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Sonipat News: सीएनजी संकट...वाहनों के पहिये थमे, स्कूल बंद, पढ़ाई हो रही प्रभावित
Thu, 21 Aug 2025 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:57 AM IST
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फोटो :24: सोनीपत में सीएनजी स्टेशन के बाहर लगी लाइन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सीएनजी संकट गहराने से जनजीवन अब प्रभावित होने लगा है। सीएनजी नहीं मिलने से ऑटो-टैक्सी चालकों के साथ-साथ स्कूलों की बसें और वैन भी प्रभावित हुई हैं। स्कूलों के अधिकतर वाहन सीएनजी संचालित हैं। ऐसे में सीएनजी नहीं मिलने से कई स्कूलों को छुट्टी करनी पड़ी है। कई ऑटो, टैक्सी और स्कूल वाहन मजबूरी में पेट्रोल के सहारे चल रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
गेल गैस कंपनी की सप्लाई लाइन उत्तर प्रदेश के बागपत के पास यमुना नदी में पानी के तेज बहाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गई थी। जलस्तर अधिक होने के कारण मरम्मत कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही यमुना का जलस्तर कम होगा, मरम्मत कार्य तेज गति से शुरू किया जाएगा। साथ ही, अन्य कंपनी की पाइपलाइन से गैस आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी है।
स्थिति यह है कि जिले में सिर्फ दो-तीन स्थानों पर ही सीएनजी की आपूर्ति हो रही है, जहां वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। चालक घंटों लाइन में लगने के बाद ही गैस भरवा पा रहे हैं। जिनको गैस नहीं मिल रही है, वह मजबूरी में महंगे पेट्रोल के सहारे गाड़ियों का संचालन कर रहे हैं। इससे उनकी रोजमर्रा की कमाई पर गहरा असर पड़ रहा है।
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सीएनजी नहीं मिलने से राई क्षेत्र के कुछ स्कूलों को बुधवार को छुट्टी करनी पड़ी। एक स्कूल संचालक ने बताया कि गैस का प्रबंध नहीं होने के चलते बस नहीं भेजी गई। इसके चलते दूर से आने वाले बच्चों की छुट्टी कर दी गई। उन्होंने बताया कि पानीपत से गाड़ियों में सीएनजी भरवाकर आए हैं। एक अन्य स्कूल प्रबंधक ने बताया कि सीएनजी लेने के लिए स्कूल बस को दिल्ली भेजा था। वहां पर गैस नहीं मिल सकी। इसके बाद खरखौदा व गन्नौर क्षेत्र के दो स्टेशन से गैस भरवाई। ये स्टेशन गेल गैस कंपनी के नहीं है जिससे वहा गैस उपलब्ध है।
ऑटो और टैक्सी चालकों की बढ़ी परेशानी
सीएनजी पर निर्भर ऑटो व टैक्सी चालकों को परेशानी हो रही है। कई ऑटो सिर्फ सीएनजी से संचालित होते हैं जिससे उनके चालकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें वाहन घर पर खड़े करने पड़ रहे हैं या घंटों लाइन में लगकर गैस लेनी पड़ रही है। काफी कम प्रेशर के चलते बहुत कम गैस मिल रही है। सीएनजी पर निर्भर वाहन चालकों का कहना है कि पहले जहां 300 से 400 रुपये में सीएनजी भरवाकर दिनभर काम चला लेते थे, वहीं अब पेट्रोल के कारण खर्च 30 फीसदी तक बढ़ गया है। इससे उनकी कमाई पर बड़ा असर पड़ा है। कई चालक यात्रियों से बढ़ा हुआ किराया मांगने लगे हैं, जिससे विवाद की स्थिति भी बन रही है।
वर्जन
सोनीपत में सीएनजी की किल्लत गहरा गई है। अभी संकट से उबरने में समय लगेगा। सोनीपत में कुछ स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं। ऑटो व टैक्सी चालक भी परेशान हैं। सीएनजी किल्लत दूर करने के लिए गेल गैस कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है।-प्रविंद्र खत्री, प्रधान, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन सोनीपत।
-सीएनजी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। यमुना का जलस्तर अधिक होने से लाइन की मरम्मत का कार्य प्रभावित है, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए वैकल्पिक रास्ते की तलाश की जा रही है। कंपनी आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रही है।-दीपचंद, जीएम, गेल गैस कंपनी
