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कुंडली की 200 फैक्ट्री मालिकों ने नहीं ली एनओसी, 10 हजार श्रमिकों की जान खतरे में
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:22 AM IST
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कुंडली के औद्योगिक एरिया
- फोटो : sonipat
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दिल्ली से सटे कुंडली के औद्योगिक एरिया में 10 हजार के करीब श्रमिकों व कर्मचारियों की जान खतरे में है, क्योंकि अकेले एचएसआईडीसी कुंडली की 200 के करीब फैक्ट्रियों ने फायर विभाग से एनओसी नहीं ली है। फायर विभाग ने पानीपत के कुराड़ गांव में हुए हादसे से सबक लेते हुए फैक्ट्री मालिकों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। विभाग एक सप्ताह में 50 फैक्ट्री मालिकों को नोटिस भेज चुका है। वहीं, कुंडली इंडस्ट्री एसोसिएशन का कहना है कि फैक्ट्री मालिकों के साथ विभाग को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। समय-समय पर आकर आगजनी रोकने के लिए बनाए गए नियमों की जांच करनी चाहिए।
पानीपत के नजदीक कुराड़ गांव स्थित स्पिनिंग मिल में 25 नवंबर को अचानक पिछले दिनों आग लग गई, जिसमें जलने से आठ श्रमिक की मौत हो गई थी और करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया था। तभी से सवाल उठने लगे थे कि क्या दूसरी औद्योगिक इकाइयों में आगजनी की रोकथाम के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं या नहीं? साथ ही भविष्य में इस तरह के दोबारा हादसे न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
इसी के चलते फायर विभाग हरकत में आया है और फैक्ट्रियों के अंदर आगजनी रोकने के लिए किए जाने वाले सुरक्षा के इंतजामों की समीक्षा की जा रही है। सोनीपत जिले में 1,600 के करीब औद्योगिक इकाइयां हैं, जिसमें अकेले कुंडली इलाकों में 800 के करीब कंपनी हैं। यह इलाका एक तरफ दिल्ली व दूसरी तरफ यूपी की सीमा से सट्टा है। फायर विभाग ने जांच की, जिसमें 200 के करीब फैक्ट्रियों के पास विभाग से ली जाने वाली एनओसी नहीं मिली। विभाग तभी फैक्ट्री मालिक को नोटिस देता है, जो आग से सुरक्षा संबंधी मापदंडो पर पूरा करते हैं। साथ ही गन्नौर के बड़ी औद्योगिक एरिया की भी छह कंपनियों के पास एनओसी नहीं हैं।
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कुंडली में भारी संख्या में प्रवासी श्रमिक
एचएसआईडीसी कुंडली दिल्ली के सबसे नजदीक है, जहां हजारों प्रवासी मजदूर नौकरी करते हैं। कुंडली गांव के अंदर इतने ही मूल निवासी और इतने ही बाहरी परिवार हैं, जो आसपास की कंपनियों में काम करते हैं और कुंडली में किराए पर मकान लेकर रहते हैं। काफी ने तो यहीं राशन व वोटर कार्ड बनवा लिए हैं। यहां तक कि पंचायत चुनाव में बाहरी श्रमिकों की हार-जीत के गणित में भी अहम भूमिका रहती है।
पहले कहां थे अधिकारी
कुंडली इंडस्ट्री एसोसिएशन (कीया) के प्रधान सुभाष गुप्ता का कहना है कि हादसे के बाद ही फायर ऑफिसर जागते हैं। कुंडली एरिया में कुछ ऐसी भी फैक्ट्री हैं, जिन्होंने आग बुझाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए, लेकिन उनके पास विभाग द्वारा दी गई एनओसी है। जिले के आला अधिकारी आकर जांच करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी। एसोसिएशन तो खुद उन फैक्टरी मालिकों को एनओसी लेेने के लिए प्रेरित करती है, जिन्होंने अब तक एनओसी नहीं ली। इसके लिए कीया का एक सदस्य फैक्ट्री मालिक को नियमों के बारे में बताता है। कीया विभाग से एनओसी दिलवाती है।
बिना नियम एनओसी लेने वालों की होगी जांच
