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Sonipat News: लिपिकों को मिला बल, समर्थन में आए संगठन
Sat, 08 Jul 2023 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 08 Jul 2023 12:43 AM IST
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सोनीपत। वेतनवृद्धि की मांग को लेकर लिपिक शुक्रवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। लघु सचिवालय के बाहर धरनास्थल पर विभिन्न विभागों के लिपिकों ने हड़ताल जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कार्यालयों में काम प्रभावित रहा। लिपिकों के धरने को समर्थन देने के लिए विभिन्न कर्मचारी व सामाजिक संगठन भी आगे आए। संगठनों के पदाधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर लिपिकों को अपना समर्थन दिया।
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी के क्षेत्रीय समन्वयक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में लघु सचिवालय परिसर में हड़ताल पर बैठे लिपिकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुलदीप सिंह ने स्पष्ट किया जब तक लिपिकों की वेतनमान से संबंधित मांग को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल पर रहेंगे। जिले में विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 1500 लिपिकों के हड़ताल पर चले जाने से आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है। तीसरे दिन भी कार्यालयों में काम करवाने पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। लिपिकों की हड़ताल से जहां कार्यालयों में काम प्रभावित हो रहा है, वहीं इससे राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। सरल केंद्र पर तीसरे दिन भी लाइसेंस, आरसी व प्रमाण पत्रों से संबंधित कामकाज नहीं हो पाए। तहसील में रजिस्ट्री संबंधी काम प्रभावित रहा।
सरकार की जनविरोधी नीति से हर वर्ग परेशान : बड़वासनिया
हड़ताल पर बैठे लिपिक वर्ग को जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि उनकी मांग जायज है। सरकार को त्वरित मांग का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी सभी वर्ग सरकार की नीतियों से तंग आ चुके हैं। आए दिन कोई न कोई वर्ग को अपनी मांगों को लेकर धरना देना पड़ रहा है। सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण देश का हर वर्ग दुखी है।
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प्रदेश सरकार व आंदोलनों का शुरुआत से रहा गहरा नाता : जयवीर
मानव अधिकार सरंक्षण संघ ने लिपिक वर्ग को अपना समर्थन दिया। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयवीर गहलावत ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं आंदोलनों का शुरुआती दिनों से ही गहरा नाता रहा है। यह आंदोलन किसी न किसी रूप में हमेशा जमीनी स्तर पर होते रहे हैं। सामान्यत: आंदोलन करना आम जनता एवं कर्मचारियों का मूलभूत अधिकार है और रोष प्रकट करने का लोकतांत्रिक तरीका भी है। इस सरकार में कोई वर्ग नहीं बचा जो आंदोलन न कर चुका हो। इस दौरान राजपाल गुलिया, सत्यवीर आर्य, सतपाल नांदल सहित अन्य मौजूद रहे।
लिपिकों की मांग जायज : सीलकराम
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ नेता सीलकराम मलिक व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग लिपिक वर्ग हरियाणा के प्रदेश महासचिव जगमिंद्र ने लिपिक वर्ग की मांग को जायजा ठहराया है। दोनों नेताओं ने बताया कि 2012 से लिपिक वर्ग लगातार संघर्षरत है। पूर्व की सरकारों ने भी सिर्फ आश्वासन दिया था, समाधान आज तक नहीं हुआ। भाजपा ने भी घोषणापत्र में पंजाब के समान वेतनमान देने की बात कही थी, लेकिन आज तक यह घोषणा पूरी नहीं की गई। प्रदेश में लिपिक वर्ग को 19,900 का वेतनमान दिया जा रहा है, जबकि पंजाब में 34,800 का वेतनमान मिल रहा है।
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क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी के क्षेत्रीय समन्वयक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में लघु सचिवालय परिसर में हड़ताल पर बैठे लिपिकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुलदीप सिंह ने स्पष्ट किया जब तक लिपिकों की वेतनमान से संबंधित मांग को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल पर रहेंगे। जिले में विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 1500 लिपिकों के हड़ताल पर चले जाने से आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है। तीसरे दिन भी कार्यालयों में काम करवाने पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। लिपिकों की हड़ताल से जहां कार्यालयों में काम प्रभावित हो रहा है, वहीं इससे राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। सरल केंद्र पर तीसरे दिन भी लाइसेंस, आरसी व प्रमाण पत्रों से संबंधित कामकाज नहीं हो पाए। तहसील में रजिस्ट्री संबंधी काम प्रभावित रहा।
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सरकार की जनविरोधी नीति से हर वर्ग परेशान : बड़वासनिया
हड़ताल पर बैठे लिपिक वर्ग को जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि उनकी मांग जायज है। सरकार को त्वरित मांग का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी सभी वर्ग सरकार की नीतियों से तंग आ चुके हैं। आए दिन कोई न कोई वर्ग को अपनी मांगों को लेकर धरना देना पड़ रहा है। सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण देश का हर वर्ग दुखी है।
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प्रदेश सरकार व आंदोलनों का शुरुआत से रहा गहरा नाता : जयवीर
मानव अधिकार सरंक्षण संघ ने लिपिक वर्ग को अपना समर्थन दिया। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयवीर गहलावत ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं आंदोलनों का शुरुआती दिनों से ही गहरा नाता रहा है। यह आंदोलन किसी न किसी रूप में हमेशा जमीनी स्तर पर होते रहे हैं। सामान्यत: आंदोलन करना आम जनता एवं कर्मचारियों का मूलभूत अधिकार है और रोष प्रकट करने का लोकतांत्रिक तरीका भी है। इस सरकार में कोई वर्ग नहीं बचा जो आंदोलन न कर चुका हो। इस दौरान राजपाल गुलिया, सत्यवीर आर्य, सतपाल नांदल सहित अन्य मौजूद रहे।
लिपिकों की मांग जायज : सीलकराम
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ नेता सीलकराम मलिक व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग लिपिक वर्ग हरियाणा के प्रदेश महासचिव जगमिंद्र ने लिपिक वर्ग की मांग को जायजा ठहराया है। दोनों नेताओं ने बताया कि 2012 से लिपिक वर्ग लगातार संघर्षरत है। पूर्व की सरकारों ने भी सिर्फ आश्वासन दिया था, समाधान आज तक नहीं हुआ। भाजपा ने भी घोषणापत्र में पंजाब के समान वेतनमान देने की बात कही थी, लेकिन आज तक यह घोषणा पूरी नहीं की गई। प्रदेश में लिपिक वर्ग को 19,900 का वेतनमान दिया जा रहा है, जबकि पंजाब में 34,800 का वेतनमान मिल रहा है।