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Sonipat News: ई रिक्शा घोटाले की जांच व चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए समिति सदस्य एकजुट
Sun, 14 Apr 2024 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 14 Apr 2024 11:30 PM IST
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सोनीपत के गन्नौर में पंचायत समिति के सदस्य सर्वसम्मति से पारित किए प्रस्तावों को दिखाते हुए। सं
गन्नौर। पंचायत समिति के सदस्यों ने ई-रिक्शा खरीद में हुए घोटाले को लेकर बैठक कर आगामी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की है। बैठक में सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सहमति जताई। सदस्यों ने एकमत से खरीद घोटाले की जांच में कोताही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना कि अभी तक समिति सदस्यों को आश्वासन नहीं मिला है कि ई रिक्शा खरीद घोटाला करने वालों पर कार्रवाई होगी। समिति सदस्यों का आरोप है कि ई रिक्शा में पाई गई कमियों को दूर करवाया जा रहा है।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि जांच चलने के बीच में चेयरमैन व पंचायत विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के कारण गांवों में कई ई रिक्शा खरीद कंपनी के कर्मचारी सर्विस की आड़ में ई-रिक्शा में फेरबदल के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि विजिलेंस जांच को प्रभावित किया जा सके। वार्ड-15 गुमड़ में ई रिक्शा कंपनी के कर्मचारियों को समिति सदस्य ने वापस लौटा दिया है। इसके अलावा बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वह घोटाले वाले ई रिक्शा को अपने वार्ड में नही चलने देंगे और प्रशासन के माध्यम से कंपनी को वापस लौटाया जाएगा। यही नहीं चेयरमैन के खिलाफ उपायुक्त को मांग पत्र देकर बहुमत दोबारा से साबित करने की मांग की जाएगी। सभी सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि उनके वार्डों के विकास के पैसे से सीधे उनके वार्ड में काम करवाए जाएं। समिति सदस्यों ने रोष प्रकट किया कि विजिलेंस जांच के बीच में ऐसे ई-रिक्शा में फेरबदल करवाने से घोटाला खुद ही उजागर हो रहा है। इस अवसर पर पंचायत समिति गन्नौर के सदस्य जितेंद्र गोस्वामी, मंजू रानी, अरुण, रामनिवास, प्रवीन रानी, अजय त्यागी, जगमेंद्र सिंह, राजेश, सोनू, रविना, अनिल, विरेंद्र सिंह, सुरेंद्र, नीरज कुमार, प्रवीन कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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सदस्यों ने आरोप लगाया कि जांच चलने के बीच में चेयरमैन व पंचायत विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के कारण गांवों में कई ई रिक्शा खरीद कंपनी के कर्मचारी सर्विस की आड़ में ई-रिक्शा में फेरबदल के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि विजिलेंस जांच को प्रभावित किया जा सके। वार्ड-15 गुमड़ में ई रिक्शा कंपनी के कर्मचारियों को समिति सदस्य ने वापस लौटा दिया है। इसके अलावा बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वह घोटाले वाले ई रिक्शा को अपने वार्ड में नही चलने देंगे और प्रशासन के माध्यम से कंपनी को वापस लौटाया जाएगा। यही नहीं चेयरमैन के खिलाफ उपायुक्त को मांग पत्र देकर बहुमत दोबारा से साबित करने की मांग की जाएगी। सभी सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि उनके वार्डों के विकास के पैसे से सीधे उनके वार्ड में काम करवाए जाएं। समिति सदस्यों ने रोष प्रकट किया कि विजिलेंस जांच के बीच में ऐसे ई-रिक्शा में फेरबदल करवाने से घोटाला खुद ही उजागर हो रहा है। इस अवसर पर पंचायत समिति गन्नौर के सदस्य जितेंद्र गोस्वामी, मंजू रानी, अरुण, रामनिवास, प्रवीन रानी, अजय त्यागी, जगमेंद्र सिंह, राजेश, सोनू, रविना, अनिल, विरेंद्र सिंह, सुरेंद्र, नीरज कुमार, प्रवीन कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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