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सोनीपत। सीएनजी संकट गहराने से जनजीवन अब प्रभावित होने लगा है। सीएनजी नहीं मिलने से ऑटो-टैक्सी चालकों के साथ-साथ स्कूलों की बसें और वैन भी प्रभावित हुई हैं। स्कूलों के अधिकतर वाहन सीएनजी संचालित हैं। ऐसे में सीएनजी नहीं मिलने से कई स्कूलों को छुट्टी करनी पड़ी है। कई ऑटो, टैक्सी और स्कूल वाहन मजबूरी में पेट्रोल के सहारे चल रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
गेल गैस कंपनी की सप्लाई लाइन उत्तर प्रदेश के बागपत के पास यमुना नदी में पानी के तेज बहाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गई थी। जलस्तर अधिक होने के कारण मरम्मत कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही यमुना का जलस्तर कम होगा, मरम्मत कार्य तेज गति से शुरू किया जाएगा। साथ ही, अन्य कंपनी की पाइपलाइन से गैस आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी है।
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स्थिति यह है कि जिले में सिर्फ दो-तीन स्थानों पर ही सीएनजी की आपूर्ति हो रही है, जहां वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। चालक घंटों लाइन में लगने के बाद ही गैस भरवा पा रहे हैं। जिनको गैस नहीं मिल रही है, वह मजबूरी में महंगे पेट्रोल के सहारे गाड़ियों का संचालन कर रहे हैं। इससे उनकी रोजमर्रा की कमाई पर गहरा असर पड़ रहा है।
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सीएनजी नहीं मिलने से राई क्षेत्र के कुछ स्कूलों को बुधवार को छुट्टी करनी पड़ी। एक स्कूल संचालक ने बताया कि गैस का प्रबंध नहीं होने के चलते बस नहीं भेजी गई। इसके चलते दूर से आने वाले बच्चों की छुट्टी कर दी गई। उन्होंने बताया कि पानीपत से गाड़ियों में सीएनजी भरवाकर आए हैं। एक अन्य स्कूल प्रबंधक ने बताया कि सीएनजी लेने के लिए स्कूल बस को दिल्ली भेजा था। वहां पर गैस नहीं मिल सकी। इसके बाद खरखौदा व गन्नौर क्षेत्र के दो स्टेशन से गैस भरवाई। ये स्टेशन गेल गैस कंपनी के नहीं है जिससे वहा गैस उपलब्ध है।
ऑटो और टैक्सी चालकों की बढ़ी परेशानी
सीएनजी पर निर्भर ऑटो व टैक्सी चालकों को परेशानी हो रही है। कई ऑटो सिर्फ सीएनजी से संचालित होते हैं जिससे उनके चालकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें वाहन घर पर खड़े करने पड़ रहे हैं या घंटों लाइन में लगकर गैस लेनी पड़ रही है। काफी कम प्रेशर के चलते बहुत कम गैस मिल रही है। सीएनजी पर निर्भर वाहन चालकों का कहना है कि पहले जहां 300 से 400 रुपये में सीएनजी भरवाकर दिनभर काम चला लेते थे, वहीं अब पेट्रोल के कारण खर्च 30 फीसदी तक बढ़ गया है। इससे उनकी कमाई पर बड़ा असर पड़ा है। कई चालक यात्रियों से बढ़ा हुआ किराया मांगने लगे हैं, जिससे विवाद की स्थिति भी बन रही है।
वर्जन
सोनीपत में सीएनजी की किल्लत गहरा गई है। अभी संकट से उबरने में समय लगेगा। सोनीपत में कुछ स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं। ऑटो व टैक्सी चालक भी परेशान हैं। सीएनजी किल्लत दूर करने के लिए गेल गैस कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है।-प्रविंद्र खत्री, प्रधान, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन सोनीपत।
-सीएनजी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। यमुना का जलस्तर अधिक होने से लाइन की मरम्मत का कार्य प्रभावित है, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए वैकल्पिक रास्ते की तलाश की जा रही है। कंपनी आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रही है।-दीपचंद, जीएम, गेल गैस कंपनी