औद्योगिक इकाइयों में आग से सुरक्षा संबंधी प्रबंधों की समीक्षा की जा रही है। इसके चलते एचएसआईडीसी कुंडली एरिया की जांच की। जांच में 200 कंपनियों के पास फायर विभाग से समय-समय पर दी जाने वाली एनओसी नहीं मिली। तत्काल नोटिस भेजकर एनओसी लेने के लिए कहा गया है। अगर कोई हादसा होता है फैक्ट्री मालिक खुद जिम्मेदार होंगे। साथ ही विभाग भी कार्रवाई करेगा। विभाग पारदर्शिता से जांच-पड़ताल कर रहा है। अगर नियमों को ताक पर किसी ने एनओसी ली है तो उसकी जांच करेंगे।
-राजेंद्र दहिया, फायर अधिकारी, सोनीपत
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पानीपत के नजदीक कुराड़ गांव स्थित स्पिनिंग मिल में 25 नवंबर को अचानक पिछले दिनों आग लग गई, जिसमें जलने से आठ श्रमिक की मौत हो गई थी और करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया था। तभी से सवाल उठने लगे थे कि क्या दूसरी औद्योगिक इकाइयों में आगजनी की रोकथाम के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं या नहीं? साथ ही भविष्य में इस तरह के दोबारा हादसे न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
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इसी के चलते फायर विभाग हरकत में आया है और फैक्ट्रियों के अंदर आगजनी रोकने के लिए किए जाने वाले सुरक्षा के इंतजामों की समीक्षा की जा रही है। सोनीपत जिले में 1,600 के करीब औद्योगिक इकाइयां हैं, जिसमें अकेले कुंडली इलाकों में 800 के करीब कंपनी हैं। यह इलाका एक तरफ दिल्ली व दूसरी तरफ यूपी की सीमा से सट्टा है। फायर विभाग ने जांच की, जिसमें 200 के करीब फैक्ट्रियों के पास विभाग से ली जाने वाली एनओसी नहीं मिली। विभाग तभी फैक्ट्री मालिक को नोटिस देता है, जो आग से सुरक्षा संबंधी मापदंडो पर पूरा करते हैं। साथ ही गन्नौर के बड़ी औद्योगिक एरिया की भी छह कंपनियों के पास एनओसी नहीं हैं।
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कुंडली में भारी संख्या में प्रवासी श्रमिक
एचएसआईडीसी कुंडली दिल्ली के सबसे नजदीक है, जहां हजारों प्रवासी मजदूर नौकरी करते हैं। कुंडली गांव के अंदर इतने ही मूल निवासी और इतने ही बाहरी परिवार हैं, जो आसपास की कंपनियों में काम करते हैं और कुंडली में किराए पर मकान लेकर रहते हैं। काफी ने तो यहीं राशन व वोटर कार्ड बनवा लिए हैं। यहां तक कि पंचायत चुनाव में बाहरी श्रमिकों की हार-जीत के गणित में भी अहम भूमिका रहती है।
पहले कहां थे अधिकारी
कुंडली इंडस्ट्री एसोसिएशन (कीया) के प्रधान सुभाष गुप्ता का कहना है कि हादसे के बाद ही फायर ऑफिसर जागते हैं। कुंडली एरिया में कुछ ऐसी भी फैक्ट्री हैं, जिन्होंने आग बुझाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए, लेकिन उनके पास विभाग द्वारा दी गई एनओसी है। जिले के आला अधिकारी आकर जांच करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी। एसोसिएशन तो खुद उन फैक्टरी मालिकों को एनओसी लेेने के लिए प्रेरित करती है, जिन्होंने अब तक एनओसी नहीं ली। इसके लिए कीया का एक सदस्य फैक्ट्री मालिक को नियमों के बारे में बताता है। कीया विभाग से एनओसी दिलवाती है।
बिना नियम एनओसी लेने वालों की होगी जांच
औद्योगिक इकाइयों में आग से सुरक्षा संबंधी प्रबंधों की समीक्षा की जा रही है। इसके चलते एचएसआईडीसी कुंडली एरिया की जांच की। जांच में 200 कंपनियों के पास फायर विभाग से समय-समय पर दी जाने वाली एनओसी नहीं मिली। तत्काल नोटिस भेजकर एनओसी लेने के लिए कहा गया है। अगर कोई हादसा होता है फैक्ट्री मालिक खुद जिम्मेदार होंगे। साथ ही विभाग भी कार्रवाई करेगा। विभाग पारदर्शिता से जांच-पड़ताल कर रहा है। अगर नियमों को ताक पर किसी ने एनओसी ली है तो उसकी जांच करेंगे।
-राजेंद्र दहिया, फायर अधिकारी, सोनीपत