रहा। वर्ष 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने बरोदा सीट को इनेलो से छीन लिया और कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा ने जीत दर्ज की। वहीं वर्ष 2014 में जब प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनी, तब भी कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा का बरोदा पर कब्जा कायम रहा।
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इस सीट को कांग्रेस से छीनने के लिए भाजपा ने 2019 में पहलवान योगेश्वर दत्त पर दांव खेला, लेकिन भाजपा को कामयाबी नहीं मिल सकी और इस बार भी कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा ने जीत दर्ज करके हैट्रिक बनाई। इस जाट बाहुल्य सीट पर भाजपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी को मैदान में उतारकर दांव खेला था। जिसमें भाजपा को कामयाबी भले ही नहीं मिली, लेकिन उसका ग्राफ जरूर बढ़ गया था। इस बार भी कांग्रेस के गढ़ को भेदने के लिए भाजपा पूरा जोर लगा रही है और वह कांग्रेस से सीट को छीनकर पहली बार जीत दर्ज करना चाहती है। हालांकि चुनाव का गणित प्रत्याशियों पर निर्भर करेगा, लेकिन उससे पहले पार्टियां अपना पूरा दम लगा रही है।
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भाजपा के योगेश्वर, केसी बांगड़, कपूर नरवाल, भूपेंद्र बड़े दावेदार
वर्ष 2019 में योगेश्वर दत्त ने भाजपा के टिकट पर बरोदा से चुनाव लड़ा था तो इस बार भी उनका नाम चल रहा है। जजपा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष केसी बांगड़ का नाम भी दावेदारों में चल रहा है और यह कहा जा रहा है कि उनको भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ाया जा सकता है। जबकि कपूर नरवाल व भूपेंद्र मलिक भी भाजपा के चेहरे हो सकते हैं।
कांग्रेस के कई दावेदार, पूर्व सांसद व पूर्व विधायक के बेटों की बड़ी दावेदारी
कांग्रेस से चुनाव लड़ने वाले दावेदार भी कई हैं, लेकिन उनमें बड़ी दावेदारी गिने चुने नेताओं की दिख रही है। बरोदा से विधायक रहे श्रीकृष्ण हुड्डा के परिवार को चुनाव लड़ाए जाने की बात कही जा रही है और उसमें भी उनके बेटे जितेंद्र उर्फ जीता हुड्डा की पत्नी को चुनाव में उतारा जा सकता है। पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के बेटे प्रदीप सांगवान भी दावेदारों में शामिल हैं। इनके अलावा कर्नल रोहित मोर भी कांग्रेस के दावेदारों में शामिल है।